कारतूस - प्रश्न-अभ्यास
मौखिक
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए—
1. कर्नल कालिंज का खेमा जंगल में क्यों लगा हुआ था?
कर्नल कालिंज का खेमा वज़ीर अली को गिरफ़्तार करने के लिए गोरखपुर के जंगल में लगा हुआ था। वज़ीर अली अंग्रेजों का दुश्मन था और उसने उनकी नाक में दम कर रखा था।
2. वज़ीर अली से सिपाही क्यों तंग आ चुके थे?
सिपाही वज़ीर अली से इसलिए तंग आ चुके थे क्योंकि वे हफ़्तों से जंगल में डेरा डाले हुए थे, लेकिन वज़ीर अली उनकी पकड़ में नहीं आ रहा था। जंगल की ज़िंदगी और मच्छरों से वे परेशान हो गए थे।
3. कर्नल ने सवार पर नज़र रखने के लिए क्यों कहा?
कर्नल ने सवार पर नज़र रखने के लिए इसलिए कहा ताकि यह पता चल सके कि वह किस दिशा में जा रहा है और कहीं वह वज़ीर अली का कोई आदमी तो नहीं है जो उनकी जासूसी करने या हमला करने आ रहा हो।
4. सवार ने क्यों कहा कि वज़ीर अली की गिरफ़्तारी बहुत मुश्किल है?
सवार ने ऐसा इसलिए कहा क्योंकि वह स्वयं वज़ीर अली था और वह अपनी बहादुरी और चालाकी पर पूरा भरोसा रखता था। वह यह जताना चाहता था कि उसे पकड़ना किसी साधारण सिपाही या कर्नल के बस की बात नहीं है।
लिखित
(क) निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए—
1. वज़ीर अली के अफ़साने सुनकर कर्नल को रॉबिनहुड की याद क्यों आ जाती थी?
जिस प्रकार रॉबिनहुड जंगल में रहता था और अमीर अंग्रेजों को लूटकर गरीबों की मदद करता था तथा बहुत बहादुर था, उसी प्रकार वज़ीर अली भी जंगल में रहकर अंग्रेजों के खिलाफ़ बहादुरी से लड़ रहा था। उसके कारनामे रॉबिनहुड की तरह ही रोमांचक और साहस भरे थे।
2. सआदत अली कौन था? उसने वज़ीर अली की पैदाइश को अपनी मौत क्यों समझा?
सआदत अली अवध के नवाब आसिफ़ुद्दौला का भाई और वज़ीर अली का चाचा था। पहले आसिफ़ुद्दौला के कोई संतान नहीं थी, इसलिए सआदत अली को नवाब बनने की उम्मीद थी। मगर वज़ीर अली के पैदा होते ही उसे लगा कि अब उसका नवाब बनने का सपना टूट गया है, इसलिए उसने वज़ीर अली की पैदाइश को अपनी मौत (यानी अपने राज-पाट के खत्म होने का कारण) समझा।
3. सआदत अली को अवध के तख्त पर बिठाने के पीछे कर्नल का क्या मकसद था?
कर्नल का मकसद धन-दौलत और ऐशो-आराम हासिल करना था। सआदत अली अंग्रेजों का मित्र था और ऐश-पसंद आदमी था। उसने तख्त के बदले कर्नल को अपनी आधी जायदाद और दस लाख रुपये नकद दिए, जिससे अंग्रेजों को बहुत फायदा हुआ।
4. कंपनी के वकील का कत्ल करने के बाद वज़ीर अली ने अपनी हिफ़ाज़त कैसे की?
वकील का कत्ल करने के बाद वज़ीर अली अपने साथियों के साथ आज़मगढ़ की तरफ़ भाग गया। वहाँ के शासकों ने उसे अपनी सुरक्षा में ले लिया और घाघरा तक पहुँचा दिया। तब से वह जंगलों में छिपकर अपनी शक्ति बढ़ा रहा था।
5. सवार के जाने के बाद कर्नल क्यों हक्का-बक्का रह गया?
कर्नल हक्का-बक्का इसलिए रह गया क्योंकि जिस वज़ीर अली को पकड़ने के लिए वह पूरी फौज लेकर जंगल में बैठा था, वही वज़ीर अली भेस बदलकर उसके खेमे में आया, उससे कारतूस लिए और अपना असली नाम बताकर साफ़-साफ़ बचकर निकल गया। कर्नल उसकी निडरता देखकर दंग रह गया।
(ख) निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए—
1. लेफ़्टिनेंट को ऐसा क्यों लगा कि कंपनी के खिलाफ़ सारे हिंदुस्तान में एक लहर दौड़ गई है?
लेफ़्टिनेंट ने देखा कि सिर्फ़ वज़ीर अली ही नहीं, बल्कि दक्षिण में टीपू सुल्तान और बंगाल में नवाब का भाई शम्सुद्दौला भी अंग्रेजों के खिलाफ़ हो गए थे। ये सभी अफ़गानिस्तान के बादशाह शाह-ए-जमा को हिंदुस्तान पर हमला करने का निमंत्रण दे रहे थे। इन घटनाओं को देखकर लेफ़्टिनेंट को लगा कि अगर ये सब मिल गए, तो अंग्रेजों का शासन खतरे में पड़ जाएगा और पूरे देश में उनके खिलाफ़ विद्रोह की लहर दौड़ जाएगी।
2. वज़ीर अली ने कंपनी के वकील का कत्ल क्यों किया?
वज़ीर अली को उसके पद से हटाकर बनारस भेज दिया गया था। कुछ महीनों बाद गवर्नर जनरल ने उसे कलकत्ता बुलाया। वज़ीर अली ने कंपनी के वकील, जो बनारस में रहता था, से शिकायत की कि उसे बार-बार क्यों परेशान किया जा रहा है। वकील ने उसकी शिकायत सुनने के बजाय उसे बुरा-भला सुना दिया और उसका अपमान किया। वज़ीर अली को गुस्सा आ गया और उसने खंजर से वकील का कत्ल कर दिया।
3. सवार ने कर्नल से कारतूस कैसे हासिल किए?
सवार (वज़ीर अली) कर्नल के खेमे में बेखौफ होकर दाखिल हुआ। उसने कर्नल से कहा कि वह वज़ीर अली को गिरफ़्तार करना चाहता है, इसलिए उसे कुछ कारतूस चाहिए। उसकी बातों और आत्मविश्वास को देखकर कर्नल को लगा कि यह भी वज़ीर अली का दुश्मन है। कर्नल ने बिना शक किए उसे दस कारतूस दे दिए। इस तरह अपनी चतुराई और निडरता से उसने दुश्मन से ही हथियार हासिल कर लिए।
4. वज़ीर अली एक जाँबाज़ सिपाही था, कैसे? स्पष्ट कीजिए।
वज़ीर अली सचमुच एक जाँबाज़ सिपाही था। वह मौत से नहीं डरता था। जब अंग्रेजों ने उसका राज-पाट छीना, तो उसने हार नहीं मानी। उसने अकेले ही दुश्मन (अंग्रेजों) के खेमे में जाने का साहस किया। वह कर्नल के सामने खड़ा होकर न केवल कारतूस माँग लाया, बल्कि अपना असली नाम बताकर उन्हें चुनौती भी दे आया। "जान बख्शी" की बात कहकर उसने साबित कर दिया कि वह कितना साहसी और स्वाभिमानी योद्धा है।
(ग) निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए—
1. मुट्ठीभर आदमी और ये दमखम।
आशय: इसका अर्थ है कि वज़ीर अली के पास सैनिकों की संख्या बहुत कम थी (मुट्ठीभर), लेकिन उनका साहस और ताकत (दमखम) बहुत ज़्यादा थी। वे अपनी थोड़ी सी सेना के साथ भी अंग्रेजों की विशाल फौज का मुकाबला कर रहे थे और उन्हें नाकों चने चबवा रहे थे। यह उनकी आत्मशक्ति और दृढ़ निश्चय को दर्शाता है।
2. गर्द तो ऐसे उड़ रही है जैसे कि पूरा एक काफ़िला चला आ रहा हो मगर मुझे तो एक ही सवार नज़र आता है।
आशय: जब वज़ीर अली कर्नल के खेमे की तरफ़ आ रहा था, तो उसने अपने घोड़े को इतनी तेज़ दौड़ाया कि उससे बहुत ज़्यादा धूल (गर्द) उड़ने लगी। यह धूल इतनी थी कि देखने वाले को लगा जैसे पूरी फौज आ रही हो। यह पंक्ति वज़ीर अली की गति, ऊर्जा और उसके घोड़े की रफ़्तार को दर्शाती है, जो अकेले ही एक सेना के बराबर प्रभाव डाल रहा था।
भाषा अध्ययन
1. निम्नलिखित शब्दों का एक-एक पर्याय लिखिए—
खिलाफ़, पाक, उम्मीद, हासिल, कामयाब, वज़ीफ़ा, नफ़रत, हमला, इंतज़ार, मुमकिन
खिलाफ़: विरुद्ध
पाक: पवित्र (या साफ़)
उम्मीद: आशा
हासिल: प्राप्त
कामयाब: सफल
वज़ीफ़ा: वृत्ति (भत्ता)
नफ़रत: घृणा
हमला: आक्रमण
इंतज़ार: प्रतीक्षा
मुमकिन: संभव
2. निम्नलिखित मुहावरों का अपने वाक्यों में प्रयोग कीजिए—
आँखों में धूल झोंकना, कूट-कूट कर भरना, काम तमाम कर देना, जान बख्श देना, हक्का-बक्का रह जाना।
1. आँखों में धूल झोंकना: चोर पुलिस की आँखों में धूल झोंककर फरार हो गया।
2. कूट-कूट कर भरना: रानी लक्ष्मीबाई में देश-प्रेम कूट-कूट कर भरा था।
3. काम तमाम कर देना: भारतीय सेना ने घुसपैठियों का काम तमाम कर दिया।
4. जान बख्श देना: राजा ने दया करके अपराधी की जान बख्श दी।
5. हक्का-बक्का रह जाना: वज़ीर अली की हिम्मत देखकर कर्नल हक्का-बक्का रह गया।
3. कारक वाक्य में संज्ञा या सर्वनाम का क्रिया के साथ संबंध बताता है। निम्नलिखित वाक्यों में कारकों को रेखांकित कर उनके नाम लिखिए—
(क) जंगल की ज़िंदगी बड़ी खतरनाक होती है।
जंगल की (संबंध कारक)
(ख) कंपनी के खिलाफ़ सारे हिंदुस्तान में एक लहर दौड़ गई।
कंपनी के (संबंध कारक), हिंदुस्तान में (अधिकरण कारक)
(ग) वज़ीर को उसके पद से हटा दिया गया।
वज़ीर को (कर्म कारक), पद से (अपादान कारक)
(घ) फ़ौज के लिए कारतूस की आवश्यकता थी।
फ़ौज के लिए (संप्रदान कारक), कारतूस की (संबंध कारक)
(ङ) सिपाही घोड़े पर सवार था।
घोड़े पर (अधिकरण कारक)
4. क्रिया का लिंग और वचन सामान्यतः कर्ता और कर्म के लिंग और वचन के अनुसार निर्धारित होता है। नीचे दिए गए वाक्यों में 'ने' लगाकर उन्हें दोबारा लिखिए—
(क) घोड़ा पानी पी रहा था।
घोड़े ने पानी पिया।
(ख) बच्चे दशहरे का मेला देखने गए।
बच्चों ने दशहरे का मेला देखा।
(ग) रॉबिनहुड गरीबों की मदद करता था।
रॉबिनहुड ने गरीबों की मदद की।
(घ) देशभर के लोग उसकी प्रशंसा कर रहे थे।
देशभर के लोगों ने उसकी प्रशंसा की।
5. निम्नलिखित वाक्यों में उचित विराम-चिह्न लगाइए—
(क) कर्नल ने कहा सिपाहियों इस पर नज़र रखो ये किस तरफ़ जा रहा है
कर्नल ने कहा, "सिपाहियों! इस पर नज़र रखो, ये किस तरफ़ जा रहा है।"
(ख) सवार ने पूछा आपने इस मुकाम पर क्यों खेमा डाला है इतने लाव-लश्कर की क्या ज़रूरत है
सवार ने पूछा, "आपने इस मुकाम पर क्यों खेमा डाला है? इतने लाव-लश्कर की क्या ज़रूरत है?"
(ग) खेमे के अंदर दो व्यक्ति बैठे बातें कर रहे थे चाँदनी छिटकी हुई थी और बाहर सिपाही पहरा दे रहे थे एक व्यक्ति कह रहा था दुश्मन कभी भी हमला कर सकता है
खेमे के अंदर दो व्यक्ति बैठे बातें कर रहे थे। चाँदनी छिटकी हुई थी और बाहर सिपाही पहरा दे रहे थे। एक व्यक्ति कह रहा था, "दुश्मन कभी भी हमला कर सकता है।"