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दिए गए स्रोतों के आधार पर, इस अध्याय का मुख्य बिंदुवार सारांश निम्नलिखित है:
- पुरी (ओडिशा): यह पूर्वी भारत में स्थित हिंदुओं के चार पवित्र धामों में से एक है और बंगाल की खाड़ी के तट पर स्थित है। यहाँ का जगन्नाथ मंदिर और दुनिया भर में प्रसिद्ध रथ-यात्रा इसके मुख्य आकर्षण हैं।
- त्रिवेंद्रम (केरल): केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम, प्राचीन और आधुनिक भारतीय वास्तुकला का एक अद्भुत संगम है। यहाँ पद्मनाभ स्वामी मंदिर, विज्ञान एवं टेक्नोलॉजी संग्रहालय और कई सुंदर समुद्री तट पर्यटकों का स्वागत करते हैं।
- गोवा: इसे 'समुद्री तटों का सम्राट' कहा जाता है, जहाँ पणजी, वास्को और मडगाँव जैसे प्रमुख नगर हैं। यहाँ की सांस्कृतिक विविधता में बेस्सलीका ऑफ जीसस जैसे ऐतिहासिक चर्च और श्री भगवती मंदिर जैसे कई मंदिर शामिल हैं।
- कन्याकुमारी: यह भारतीय प्रायद्वीप का अंतिम छोर है जहाँ तीन समुद्रों का मिलन होता है। यह स्थान स्वामी विवेकानंद के अध्यात्म और देवी पार्वती की तपस्या की कथा से जुड़ा है, और यहाँ का सूर्यास्त बहुत प्रसिद्ध है।
- लक्षद्वीप: यह अरब सागर में 36 द्वीपों का एक समूह है, जिसकी पहचान इसकी समुद्री वनस्पतियों और हज़रत उबैदुल्ला द्वारा फैलाए गए इस्लाम धर्म से है। यहाँ काँच के तले वाली नौकाओं से समुद्र के भीतर के जीव-जंतुओं को देखना एक प्रमुख गतिविधि है।
- विश्व के सात अजूबे: अध्याय के अंत में दुनिया की सात अद्भुत संरचनाओं का वर्णन है, जिनमें भारत का ताजमहल, चीन की दीवार, ब्राजील की 'क्राइस्ट रिडीमर', रोम का कोलोजियम, जॉर्डन का पेट्रा शहर, पेरू का माचू-पिच्चू और मैक्सिको का चिचेन इत्जा पिरामिड शामिल हैं।
भारत के इन तटीय क्षेत्रों की सुंदरता और इतिहास को समझना वैसा ही है जैसे एक माला के मोतियों को पिरोना, जहाँ हर मोती (शहर) का अपना अलग रंग और चमक है, लेकिन सब मिलकर देश की सांस्कृतिक समृद्धि को बढ़ाते हैं।
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