बालगोबिन भगत
प्रश्न-अभ्यास1. खेतीबारी से जुड़े गृहस्थ बालगोबिन भगत अपनी किन चारित्रिक विशेषताओं के कारण साधु कहलाते थे?
उत्तर: बालगोबिन भगत खेतीबारी करने वाले एक गृहस्थ थे, लेकिन उनका आचरण संन्यासियों जैसा पवित्र और सच्चा था। वे निम्नलिखित विशेषताओं के कारण 'साधु' कहलाते थे:
1. वे कबीर को अपना 'साहब' (ईश्वर/गुरु) मानते थे और उन्हीं के गीतों को गाते व आदेशों का पालन करते थे।
2. वे कभी झूठ नहीं बोलते थे और सबसे खरा (सच्चा) व्यवहार रखते थे।
3. वे किसी की चीज़ बिना पूछे न छूते थे और न ही व्यवहार में लाते थे। यहाँ तक कि वे दूसरे के खेत में शौच के लिए भी नहीं जाते थे।
4. वे अपनी फसल को पहले सिर पर लादकर कबीरपंथी मठ में ले जाते थे और वहाँ से जो 'प्रसाद' रूप में मिलता, उसी से अपना गुजारा करते थे।
5. उनमें लोभ, लालच या संग्रह की प्रवृत्ति बिलकुल नहीं थी। उनका जीवन सादगी और त्याग से भरा था।
2. भगत की पुत्रवधू उन्हें अकेले क्यों नहीं छोड़ना चाहती थी?
उत्तर: भगत का इकलौता बेटा मर चुका था और वे बूढ़े हो गए थे। पुत्रवधू को चिंता थी कि:
1. उसके चले जाने के बाद बुढ़ापे में भगत के लिए भोजन कौन बनाएगा?
2. यदि वे बीमार पड़ गए, तो उन्हें एक चुल्लू पानी देने वाला भी कोई नहीं होगा।
3. वह सेवा-भाव से अपने ससुर के शेष जीवन को सुखद बनाना चाहती थी, इसलिए वह उन्हें अकेले छोड़कर नहीं जाना चाहती थी।
3. भगत ने अपने बेटे की मृत्यु पर अपनी भावनाएँ किस तरह व्यक्त कीं?
उत्तर: बेटे की मृत्यु पर भगत ने शोक मनाने के बजाय उत्सव मनाया। उन्होंने:
1. बेटे के शव को आंगन में चटाई पर लिटाकर सफेद कपड़े से ढक दिया और उस पर फूल व तुलसीदल बिखेर दिए।
2. सिरहाने एक चिराग (दीपक) जला दिया।
3. वे शव के पास बैठकर तल्लीनता से कबीर के भक्ति गीत गाने लगे।
4. उन्होंने अपनी रोती हुई पुत्रवधू को चुप कराया और कहा कि यह रोने का नहीं, उत्सव मनाने का समय है क्योंकि "आत्मा परमात्मा के पास चली गई है, विरहिनी अपने प्रेमी से जा मिली है।" उनके अनुसार मृत्यु दुख नहीं, बल्कि आनंद का विषय है।
4. भगत के व्यक्तित्व और उनकी वेशभूषा का अपने शब्दों में चित्र प्रस्तुत कीजिए।
उत्तर: व्यक्तित्व: बालगोबिन भगत साठ वर्ष से ऊपर के मँझोले कद के गोरे-चिट्टे व्यक्ति थे। उनका चेहरा सफेद बालों से जगमगाता रहता था। वे सच्चे, सीधे और संयमी स्वभाव के गृहस्थ संत थे।
वेशभूषा: वे बहुत कम कपड़े पहनते थे। कमर में केवल एक लंगोटी और सिर पर कबीरपंथियों जैसी कनफटी टोपी पहनते थे। सर्दियों में वे ऊपर से एक काली कमली (कंबल) ओढ़ लेते थे। माथे पर हमेशा रामानंदी चंदन का टीका लगाते थे जो नाक के एक छोर से शुरू होता था और गले में तुलसी की जड़ों की एक बेडौल माला पहनते थे।
5. बालगोबिन भगत की दिनचर्या लोगों के अचरज का कारण क्यों थी?
उत्तर: बालगोबिन भगत की दिनचर्या अत्यंत अनुशासित और कठोर थी, जिसे देखकर लोग हैरान रह जाते थे:
1. वे बहुत सवेरे (भोर में) उठकर दो मील दूर नदी में स्नान करने जाते थे।
2. वापसी में गाँव के बाहर पोखर के ऊँचे भिंडे पर बैठकर खंजड़ी बजाते हुए गीत गाते थे।
3. दाँत किटकिटाने वाली कड़ाके की सर्दी (माघ) में भी वे खुले बदन बैठकर ईश्वर भक्ति में लीन रहते थे और उनके माथे पर पसीने की बूंदें चमकने लगती थीं।
4. गर्मियों की उमस भरी शाम को भी वे अपने गीतों से शीतल कर देते थे।
5. बुढ़ापे में भी उनकी चुस्ती, फुर्ती और नियम-धर्म में कोई कमी नहीं आई थी।
6. पाठ के आधार पर बालगोबिन भगत के मधुर गायन की विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर: बालगोबिन भगत का गायन इतना मधुर और प्रभावकारी था कि उसे 'जादू' कहा गया है।
1. उनका स्वर सुरीला, लयबद्ध और आरोह-अवरोह (उतार-चढ़ाव) से युक्त होता था।
2. उनके गीत सुनकर बच्चे झूम उठते थे, औरतों के होंठ गुनगुनाने लगते थे और हलवाहों के पैर ताल से उठने लगते थे।
3. उनका संगीत निस्तब्धता (सन्नाटे) को तोड़कर लोगों में नई ऊर्जा भर देता था।
4. भादों की अँधेरी रात में भी उनकी खंजड़ी और गीत बिजली की तरह लोगों को चौंका देते थे और जगा देते थे।
7. कुछ मार्मिक प्रसंगों के आधार पर यह दिखाई देता है कि बालगोबिन भगत प्रचलित सामाजिक मान्यताओं को नहीं मानते थे। पाठ के आधार पर उन प्रसंगों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर: बालगोबिन भगत ने कई बार रूढ़िवादी सामाजिक मान्यताओं को तोड़ा:
1. बेटे की मृत्यु पर उत्सव: समाज में मृत्यु पर रोने-धोने की प्रथा है, लेकिन उन्होंने इसे आत्मा-परमात्मा का मिलन मानकर उत्सव मनाया।
2. स्त्री द्वारा दाह-संस्कार: उन्होंने बेटे के क्रिया-कर्म में रूढ़ियों को नहीं माना और अपनी पुत्रवधू से ही बेटे को मुखाग्नि (आग) दिलवाई, जबकि यह अधिकार पुरुषों का माना जाता है।
3. विधवा विवाह का समर्थन: श्राद्ध की अवधि पूरी होते ही उन्होंने पुत्रवधू के भाई को बुलाकर उसे साथ भेज दिया और आदेश दिया कि "इसकी दूसरी शादी कर देना।" उस समय विधवा विवाह को समाज में अच्छा नहीं माना जाता था, फिर भी उन्होंने एक क्रांतिकारी कदम उठाया।
8. धान की रोपाई के समय समूचे माहौल को भगत की स्वर लहरियाँ किस तरह चमत्कृत कर देती थीं? उस माहौल का शब्द-चित्र प्रस्तुत कीजिए।
उत्तर: आषाढ़ के महीने में जब रिमझिम बारिश होती थी और पूरा गाँव खेतों में धान की रोपाई कर रहा होता था, तब कीचड़ में लथपथ बालगोबिन भगत जब गाते थे, तो माहौल जादुई हो जाता था।
शब्द-चित्र:
उनके कंठ से निकला एक-एक शब्द संगीत के जीने पर चढ़कर स्वर्ग की ओर जाता हुआ प्रतीत होता था। उनके मधुर गान को सुनकर खेलते हुए बच्चे झूमने लगते थे। मेड़ पर कलेवा लेकर बैठी औरतों के होंठ काँप उठते थे और वे भी गुनगुनाने लगती थीं। हल चलाने वालों के पैर और रोपाई करने वालों की उंगलियाँ एक विशेष ताल और क्रम में चलने लगती थीं। उनका संगीत थके हुए किसानों में नया जोश और उल्लास भर देता था।
रचना और अभिव्यक्ति
9. पाठ के आधार पर बताएँ कि बालगोबिन भगत की कबीर पर श्रद्धा किन-किन रूपों में प्रकट हुई है?
उत्तर: बालगोबिन भगत की कबीर पर अपार श्रद्धा निम्नलिखित रूपों में प्रकट हुई है:
1. वे कबीर को ही अपना 'साहब' (ईश्वर/स्वामी) मानते थे।
2. वे सिर पर कबीरपंथियों जैसी कनफटी टोपी पहनते थे।
3. वे हमेशा कबीर के ही पदों को गाते थे।
4. वे अपनी फसल को पहले कबीर मठ में भेंट करते थे और प्रसाद रूप में जो मिलता, उसी में संतोष करते थे।
5. उन्होंने कबीर के इस दर्शन को जीवन में उतारा कि शरीर नश्वर है और मृत्यु आत्मा की परमात्मा से मुक्ति है।
10. आपकी दृष्टि में भगत की कबीर पर अगाध श्रद्धा के क्या कारण रहे होंगे?
उत्तर: मेरी दृष्टि में भगत की कबीर पर अगाध श्रद्धा के मुख्य कारण ये हो सकते हैं:
1. कबीर का गृहस्थ जीवन और सादगी भगत के स्वभाव से मेल खाती थी।
2. कबीर द्वारा बाह्य आडंबरों, ढोंग और कर्मकांडों का विरोध भगत को तार्किक और सही लगा होगा।
3. कबीर की स्पष्टवादिता, सत्यनिष्ठा और 'सादा जीवन उच्च विचार' के सिद्धांत ने भगत को गहराई से प्रभावित किया होगा।
4. कबीर का निर्गुण ब्रह्म और आत्मा-परमात्मा का दर्शन भगत की आध्यात्मिक चेतना को संतुष्ट करता होगा।
11. गाँव का सामाजिक-सांस्कृतिक परिवेश आषाढ़ चढ़ते ही उल्लास से क्यों भर जाता है?
उत्तर: भारत एक कृषि प्रधान देश है और गाँव का जीवन पूरी तरह खेती पर निर्भर है। आषाढ़ का महीना वर्षा ऋतु के आगमन का सूचक है। तपती गर्मी के बाद बारिश होने से किसानों के चेहरों पर खुशी आ जाती है। यह समय धान की रोपाई का होता है, जिससे साल भर के भोजन का प्रबंध होता है। इसलिए, आषाढ़ आते ही बच्चे, बूढ़े, स्त्रियाँ और पुरुष सभी खेतों में निकल पड़ते हैं। ठंडी हवा, बारिश की फुहार और नई फसल की उम्मीद पूरे गाँव के परिवेश को उल्लास और उमंग से भर देती है।
12. "ऊपर की तसवीर से यह नहीं माना जाए कि बालगोबिन भगत साधु थे।" क्या 'साधु' की पहचान पहनावे के आधार पर की जानी चाहिए? आप किन आधारों पर यह सुनिश्चित करेंगे कि अमुक व्यक्ति 'साधु' है?
उत्तर: नहीं, 'साधु' की पहचान केवल गेरुआ वस्त्र, लंबी दाढ़ी या माला जैसे पहनावे के आधार पर नहीं की जानी चाहिए, क्योंकि बाहरी वेशभूषा धारण करना आसान है।
साधु की पहचान उसके 'आचरण' और 'विचारों' से होनी चाहिए। मेरे अनुसार एक सच्चा साधु वह है जो:
1. सत्यवादी हो और जिसका चरित्र पवित्र हो।
2. जो निस्वार्थ भाव से दूसरों का भला करे (परोपकारी हो)।
3. जिसमें लोभ, मोह, क्रोध और अहंकार न हो।
4. जो सांसारिक मोह-माया से ऊपर उठकर ईश्वर और मानवता की सेवा करे।
बालगोबिन भगत कपड़े से गृहस्थ थे, लेकिन आचरण से पूर्ण साधु थे।
13. मोह और प्रेम में अंतर होता है। भगत के जीवन की किस घटना के आधार पर इस कथन का सच सिद्ध करेंगे?
उत्तर: 'मोह' में व्यक्ति अपने स्वार्थ और सुख के बारे में सोचता है, जबकि 'प्रेम' में व्यक्ति अपने प्रियजन के हित और खुशी के बारे में सोचता है।
बालगोबिन भगत का अपनी पुत्रवधू के प्रति व्यवहार इस अंतर को सिद्ध करता है। बेटे की मृत्यु के बाद वे चाहते तो अपने बुढ़ापे के सहारे (स्वार्थ/मोह) के लिए पुत्रवधू को अपने पास रोक सकते थे। लेकिन उन्होंने 'प्रेम' का परिचय दिया। उन्होंने पुत्रवधू के भविष्य और सुख की चिंता की और उसे जबरदस्ती उसके भाई के साथ भेजकर दूसरी शादी करने का आदेश दिया। यह त्याग ही सच्चे प्रेम की निशानी है, जो मोह से ऊपर है।
भाषा-अध्ययन
14. इस पाठ में आए कोई दस क्रियाविशेषण छाँटकर लिखिए और उनके भेद भी बताइए।
उत्तर:
1. धीरे-धीरे (स्वर ऊँचा होने लगता) - रीतिवाचक क्रियाविशेषण
2. सबेरे (ही उठते) - कालवाचक क्रियाविशेषण
3. वहाँ (से नहा-धोकर लौटते) - स्थानवाचक क्रियाविशेषण
4. बिलकुल (कम पहनते) - परिमाणवाचक क्रियाविशेषण
5. हमेशा (चेहरा सफेद बालों से...) - कालवाचक क्रियाविशेषण
6. ऊपर (से ओढ़े रहते) - स्थानवाचक क्रियाविशेषण
7. जब-तब (चमक ही पड़ते) - कालवाचक क्रियाविशेषण
8. थोड़ी (देर पहले) - परिमाणवाचक क्रियाविशेषण
9. हँसकर (टाल देते) - रीतिवाचक क्रियाविशेषण
10. पैदल (ही जाते) - रीतिवाचक क्रियाविशेषण
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Question
रामवृक्ष बेनीपुरी का जन्म किस वर्ष हुआ था?
Answer
रामवृक्ष बेनीपुरी का जन्म सन् 1899 में हुआ था।
Question
रामवृक्ष बेनीपुरी का जन्म बिहार के किस जिले में हुआ था?
Answer
उनका जन्म मुज़फ्फरपुर जिले के बेनीपुर गाँव में हुआ था।
Question
रामवृक्ष बेनीपुरी ने किस वर्ष में राष्ट्रीय स्वाधीनता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई?
Answer
उन्होंने सन् 1920 में स्वाधीनता आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लिया।
Question
रामवृक्ष बेनीपुरी का निधन किस वर्ष हुआ?
Answer
उनका निधन सन् 1968 में हुआ।
Question
बेनीपुरी जी ने 15 वर्ष की आयु में किस क्षेत्र में कार्य करना शुरू किया?
Answer
उन्होंने 15 वर्ष की आयु से पत्र-पत्रिकाओं में लिखना शुरू किया।
Question
रामवृक्ष बेनीपुरी द्वारा संपादित किन्हीं दो पत्रिकाओं के नाम बताइये।
Answer
तरुण भारत और किसान मित्र उनके द्वारा संपादित मुख्य पत्रिकाएँ हैं।
Question
बेनीपुरी जी का संपूर्ण साहित्य किस नाम से कितने खंडों में प्रकाशित है?
Answer
उनका साहित्य 'बेनीपुरी रचनावली' के आठ खंडों में प्रकाशित है।
Question
रामवृक्ष बेनीपुरी के एकमात्र उपन्यास का नाम क्या है?
Answer
उनके उपन्यास का नाम 'पतितों के देश में' है।
Question
बेनीपुरी जी की कहानी संग्रह का शीर्षक क्या है?
Answer
उनकी प्रसिद्ध कहानी का नाम 'चिता के फूल' है।
Question
रामवृक्ष बेनीपुरी के प्रसिद्ध रेखाचित्र संग्रह का नाम क्या है?
Answer
उनके रेखाचित्र संग्रह का नाम 'माटी की मूरतें' है।
Question
बेनीपुरी जी को उनकी विशिष्ट शैली के कारण किस उपनाम से जाना जाता है?
Answer
उन्हें 'कलम का जादूगर' कहा जाता है।
Question
'बालगोबिन भगत' पाठ साहित्य की किस विधा के अंतर्गत आता है?
Answer
यह पाठ एक 'रेखाचित्र' (Character Sketch) है।
Question
लेखक के अनुसार संन्यास का वास्तविक आधार क्या होना चाहिए?
Answer
संन्यास का आधार वेशभूषा नहीं बल्कि जीवन के मानवीय सरोकार होने चाहिए।
Question
बालगोबिन भगत की आयु लगभग कितनी थी?
Answer
वे साठ वर्ष से ऊपर के थे।
Question
बालगोबिन भगत सिर पर कैसी टोपी पहनते थे?
Answer
वे कबीरपंथियों जैसी कनफटी टोपी पहनते थे।
Question
बालगोबिन भगत सर्दियों में किस रंग का कंबल ओढ़ते थे?
Answer
वे काले रंग का कंबल (कमली) ओढ़ते थे।
Question
भगत जी अपने मस्तक पर किस प्रकार का टीका लगाते थे?
Answer
वे मस्तक पर हमेशा चमकता हुआ 'रामानंदी चंदन' लगाते थे।
Question
बालगोबिन भगत किनके गीतों और आदेशों का पालन करते थे?
Answer
वे कबीर दास जी के गीतों और आदेशों का पालन करते थे।
Question
बालगोबिन भगत कबीर को क्या कहकर पुकारते थे?
Answer
वे कबीर को 'साहब' मानते थे।
Question
भगत जी खेत में पैदा होने वाली फसल को सबसे पहले कहाँ ले जाते थे?
Answer
वे फसल को अपने घर से चार कोस दूर कबीरपंथी मठ में ले जाते थे।
Question
धान की रोपाई के समय भगत जी के गीतों का बच्चों पर क्या प्रभाव पड़ता था?
Answer
गीत सुनकर बच्चे झूम उठते थे।
Question
खेत की मेड़ पर बैठी औरतें भगत जी का संगीत सुनकर क्या करने लगती थीं?
Answer
औरतें गुनगुनाने लगती थीं।
Question
धान की रोपाई करने वालों की अंगुलियाँ किस प्रकार चलती थीं?
Answer
उनकी अंगुलियाँ एक अजीब संगीतबद्ध क्रम से चलने लगती थीं।
Question
भादों की आधी रात में बालगोबिन भगत क्या गाते थे?
Answer
वे 'गोदी में पियवा, चमक उठे सखिया' वाला गीत गाते थे।
Question
बालगोबिन भगत का कौन सा वाद्य यंत्र 'डिमिक-डिमिक' बजता था?
Answer
उनकी 'खँझड़ी' डिमिक-डिमिक बजती थी।
Question
भगत जी की 'प्रभातियाँ' किस महीने में शुरू होकर कब तक चलती थीं?
Answer
उनकी प्रभातियाँ कार्तिक महीने से शुरू होकर फागुन तक चलती थीं।
Question
माघ की कँपकँपाती सुबह में भगत जी कहाँ बैठकर गाते थे?
Answer
वे गाँव के बाहर पोखर के ऊँचे भिंडे पर बैठकर गाते थे।
Question
गर्मियों में भगत जी शाम को जो सभा करते थे, उसे क्या कहा जाता था?
Answer
उसे 'संझा' कहा जाता था।
Question
भगत जी का इकलौता बेटा स्वभाव से कैसा था?
Answer
वह कुछ सुस्त और 'बोदा' (कम बुद्धि वाला) था।
Question
भगत जी की पतोहू (पुत्रवधू) का व्यवहार और स्वभाव कैसा था?
Answer
वह बहुत ही सुभग, सुशील और घर की कुशल प्रबंधिका थी।
Question
बेटे की मृत्यु पर बालगोबिन भगत ने शोक के बजाय क्या मनाने को कहा?
Answer
उन्होंने पतोहू को उत्सव मनाने के लिए कहा।
Question
भगत जी के अनुसार मृत्यु के समय आत्मा का मिलन किससे होता है?
Answer
आत्मा का मिलन परमात्मा से होता है।
Question
भगत जी ने बेटे की चिता को अग्नि किससे दिलवाई?
Answer
उन्होंने अपनी पतोहू से ही चिता को अग्नि दिलवाई।
Question
श्राद्ध की अवधि पूरी होने पर भगत जी ने पतोहू को कहाँ भेज दिया?
Answer
उन्होंने उसे उसके भाई के साथ उसके मायके भेज दिया।
Question
पतोहू को मायके भेजते समय भगत जी ने क्या आदेश दिया?
Answer
उन्होंने आदेश दिया कि उसकी दूसरी शादी कर दी जाए।
Question
भगत जी ने पतोहू को घर से भेजने के लिए क्या अंतिम दलील दी?
Answer
उन्होंने कहा कि यदि वह नहीं गई, तो वे स्वयं घर छोड़कर चले जाएँगे।
Question
गंगा-स्नान के लिए भगत जी के घर से गंगा कितनी दूर थी?
Answer
गंगा उनके घर से करीब तीस कोस दूर थी।
Question
गंगा यात्रा के दौरान भगत जी भोजन के संबंध में किस नियम का पालन करते थे?
Answer
वे घर से खाकर चलते और वापस घर लौटकर ही भोजन करते थे।
Question
मृत्यु से पहले अंतिम संध्या में भगत जी के गीत कैसे सुनाई दे रहे थे?
Answer
ऐसा लग रहा था जैसे माला का एक-एक दाना बिखर गया हो।
Question
भगत जी की मृत्यु के बाद सुबह लोगों ने क्या देखा?
Answer
लोगों ने देखा कि बालगोबिन भगत नहीं रहे, सिर्फ उनका 'पंजर' पड़ा है।
Question
शब्दार्थ: 'मँझोला' शब्द का क्या अर्थ है?
Answer
न बहुत बड़ा और न बहुत छोटा।
Question
शब्दार्थ: 'पतोहू' किसे कहा जाता है?
Answer
पुत्रवधू या पुत्र की पत्नी को।
Question
शब्दार्थ: 'कलवा' (कलवे) का क्या अर्थ है?
Answer
सुबह का जलपान।
Question
शब्दार्थ: 'खँझड़ी' किस प्रकार का वाद्य यंत्र है?
Answer
यह डफली के ढंग का परंतु छोटे आकार का एक वाद्य यंत्र है।
Question
शब्दार्थ: 'लोही' से क्या तात्पर्य है?
Answer
प्रातःकाल की लालिमा।
Question
शब्दार्थ: 'आवृत्त' शब्द का अर्थ बताइये।
Answer
ढका हुआ या आच्छादित।
Question
शब्दार्थ: 'कुश' का क्या अर्थ है?
Answer
एक प्रकार की नुकीली घास।
Question
शब्दार्थ: 'संबल' का अर्थ क्या है?
Answer
सहारा।
Question
विशेषता: 'प्रभातियाँ' मुख्य रूप से किसके लिए गाई जाती हैं?
Answer
ये मुख्य रूप से बच्चों को जगाने के लिए गाई जाती हैं।
Question
पाठ में प्रयुक्त 'मेड़' शब्द का क्या अर्थ है?
Answer
खेत के चारों ओर ऊँची मिट्टी की घेरेबंदी।
Question
बालगोबिन भगत गंगा स्नान के लिए पैदल ही क्यों जाते थे?
Answer
क्योंकि वे गृहस्थ होकर किसी से भिक्षा नहीं माँगना चाहते थे और साधु के नाते किसी का सहारा (संबल) नहीं लेना चाहते थे।
Question
भगत जी के मधुर गायन को लेखक ने क्या संज्ञा दी है?
Answer
लेखक ने उनके संगीत को 'जादू' कहा है।
Question
भगत जी की संगीत साधना का 'चरम उत्कर्ष' किस दिन देखा गया?
Answer
जिस दिन उनके इकलौते बेटे की मृत्यु हुई।
Question
भगत जी के अनुसार कौन से व्यक्ति निगरानी और प्रेम के अधिक हकदार होते हैं?
Answer
जो थोड़े सुस्त और मानसिक रूप से कमजोर होते हैं।
Question
बेनीपुरी जी की किस रचना में यात्रा का वृत्तांत मिलता है?
Answer
उनकी रचना 'पैरों में पंख बाँधकर' में यात्रा वृत्तांत मिलता है।
Question
बेनीपुरी जी की संस्मरण विधा की रचना कौन सी है?
Answer
'जंजीरें और दीवारें' उनकी प्रसिद्ध संस्मरण रचना है।
Question
भगत जी द्वारा प्रयुक्त 'खँझड़ी' की आवाज़ को लेखक ने कैसे वर्णित किया है?
Answer
उसकी आवाज़ को 'डिमिक-डिमिक' बताया गया है।
Question
विक्रम संवत् कैलेंडर के अनुसार 'प्रभातियाँ' किस माह में गाई जाती हैं?
Answer
कार्तिक माह में।
Question
लेखक ने भगत जी के घर में साफ-सफाई की स्थिति के बारे में क्या कहा है?
Answer
उनका घर और मकान अच्छा, साफ-सुथरा था।
Question
भगत जी के 'अंतिम निर्णय' ने पतोहू के जीवन के प्रति क्या दर्शाया?
Answer
यह उनके समाज सुधारक और रूढ़ियों को तोड़ने वाले व्यक्तित्व को दर्शाता है।