Q&A & Flashcards Available

Access questions, answers and flashcards for this chapter

View Q&A
Infographic
Quick Navigation:
|

हबीब तनवीर - कारतूस

लेखक: हबीब तनवीर

यह एकांकी (नाटक) एक जाँबाज़ सिपाही वज़ीर अली की बहादुरी और अंग्रेजों के खिलाफ उसके संघर्ष की कहानी बयां करती है।

1. पृष्ठभूमि और पात्र परिचय

  • समय और स्थान: यह घटना सन 1799 की है। गोरखपुर के जंगल में रात के समय कर्नल कालिंज और एक लेफ़्टिनेंट अपने सैनिकों के साथ डेरा जमाए हुए हैं।
  • उद्देश्य: अंग्रेज सेना वज़ीर अली को गिरफ्तार करने के लिए जंगल में छिपी हुई है, जो पिछले कई हफ्तों से उन्हें चकमा दे रहा है।
  • वज़ीर अली का व्यक्तित्व: कर्नल के अनुसार, वज़ीर अली इतना निडर और खतरनाक है कि उसके कारनामे सुनकर 'रॉबिनहुड' की याद आ जाती है। उसके दिल में अंग्रेजों के खिलाफ कूट-कूट कर नफरत भरी है।

2. वज़ीर अली का इतिहास और संघर्ष

  • अवध का नवाब: वज़ीर अली अवध का नवाब था, लेकिन अंग्रेजों ने उसे हटाकर उसके चाचा 'सआदत अली' को गद्दी पर बैठा दिया। सआदत अली अंग्रेजों का मित्र और ऐशो-आराम पसंद करने वाला व्यक्ति था, जिसने अंग्रेजों को अपनी आधी जायदाद और दस लाख रुपये नकद दिए।
  • वकील की हत्या: गद्दी से हटाए जाने के बाद वज़ीर अली को बनारस भेज दिया गया और 3 लाख रुपये सालाना वज़ीफ़ा तय किया गया। बाद में गवर्नर जनरल ने उसे कलकत्ता बुलाया। जब वज़ीर अली ने कंपनी के वकील से शिकायत की, तो वकील ने उसकी बात सुनने के बजाय उसे बुरा-भला कहा। गुस्से में वज़ीर अली ने खंजर से वकील की हत्या कर दी।
  • फरारी: हत्या के बाद वह अपने साथियों के साथ आजमगढ़ की तरफ भाग गया और तब से जंगलों में रहकर अपनी ताकत बढ़ा रहा है।

3. वज़ीर अली की योजना

  • बड़ी साजिश: वज़ीर अली नेपाल पहुँचना चाहता है। उसकी योजना है कि वह अफ़ग़ानिस्तान के बादशाह शाह-ए-जमा को हिंदुस्तान पर हमला करने की दावत दे (जो टीपू सुल्तान ने भी दी थी) और अंग्रेजों को देश से बाहर खदेड़ दे।
  • अंग्रेजों का डर: कर्नल और लेफ़्टिनेंट को डर है कि अगर वज़ीर अली कामयाब हो गया, तो लॉर्ड क्लाइव और हेस्टिंग्स ने जो भी हासिल किया है, वह सब लॉर्ड वेलेजली के हाथों से निकल जाएगा। पूरा हिंदुस्तान अंग्रेजों के खिलाफ खड़ा हो सकता है।

4. घुड़सवार का आगमन (कहानी का चरमोत्कर्ष)

  • धूल का गुबार: अचानक कर्नल के खेमे की तरफ धूल उड़ती दिखाई देती है। ऐसा लगता है जैसे पूरा काफिला आ रहा हो, लेकिन वह एक अकेला घुड़सवार होता है जो बड़ी तेजी से आ रहा था।
  • मुलाकात: घुड़सवार कर्नल के तंबू में आता है और कर्नल से अकेले में (तन्हाई में) मिलने की मांग करता है। कर्नल सिपाहियों और लेफ़्टिनेंट को बाहर भेज देता है।
  • बातचीत:
    • घुड़सवार पूछता है कि इतनी बड़ी फौज यहाँ क्यों है। कर्नल बताता है कि वे वज़ीर अली को पकड़ने के लिए हैं।
    • घुड़सवार कहता है कि वज़ीर अली को पकड़ना बहुत मुश्किल है क्योंकि वह एक जाँबाज़ सिपाही है।
    • घुड़सवार कर्नल से "चंद कारतूस" मांगता है। कर्नल उससे पूछता है कि किसलिए, तो वह जवाब देता है—"वज़ीर अली को गिरफ्तार करने के लिए।"

5. रहस्योद्घाटन और अंत

  • कारतूस की प्राप्ति: कर्नल उस घुड़सवार को अपना मददगार समझकर उसे 10 कारतूस दे देता है।
  • परिचय: कारतूस लेने के बाद जब कर्नल उसका नाम पूछता है, तो वह जवाब देता है—"वज़ीर अली"
  • जीवन दान: वज़ीर अली कहता है, "आपने मुझे कारतूस दिए, इसलिए आपकी जान बख्शी करता हूँ।" यह कहकर वह घोड़े पर सवार होकर निकल जाता है।
  • कर्नल की हालत: कर्नल हक्का-बक्का रह जाता है। जब लेफ़्टिनेंट अंदर आकर पूछता है कि वह कौन था, तो कर्नल दबी जुबान में और हैरान होकर कहता है—"एक जाँबाज़ सिपाही।"

निष्कर्ष: यह अध्याय वज़ीर अली की निडरता, चतुराई और देशप्रेम का एक बेहतरीन उदाहरण प्रस्तुत करता है, जिसने शेर की मांद (अंग्रेजों के खेमे) में जाकर उन्हीं से हथियार हासिल किए।

Quick Navigation:
|