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राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद (तुलसीदास)

प्रश्न-अभ्यास

1. परशुराम के क्रोध करने पर लक्ष्मण ने धनुष के टूट जाने के लिए कौन-कौन से तर्क दिए?
उत्तर: परशुराम के क्रोध करने पर लक्ष्मण ने धनुष के टूट जाने के पक्ष में निम्नलिखित तर्क दिए:
1. बचपन में हमने ऐसे बहुत से छोटे-मोटे धनुष तोड़े हैं, तब तो आपने कभी ऐसा क्रोध नहीं किया।
2. यह धनुष बहुत पुराना और कमजोर था, जो श्रीराम के छूते ही टूट गया। इसमें श्रीराम का कोई दोष नहीं है।
3. हमारे लिए तो सभी धनुष एक समान हैं, फिर इस विशेष धनुष के टूटने पर इतना क्रोध क्यों?
4. उन्होंने इसे नया समझकर देखा था, लेकिन यह तो पुराना और जर्जर निकला।


2. परशुराम के क्रोध करने पर राम और लक्ष्मण की जो प्रतिक्रियाएँ हुईं उनके आधार पर दोनों के स्वभाव की विशेषताएँ अपने शब्दों में लिखिए।
उत्तर: राम का स्वभाव: राम स्वभाव से अत्यंत विनम्र, शांत और मृदुभाषी हैं। परशुराम के क्रोधित होने पर भी वे धैर्य नहीं खोते और स्वयं को उनका 'दास' बताकर उनके क्रोध को शांत करने का प्रयास करते हैं। उनकी वाणी में बड़ों के प्रति आदर और मर्यादा है।

लक्ष्मण का स्वभाव: लक्ष्मण का स्वभाव उग्र, चंचल और व्यंग्यात्मक है। वे अन्याय सहने वालों में से नहीं हैं। परशुराम के क्रोध का उत्तर वे कड़े व्यंग्य और तर्क से देते हैं। वे निडर हैं और क्षत्रिय धर्म की आन-बान के लिए किसी से भी टकराने को तैयार रहते हैं।


3. लक्ष्मण और परशुराम के संवाद का जो अंश आपको सबसे अच्छा लगा उसे अपने शब्दों में संवाद शैली में लिखिए।
उत्तर: (संवाद शैली में एक अंश)

लक्ष्मण: (हँसते हुए) हे मुनिवर! हमने बचपन में खेल-खेल में बहुत सी धनुहियाँ तोड़ी हैं, तब तो आप कभी नाराज़ नहीं हुए। इस धनुष पर इतना स्नेह क्यों है?
परशुराम: (क्रोध में) अरे राजपुत्र! तू काल के वश में होकर बोल रहा है, तुझे बोलने की भी समझ नहीं है। यह कोई साधारण धनुष नहीं, भगवान शिव का धनुष है, जिसे सारा संसार जानता है।
लक्ष्मण: (व्यंग्य से) अरे! हमारे लिए तो सब धनुष एक जैसे ही हैं। और फिर यह तो पुराना धनुष था, राम ने इसे छुआ और यह टूट गया। इसमें उनका क्या दोष? आप तो बेकार ही क्रोध कर रहे हैं।


4. परशुराम ने अपने विषय में सभा में क्या-क्या कहा, निम्न पद्यांश के आधार पर लिखिए-
बाल ब्रह्मचारी अति कोही। बिस्वबिदित क्षत्रियकुल द्रोही।।
भुजबल भूमि भूप बिनु कीन्ही। बिपुल बार महिदेवन्ह दीन्ही ।।
सहसबाहुभुज छेदनिहारा। परसु बिलोकु महीपकुमारा।।
मातु पितहि जनि सोचबस करसि महीसकिसोर।
गर्भन्ह के अर्भक दलन परसु मोर अति घोर ।।

उत्तर: परशुराम ने अपने विषय में कहा कि:
1. वे बाल ब्रह्मचारी हैं और अत्यंत क्रोधी स्वभाव के हैं।
2. वे पूरे विश्व में क्षत्रिय कुल के घोर शत्रु के रूप में प्रसिद्ध हैं।
3. उन्होंने अपनी भुजाओं के बल पर इस धरती को कई बार राजाओं से रहित (क्षत्रिय विहीन) कर दिया और जीती हुई धरती ब्राह्मणों को दान कर दी।
4. वे सहस्रबाहु की भुजाओं को काटने वाले वीर हैं।
5. उनका फरसा (कुल्हाड़ा) इतना भयानक है कि उसकी टंकार (आवाज़) से गर्भ में पलने वाले शिशु भी नष्ट हो जाते हैं।


5. लक्ष्मण ने वीर योद्धा की क्या-क्या विशेषताएँ बताई?
उत्तर: लक्ष्मण ने वीर योद्धा की निम्नलिखित विशेषताएँ बताईं:
1. वीर योद्धा युद्धभूमि में अपनी वीरता का प्रदर्शन करते हैं, शत्रुओं के सामने अपनी वीरता का बखान नहीं करते।
2. वे धैर्यवान और सहनशील होते हैं, क्रोध या अपशब्द (गाली) नहीं बोलते।
3. वे कायरों की तरह केवल बातें नहीं बनाते, बल्कि कर्म करके दिखाते हैं।
4. सच्चा शूरवीर ब्राह्मण, गाय, देवता और ईश्वर के भक्तों पर अपनी वीरता नहीं दिखाता, क्योंकि इन्हें मारने से पाप लगता है और हारने से अपयश होता है।


6. साहस और शक्ति के साथ विनम्रता हो तो बेहतर है। इस कथन पर अपने विचार लिखिए।
उत्तर: यह कथन पूर्णतः सत्य है। साहस और शक्ति व्यक्ति को सामर्थ्यवान बनाते हैं, लेकिन विनम्रता उसे महान बनाती है। यदि शक्ति के साथ विनम्रता न हो, तो व्यक्ति अहंकारी और उद्दंड हो सकता है, जैसा कि परशुराम के चरित्र में दिखता है। वहीं, श्रीराम शक्ति और साहस के साथ विनम्रता की प्रतिमूर्ति हैं, इसीलिए वे सबके प्रिय और मर्यादा पुरुषोत्तम हैं। विनम्रता शत्रु के क्रोध को भी शांत कर सकती है और विषम परिस्थितियों को सँभाल सकती है।

7. भाव स्पष्ट कीजिए-
(क) बिहसि लखनु बोले मृदु बानी। अहो मुनीसु महाभट मानी।।
पुनि पुनि मोहि देखाव कुठारू। चहत उड़ावन फूँकि पहारू ।।

उत्तर: भाव: इन पंक्तियों में लक्ष्मण हँसते हुए कोमल वाणी में परशुराम पर तीखा व्यंग्य कर रहे हैं। वे कहते हैं कि, "अहो! मुनिवर तो अपने आप को बहुत बड़ा योद्धा मानते हैं। वे मुझे बार-बार अपना कुल्हाड़ा (फरसा) ऐसे दिखा रहे हैं, मानो फूँक मारकर पहाड़ उड़ा देना चाहते हों।" भाव यह है कि लक्ष्मण परशुराम की धमकियों से डरने वाले नहीं हैं और वे उनकी डींगों को असंभव प्रयास बता रहे हैं।

(ख) इहाँ कुम्हड़बतिया कोउ नाहीं। जे तरजनी देखि मरि जाहीं।।
देखि कुठारु सरासन बाना। मैं कछु कहा सहित अभिमाना।।

उत्तर: भाव: यहाँ लक्ष्मण अपनी निर्भीकता का परिचय दे रहे हैं। वे कहते हैं कि "यहाँ कोई 'कुम्हड़बतिया' (काशीफल का बहुत छोटा फल, जो बहुत नाजुक होता है) नहीं है, जो तुम्हारी तर्जनी उँगली (अँगूठे के पास वाली उँगली) देखने मात्र से मर जाएगा (या मुरझा जाएगा)।" अर्थात हम कोई कायर या कमजोर नहीं हैं जो तुम्हारी धमकियों से डर जाएँ। मैंने तो तुम्हारे हाथ में धनुष-बाण और कुल्हाड़ा देखकर ही वीर योद्धा समझकर अभिमान पूर्वक बात की थी।

8. पाठ के आधार पर तुलसी के भाषा सौंदर्य पर दस पंक्तियाँ लिखिए।
उत्तर: 1. तुलसीदास जी ने इस काव्यांश में साहित्यिक 'अवधी' भाषा का प्रयोग किया है।
2. भाषा में लयबद्धता और संगीतात्मकता है, जो पाठकों को मंत्रमुग्ध करती है।
3. 'दोहा' और 'चौपाई' छंदों का अत्यंत सुंदर और सटीक प्रयोग किया गया है।
4. संवाद शैली के कारण भाषा में नाटकीयता और सजीवता आ गई है।
5. तत्सम शब्दों का प्रचुर प्रयोग है (जैसे- संभुधनु, भंजनिहारा, नृपबालक), जिससे भाषा का स्तर ऊँचा उठा है।
6. वीर और रौद्र रस की प्रधानता है, जो ओज गुण से परिपूर्ण है।
7. अलंकारों का स्वाभाविक प्रयोग है, जैसे अनुप्रास (बालकु बोलि बधौं...), उपमा (कोटि कुलिस सम...), उत्प्रेक्षा आदि।
8. व्यंग्य शैली का प्रयोग भाषा को तीखा और प्रभावशाली बनाता है।
9. मुहावरों और लोकोक्तियों का भी सटीक प्रयोग किया गया है (जैसे- फूँक मारकर पहाड़ उड़ाना)।
10. शब्दों का चयन पात्रों के स्वभाव (राम की विनम्रता, लक्ष्मण की उग्रता) के अनुकूल है।


9. इस पूरे प्रसंग में व्यंग्य का अनूठा सौंदर्य है। उदाहरण के साथ स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: लक्ष्मण और परशुराम के संवाद में पग-पग पर व्यंग्य (Sarcasm) का सौंदर्य बिखरा पड़ा है। लक्ष्मण परशुराम की बातों का सीधा उत्तर न देकर टेढ़े और व्यंग्यात्मक ढंग से देते हैं, जो परशुराम के क्रोध को और बढ़ाता है।
उदाहरण:
1. परशुराम द्वारा फरसा दिखाने पर लक्ष्मण कहते हैं- "चहत उड़ावन फूँकि पहारू" (फूँक मारकर पहाड़ उड़ाना चाहते हो)।
2. परशुराम को योद्धा मानने पर व्यंग्य- "अहो मुनीसु महाभट मानी" (अहो! मुनि तो खुद को बड़ा भारी योद्धा मानते हैं)।
3. धनुष टूटने पर- "का छति लाभु जून धनु तोरें" (पुराने धनुष के टूटने से क्या लाभ-हानि)।
4. "मात पिताहि उरिन भये नीकें" (माता-पिता के ऋण से तो अच्छी तरह मुक्त हो गए - यहाँ परशुराम द्वारा अपनी माता का वध करने की घटना पर कटाक्ष है)।


10. निम्नलिखित पंक्तियों में प्रयुक्त अलंकार पहचान कर लिखिए-
(क) बालकु बोलि बधौं नहि तोही।
(ख) कोटि कुलिस सम बचनु तुम्हारा।

उत्तर:
(क) बालकु बोलि बधौं नहि तोही।
अलंकार: अनुप्रास अलंकार (यहाँ 'ब' वर्ण की आवृत्ति बार-बार हुई है - ालकु, ोलि, धौं)।

(ख) कोटि कुलिस सम बचनु तुम्हारा।
अलंकार: उपमा अलंकार (यहाँ परशुराम के वचनों की तुलना करोड़ों वज्रों के समान कठोरता से की गई है। 'सम' वाचक शब्द का प्रयोग है) तथा अनुप्रास अलंकार ('क' वर्ण की आवृत्ति - ोटि, ुलिस)।


रचना और अभिव्यक्ति

11. "सामाजिक जीवन में क्रोध की जरूरत बराबर पड़ती है। यदि क्रोध न हो तो मनुष्य दूसरे के द्वारा पहुँचाए जाने वाले बहुत से कष्टों की चिर-निवृत्ति का उपाय ही न कर सके।"
आचार्य रामचंद्र शुक्ल जी का यह कथन इस बात की पुष्टि करता है कि क्रोध हमेशा नकारात्मक भाव लिए नहीं होता बल्कि कभी-कभी सकारात्मक भी होता है। इसके पक्ष या विपक्ष में अपना मत प्रकट कीजिए।

उत्तर: पक्ष में मत: मैं आचार्य शुक्ल के कथन से सहमत हूँ। क्रोध एक ऐसा मनोभाव है जो अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध ऊर्जा प्रदान करता है। यदि व्यक्ति में क्रोध का अभाव हो, तो वह सदैव दबता रहेगा और शोषक उसका शोषण करते रहेंगे। समाज में अनुशासन बनाए रखने के लिए, अपराधियों में भय उत्पन्न करने के लिए और अन्याय का प्रतिकार करने के लिए 'सात्विक क्रोध' आवश्यक है। जैसे स्वतंत्रता सेनानियों का क्रोध देश को आज़ाद कराने में सहायक बना। अतः नियंत्रित और उचित कारण के लिए किया गया क्रोध सकारात्मक और रक्षात्मक होता है।

12. अपने किसी परिचित या मित्र के स्वभाव की विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर: (यह एक उदाहरण उत्तर है)
मेरे मित्र का नाम रोहन है। उसके स्वभाव की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:
1. हंसमुख और मिलनसार: वह हमेशा मुस्कुराता रहता है और नए लोगों से जल्दी घुल-मिल जाता है।
2. मददगार: किसी को भी मुसीबत में देखकर वह मदद के लिए तुरंत तैयार हो जाता है।
3. सत्यवादी: उसे झूठ बोलना पसंद नहीं है और वह अपनी गलती होने पर उसे स्वीकार कर लेता है।
4. धैर्यवान: कठिन परिस्थितियों में भी वह घबराता नहीं है, बल्कि शांति से हल निकालता है।
5. विनम्र: वह बड़ों का आदर करता है और छोटों से प्यार से बात करता है।


13. दूसरों की क्षमताओं को कम नहीं समझना चाहिए-इस शीर्षक को ध्यान में रखते हुए एक कहानी लिखिए।
उत्तर: कहानी: हाथी और चींटी
एक जंगल में एक विशालकाय हाथी रहता था। उसे अपनी ताकत पर बहुत घमंड था। वह हमेशा छोटे जानवरों को तंग करता था। उसी जंगल में एक छोटी सी चींटी भी रहती थी। एक दिन हाथी ने चींटी का मजाक उड़ाते हुए कहा, "तुम तो इतनी छोटी हो, मेरे एक फूँक से उड़ जाओगी।" चींटी चुप रही।
एक दिन वह अहंकारी हाथी सो रहा था। चींटी चुपके से उसकी सूँड़ में घुस गई और उसे जोर से काटने लगी। हाथी दर्द से तड़प उठा और चिल्लाने लगा। उसने सूँड़ पटकी, लेकिन चींटी बाहर नहीं निकली। अंत में हाथी रोने लगा और उसने माफी माँगी। तब चींटी बाहर निकली और बोली, "कभी किसी को छोटा समझकर कम नहीं आँकना चाहिए।" हाथी का घमंड टूट गया।
सीख: आकार या शक्ति से क्षमता का सही अंदाजा नहीं लगाया जा सकता।


14. उन घटनाओं को याद करके लिखिए जब आपने अन्याय का प्रतिकार किया हो।
उत्तर: (विद्यार्थी अपने अनुभव लिख सकते हैं, यहाँ एक उदाहरण है)
पिछली बार जब मैं बस से यात्रा कर रहा था, तो मैंने देखा कि एक कंडक्टर एक गरीब मजदूर से तय किराए से अधिक पैसे माँग रहा था और उसे डरा रहा था। मजदूर चुपचाप सुन रहा था। मुझे यह देखकर बहुत गुस्सा आया। मैंने तुरंत उठकर कंडक्टर का विरोध किया और उसे टिकट पर लिखा सही किराया दिखाया। बस के अन्य यात्री भी मेरे समर्थन में आ गए। अंततः कंडक्टर को अपनी गलती माननी पड़ी और उसने सही पैसे ही लिए। उस दिन मुझे अन्याय के खिलाफ आवाज़ उठाकर बहुत आत्मसंतोष मिला।


15. अवधी भाषा आज किन-किन क्षेत्रों में बोली जाती है?
उत्तर: अवधी भाषा मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश के 'अवध' क्षेत्र में बोली जाती है। इसके प्रमुख क्षेत्र हैं- अयोध्या, लखनऊ, प्रयागराज (इलाहाबाद), सीतापुर, फैजाबाद, सुल्तानपुर, बहराइच, गोंडा, बस्ती, बाराबंकी और रायबरेली। इसके अतिरिक्त, यह भाषा फिजी, मॉरीशस और सूरीनाम जैसे देशों में भी भारतीय मूल के लोगों द्वारा बोली जाती है।

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Question
तुलसीदास का जन्म किस वर्ष हुआ था?
Answer
संवत 1532 में।
Question
तुलसीदास का जन्म उत्तर प्रदेश के किस जिले में हुआ था?
Answer
बाँदा जिले के राजापुर गाँव में।
Question
कुछ विद्वान तुलसीदास का जन्मस्थान कहाँ मानते हैं?
Answer
सोरो (जिला-एटा) में।
Question
तुलसीदास का बचपन कैसा था?
Answer
अत्यंत संघर्षपूर्ण।
Question
तुलसीदास को राम-भक्ति का मार्ग किसकी कृपा से मिला?
Answer
गुरु की कृपा से।
Question
तुलसीदास किस प्रकार के मूल्यों के उपासक कवि थे?
Answer
मानव-मूल्यों के।
Question
तुलसीदास की अनन्य राम-भक्ति का मनोरम उदाहरण कौन-सी रचना है?
Answer
रामचरितमानस।
Question
तुलसीदास के 'राम' किन मानवीय आदर्शों के प्रतीक हैं?
Answer
नीति, स्नेह, शील, विनय और त्याग।
Question
तुलसीदास की प्रसिद्ध रचना 'रामचरितमानस' किस क्षेत्र की जनता के बीच लोकप्रिय है?
Answer
उत्तरी भारत की।
Question
तुलसीदास की किन्हीं चार प्रमुख रचनाओं के नाम बताइए।
Answer
कवितावली, गीतावली, दोहावली और कृष्णगीतावली।
Question
तुलसीदास की रचना 'विनयपत्रिका' किस भाषा में लिखी गई है?
Answer
ब्रजभाषा में।
Question
तुलसीदास का निधन कब और कहाँ हुआ था?
Answer
सन् 1623 में काशी में।
Question
तुलसीदास ने 'रामचरितमानस' की रचना किस भाषा में की है?
Answer
अवधी भाषा में।
Question
तुलसीदास की रचना 'कवितावली' की भाषा क्या है?
Answer
ब्रजभाषा।
Question
रामचरितमानस का मुख्य छंद कौन-सा है?
Answer
चौपाई।
Question
रामचरितमानस में चौपाइयों के बीच-बीच में कौन-से छंद पिरोए गए हैं?
Answer
दोहे, सोरठे, हरिगीतिका तथा अन्य छंद।
Question
तुलसीदास की कौन-सी रचना 'गेय पदों' (गाने योग्य पद) में हुई है?
Answer
विनयपत्रिका।
Question
कवितावली में किन छंदों की छटा देखी जा सकती है?
Answer
सवैया और कवित्त छंदों की।
Question
पाठ्यांश 'राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद' रामचरितमानस के किस कांड से लिया गया है?
Answer
बाल कांड से।
Question
परशुराम सभा में क्यों आए थे?
Answer
सीता स्वयंवर में शिव-धनुष के टूटने का समाचार सुनकर क्रोधवश।
Question
परशुराम का क्रोध अंततः किसके समझाने पर शांत हुआ?
Answer
श्रीराम और विश्वामित्र के समझाने पर।
Question
परशुराम के क्रोध भरे वाक्यों का उत्तर लक्ष्मण किस शैली में देते हैं?
Answer
व्यंग्यपूर्ण वचनों (व्यंग्योक्तियों) में।
Question
लक्ष्मण के संवादों में किस रस की प्रधानता है?
Answer
वीर रस की।
Question
शिव-धनुष टूटने पर राम ने परशुराम से स्वयं को क्या कहा?
Answer
आपका एक दास (सेवक)।
Question
परशुराम के अनुसार 'सेवक' कौन होता है?
Answer
जो सेवा का कार्य करे।
Question
परशुराम ने शिव-धनुष तोड़ने वाले की तुलना अपने किस शत्रु से की है?
Answer
सहस्त्रबाहु से।
Question
लक्ष्मण ने बचपन में तोड़ी गई धनुहियों की तुलना किससे की है?
Answer
शिव-धनुष से।
Question
परशुराम ने लक्ष्मण को 'काल के वश' होने का क्या कारण बताया?
Answer
शिव-धनुष को साधारण धनुही के समान समझना।
Question
परशुराम स्वयं को क्षत्रिय कुल का क्या बताते हैं?
Answer
घोर द्रोही (शत्रु)।
Question
परशुराम ने अपनी भुजाओं के बल पर पृथ्वी को किससे विहीन कर दिया था?
Answer
राजाओं (भूप) से।
Question
परशुराम ने राजाओं से जीती हुई भूमि किसे दान में दे दी थी?
Answer
ब्राह्मणों (महिदेवों) को।
Question
सहस्त्रबाहु की भुजाओं को काटने वाला परशुराम का मुख्य शस्त्र क्या था?
Answer
फरसा (परशु)।
Question
लक्ष्मण ने परशुराम के फरसे को देखकर क्या व्यंग्य किया?
Answer
कि वे फूंक से पहाड़ उड़ाना चाहते हैं।
Question
लक्ष्मण के अनुसार उनके कुल (रघुवंश) में किन पर वीरता नहीं दिखाई जाती?
Answer
देवता, ब्राह्मण, भक्त और गाय पर।
Question
लक्ष्मण ने परशुराम के वचनों को किसके समान कठोर बताया है?
Answer
करोड़ों वज्रों (कुलिस) के समान।
Question
लक्ष्मण ने परशुराम को 'महाभट' कहकर क्या संकेत दिया?
Answer
महान योद्धा (व्यंग्य स्वरूप)।
Question
परशुराम ने विश्वामित्र (कौशिक) से लक्ष्मण के बारे में क्या शिकायत की?
Answer
कि यह बालक कुबुद्धि, कुटिल और काल का ग्रास बनने वाला है।
Question
परशुराम ने लक्ष्मण को अपने वंश के लिए क्या बताया?
Answer
कलंक रूपी चंद्रमा का राहु।
Question
लक्ष्मण के अनुसार 'कायर' युद्ध में क्या करते हैं?
Answer
अपनी वीरता का बखान (डिंगें मारना) करते हैं।
Question
लक्ष्मण के अनुसार 'शूरवीर' की क्या पहचान है?
Answer
वह युद्ध भूमि में अपनी वीरता का कार्य करके दिखाता है।
Question
परशुराम ने अपनी वीरता सिद्ध करने के लिए क्या प्रमाण दिया?
Answer
उनके फरसे की गर्जना से गर्भ के बच्चे भी नष्ट हो जाते हैं।
Question
दोहा छंद की मात्राओं की संरचना क्या है?
Answer
पहली और तीसरी पंक्ति में 13-13, दूसरी और चौथी में 11-11 मात्राएँ।
Question
चौपाई छंद की प्रत्येक पंक्ति में कितनी मात्राएँ होती हैं?
Answer
16 मात्राएँ।
Question
तुलसीदास से पहले किन कवियों ने दोहा-चौपाई छंद का प्रयोग किया था?
Answer
सूफी कवियों ने (जैसे जायसी)।
Question
परशुराम किनके पुत्र थे?
Answer
ऋषि जमदग्नि के।
Question
सहस्त्रबाहु ने ऋषि जमदग्नि से किस विशेष गाय की माँग की थी?
Answer
कामधेनु गाय की।
Question
परशुराम ने सहस्त्रबाहु का वध क्यों किया?
Answer
कामधेनु गाय का बलपूर्वक अपहरण करने के कारण।
Question
ऋषि जमदग्नि की हत्या किसने की थी?
Answer
सहस्त्रबाहु के पुत्रों ने।
Question
शब्द 'भंजनिहारा' का अर्थ क्या है?
Answer
भंग करने वाला या तोड़ने वाला।
Question
शब्द 'कोही' का अर्थ स्पष्ट करें।
Answer
क्रोधित या क्रोधी।
Question
शब्द 'कुलिस' का अर्थ क्या है?
Answer
कठोर या वज्र।
Question
शब्द 'अर्भक' का क्या अर्थ है?
Answer
बच्चा।
Question
लक्ष्मण ने 'कुम्हड़बतिया' शब्द का प्रयोग किसके संदर्भ में किया?
Answer
अत्यंत निर्बल या कमजोर व्यक्ति के लिए।
Question
तर्जनी उँगली को देखकर किसके मर जाने की लोक-मान्यता का उल्लेख है?
Answer
कुम्हड़बतिया (छुईमुई या छोटा फल)।
Question
परशुराम ने लक्ष्मण को 'भानुबंस राकेश कलंकू' क्यों कहा?
Answer
सूर्यवंश रूपी पूर्ण चंद्रमा का कलंक बताने के लिए।
Question
'कोटि कुलिस सम बचनु तुम्हारा' में कौन-सा अलंकार है?
Answer
उपमा अलंकार।
Question
'बालकु बोलि बधौ नहि तोही' में किस वर्ण की आवृत्ति से अनुप्रास अलंकार है?
Answer
'ब' वर्ण की।