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यह अध्याय "अनोखी उपलब्धियाँ" विभिन्न क्षेत्रों में असाधारण सफलता प्राप्त करने वाली भारतीय महिलाओं के प्रेरक जीवन और उनके योगदान पर प्रकाश डालता है। यहाँ इस अध्याय का बिंदुवार सारांश दिया गया है:
- अमृता शेरगिल (चित्रकला): अमृता एक असाधारण प्रतिभा-संपन्न चित्रकार थीं, जिनके पिता भारतीय और माँ हंगरी की निवासी थीं। उन्होंने मात्र छह-सात वर्ष की आयु में ही कहानियों को रंगों के माध्यम से चित्रित करना शुरू कर दिया था। उनकी कला में यूरोप के बर्फीले पहाड़ों और शिमला की हरियाली का सुंदर मिश्रण देखने को मिलता है, जिसके लिए उन्होंने पेरिस में भी शिक्षा प्राप्त की।
- कल्पना चावला (अंतरिक्ष विज्ञान): हरियाणा के करनाल में जन्मी कल्पना चावला अंतरिक्ष में जाने वाली भारतीय मूल की पहली महिला थीं। उन्होंने नासा (NASA) में शोध वैज्ञानिक के रूप में कार्य किया और 1997 में अपनी पहली अंतरिक्ष यात्रा पूरी की। 2003 में अपनी दूसरी यात्रा के दौरान, उन्होंने कैंसर कोशिकाओं और भारहीनता पर महत्वपूर्ण प्रयोग किए, लेकिन अंततः वे अंतरिक्ष में ही विलीन हो गईं, जिससे उनका शोध पूरे विश्व के लिए एक विरासत बन गया।
- साइना नेहवाल (खेल): साइना ने बैडमिंटन की दुनिया में भारत को अंतर्राष्ट्रीय ख्याति दिलाई। उन्हें यह खेल अपनी विरासत में मिला था क्योंकि उनके माता-पिता भी बैडमिंटन चैंपियन रह चुके थे। उन्होंने 2010 के राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर भारत का मान बढ़ाया और उन्हें 'राजीव गांधी खेल रत्न' जैसे सर्वोच्च खेल पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया है।
- प्रेरणा और आदर्श: ये सभी महिलाएँ अपनी शारीरिक सहनशक्ति, मानसिक स्फूर्ति और अटूट परिश्रम के कारण आज विश्व भर के किशोर-किशोरियों के लिए एक आदर्श बन गई हैं,।
- समान अवसर: अध्याय का निष्कर्ष यह है कि आज हमारे देश में महिलाओं को आगे बढ़ने के समान अवसर प्राप्त हो रहे हैं और वे विभिन्न क्षेत्रों में सफलता के नए आयाम स्थापित कर रही हैं।
एक सरल उपमा: जैसे एक छोटा बीज सही पोषण मिलने पर एक विशाल और छायादार वृक्ष बन जाता है, वैसे ही इन महिलाओं ने अपनी प्रतिभा और कठिन परिश्रम से न केवल अपने सपनों को साकार किया, बल्कि पूरे विश्व के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बनीं।
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