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कबीर : साखियाँ और सबद

साखियाँ

1. 'मानसरोवर' से कवि का क्या आशय है?

उत्तर: 'मानसरोवर' से कवि का आशय मन रूपी सरोवर (हृदय) से है, जो भक्ति रूपी जल से पूरी तरह भरा हुआ है। इसमें हंस रूपी जीवात्मा प्रभु-भक्ति के आनंद रूपी मोतियों को चुग रही है।
व्याख्या (Explanation): यहाँ रूपक अलंकार है। जिस प्रकार मानसरोवर झील में हंस रहते हैं, उसी प्रकार भक्त के हृदय में ईश्वर का वास होता है। जब मन ईश्वर प्रेम से भर जाता है, तो आत्मा को कहीं और जाने की इच्छा नहीं होती।


2. कवि ने सच्चे प्रेमी की क्या कसौटी बताई है?

उत्तर: कवि ने सच्चे प्रेमी की यह कसौटी बताई है कि जब एक सच्चा प्रेमी (भक्त) दूसरे प्रेमी (ईश्वर) से मिलता है, तो मन की सारी बुराइयाँ और कष्ट समाप्त हो जाते हैं।
व्याख्या (Explanation): कबीर कहते हैं, "विष अमृत होइ" अर्थात मन का सारा विष (काम, क्रोध, लोभ आदि बुराइयाँ) अमृत (पुण्य और आनंद) में बदल जाता है। सच्चा प्रेम पवित्रता लाता है।


3. तीसरे दोहे में कवि ने किस प्रकार के ज्ञान को महत्व दिया है?

उत्तर: तीसरे दोहे में कवि ने 'अनुभवजन्य ज्ञान' अर्थात सहज समाधि और आत्म-ज्ञान को महत्व दिया है।
व्याख्या (Explanation): कबीर कहते हैं कि हाथी की तरह विशाल ज्ञान प्राप्त करो, लेकिन उसे 'सहज' (स्वाभाविक) बनाए रखो। दिखावे वाले ज्ञान का नहीं, बल्कि उस ज्ञान का महत्व है जो आंतरिक शांति और स्थिरता प्रदान करे, भले ही दुनिया (कुत्ते रूपी संसार) कुछ भी कहे।


4. इस संसार में सच्चा संत कौन कहलाता है?

उत्तर: इस संसार में सच्चा संत वही है जो पक्ष-विपक्ष (पखापखी) के चक्कर में नहीं पड़ता और निष्पक्ष होकर केवल ईश्वर (हरि) का भजन करता है।
व्याख्या (Explanation): 'निरपख होइ के हरि भजै' - कबीर के अनुसार, जो व्यक्ति धर्म, संप्रदाय या तर्क-वितर्क के झगड़ों से दूर रहता है और समभाव से ईश्वर को भजता है, वही 'संत सुजान' (ज्ञानी संत) है।


5. अंतिम दो दोहों के माध्यम से कबीर ने किस तरह की संकीर्णताओं की ओर संकेत किया है?

उत्तर: अंतिम दो दोहों में कबीर ने दो प्रमुख संकीर्णताओं की ओर संकेत किया है:
1. धार्मिक संकीर्णता: लोग अपने-अपने धर्म (हिन्दू-मुस्लिम) को श्रेष्ठ मानकर राम और खुदा में भेद करते हैं और आपस में लड़ते रहते हैं।
2. जातिगत संकीर्णता: लोग ऊँचे कुल (खानदान) में जन्म लेने मात्र से स्वयं को श्रेष्ठ समझने का अहंकार पालते हैं, भले ही उनके कर्म अच्छे न हों।


6. किसी भी व्यक्ति की पहचान उसके कुल से होती है या उसके कर्मों से? तर्क सहित उत्तर दीजिए।

उत्तर: किसी भी व्यक्ति की पहचान उसके कुल से नहीं, बल्कि उसके 'कर्मों' से होती है।
तर्क (Reasoning): कबीरदास जी उदाहरण देते हैं कि यदि सोने के कलश (घड़े) में शराब भरी हो, तो भी साधु उसकी निंदा ही करेंगे। सोने का पात्र होने से शराब अच्छी नहीं हो जाती। उसी प्रकार, ऊँचे कुल में जन्म लेने से कोई महान नहीं बन जाता यदि उसके कर्म नीच हैं। व्यक्ति का सम्मान उसके गुणों और कार्यों से होता है।


7. काव्य सौंदर्य स्पष्ट कीजिए-
हस्ती चढ़िए ज्ञान कौ, सहज दुलीचा डारि।
स्वान रूप संसार है, भँकन दे झख मारि।

उत्तर:
भाव सौंदर्य: यहाँ कवि ने ज्ञान को हाथी की उपमा दी है और सांसारिक निंदा को कुत्ते के भौंकने समान व्यर्थ बताया है। कवि कहना चाहते हैं कि ज्ञानी को दुनिया की परवाह किए बिना अपनी साधना में मग्न रहना चाहिए।
शिल्प सौंदर्य (Craft):
1. रूपक अलंकार: 'हस्ती चढ़िए ज्ञान कौ' (ज्ञान रूपी हाथी) और 'स्वान रूप संसार' (संसार रूपी कुत्ता) में रूपक अलंकार का सुंदर प्रयोग है।
2. मुहावरा: 'झख मारना' (समय बर्बाद करना) मुहावरे का सटीक प्रयोग हुआ है।
3. भाषा: सधुक्कड़ी भाषा का प्रयोग है जो सहज और प्रभावपूर्ण है।


सबद (पद)

8. मनुष्य ईश्वर को कहाँ-कहाँ ढूँढ़ता फिरता है?

उत्तर: मनुष्य ईश्वर को निम्नलिखित स्थानों और क्रियाओं में ढूँढ़ता फिरता है:
1. मंदिर और मस्जिद में।
2. काबा और कैलाश जैसे तीर्थ स्थलों में।
3. विभिन्न प्रकार के कर्मकांडों और पूजा-पाठ में।
4. योग और वैराग्य जैसी साधनाओं में।


9. कबीर ने ईश्वर-प्राप्ति के लिए किन प्रचलित विश्वासों का खंडन किया है?

उत्तर: कबीर ने ईश्वर प्राप्ति के लिए बाह्य आडंबरों और प्रचलित रूढ़ियों का खंडन किया है, जैसे:
1. मंदिरों-मस्जिदों में जाना।
2. तीर्थ यात्रा करना (काबा-कैलाश)।
3. कर्मकांड, दिखावा या विशेष क्रिया-कर्म करना।
4. योग साधना या संन्यासी (बैरागी) बनना।
कबीर के अनुसार ईश्वर इन बाहरी क्रियाओं से नहीं, बल्कि सच्चे मन से खोजने पर अंतरात्मा में मिलते हैं।


10. कबीर ने ईश्वर को 'सब स्वाँसों की स्वाँस में' क्यों कहा है?

उत्तर: कबीर का मानना है कि ईश्वर कण-कण में व्याप्त हैं और वे हर प्राणी के भीतर मौजूद हैं। जिस प्रकार श्वास (साँस) के बिना जीवन संभव नहीं है, उसी प्रकार परमात्मा के बिना जीव का अस्तित्व नहीं है। इसलिए उन्होंने ईश्वर को हर प्राणी की प्राणवायु या आत्मा के रूप में 'सब स्वाँसों की स्वाँस में' बताया है। ईश्वर को बाहर ढूँढ़ने के बजाय अपने भीतर देखना चाहिए।


11. कबीर ने ज्ञान के आगमन की तुलना सामान्य हवा से न कर आँधी से क्यों की?

उत्तर: सामान्य हवा से परिवेश में हल्का-फुल्का बदलाव आता है, लेकिन आँधी सब कुछ उलट-पुलट देती है। कबीर ने ज्ञान की तुलना आँधी से इसलिए की है क्योंकि सच्चा ज्ञान प्राप्त होने पर मनुष्य के मन के सारे पुराने भ्रम, अज्ञान और अंधविश्वास पूरी तरह नष्ट हो जाते हैं। ज्ञान का प्रभाव इतना तीव्र और बदलाव लाने वाला होता है कि वह सामान्य हवा जैसा धीमा नहीं हो सकता।


12. ज्ञान की आँधी का भक्त के जीवन पर क्या प्रभाव पड़ता है?

उत्तर: ज्ञान की आँधी आने पर भक्त के जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है:
1. भ्रम का पर्दा (टाटी) उड़ जाता है और माया उसे बाँध नहीं पाती।
2. दुविधा (चित्त की द्वै थूँनी) और मोह (बलिंडा) नष्ट हो जाते हैं।
3. तृष्णा (इच्छा) रूपी छप्पर गिर जाता है और कुबुद्धि का भेद खुल जाता है।
4. भक्त का मन निर्मल हो जाता है और वह ईश्वरीय प्रेम के रस में भीग जाता है।


13. भाव स्पष्ट कीजिए-

(क) हिति चित्त की द्वै यूँनी गिराँनी, मोह बलिंडा तूटा।

भाव: इसका भाव यह है कि ज्ञान के आगमन से मनुष्य के चित्त की जो दो अवस्थाएँ (दुविधा या 'यह करूँ या वह' की स्थिति) थीं, वे दोनों खंभे गिर गए हैं। साथ ही, मोह रूपी वह मुख्य शहतीर (बलिंडा) भी टूट गया है जिसने अज्ञान रूपी छप्पर को संभाल रखा था। अर्थात ज्ञान ने मोह और अनिश्चय को समाप्त कर दिया है।


(ख) आँधी पीछे जो जल बूठा, प्रेम हरि जन भींनाँ।

भाव: इसका भाव यह है कि ज्ञान रूपी आँधी के बाद प्रभु-भक्ति और प्रेम की जो वर्षा हुई, उस जल से भक्त का हृदय पूरी तरह भीग गया। अर्थात ज्ञान प्राप्ति के बाद मन के विकार धुल गए और वह ईश्वर के प्रेम में सराबोर हो गया।


रचना और अभिव्यक्ति

14. संकलित साखियों और पदों के आधार पर कबीर के धार्मिक और सांप्रदायिक सद्भाव संबंधी विचारों पर प्रकाश डालिए।

उत्तर: कबीरदास जी धार्मिक और सांप्रदायिक सद्भाव के प्रबल समर्थक थे। पाठ में संकलित साखियों और पदों से उनके निम्नलिखित विचार स्पष्ट होते हैं:
1. ईश्वर की एकता: वे राम और रहीम को एक मानते थे। उन्होंने कहा "रामहिं भया रहीम", जिसका अर्थ है कि ईश्वर के नाम अलग हो सकते हैं, पर सत्ता एक ही है।
2. बाह्याडंबरों का विरोध: उन्होंने हिन्दुओं के मूर्ति-पूजा और मुसलमानों के काबा-यात्रा जैसे कर्मकांडों को निरर्थक बताया। उनके अनुसार 'काबा फिरि कासी भया' - यानी भेदभाव मिट जाने पर तीर्थों का भेद भी मिट जाता है।
3. निष्पक्षता: उन्होंने 'निरपख' होकर हरि भजने की बात कही। उन्होंने हिन्दू और मुसलमान दोनों को कट्टरता छोड़ने और मानवता को अपनाने की सीख दी। वे मनुष्यता को धर्म और जाति से ऊपर मानते थे।


भाषा-अध्ययन

15. निम्नलिखित शब्दों के तत्सम रूप लिखिए-
पखापखी, अनत, जोग, जुगति, बैराग, निरपख

उत्तर:
1. पखापखी → पक्ष-विपक्ष
2. अनत → अन्यत्र
3. जोग → योग
4. जुगति → युक्ति
5. बैराग → वैराग्य
6. निरपख → निष्पक्ष


पाठेतर सक्रियता

• कबीर की साखियों को याद कर कक्षा में अंत्याक्षरी का आयोजन कीजिए।
• एन.सी.ई.आर.टी. द्वारा कबीर पर निर्मित फ़िल्म देखें।

उत्तर: यह विद्यार्थी स्वयं करें।
संकेत (Steps):
1. अंत्याक्षरी के लिए कक्षा के विद्यार्थी दो समूहों में बँट जाएँ और कबीर के दोहे (साखियाँ) कंठस्थ करें।
2. फिल्म देखने के लिए अपने शिक्षक की सहायता से दीक्षा ऐप या एनसीईआरटी की वेबसाइट का प्रयोग करें।

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Question
नरसी मेहता के अनुसार 'वैष्णव जन' (ईश्वर का भक्त) किसे कहा जाता है?
Answer
जो दूसरों की पीड़ा और दुःख को समझता है।
Question
वैष्णव जन दूसरों पर उपकार करने के बाद मन में क्या नहीं आने देते?
Answer
अभिमान या गर्व।
Question
नरसी मेहता के अनुसार एक सच्चा भक्त अपनी वाणी, शरीर और मन को कैसा रखता है?
Answer
वह अपनी वाणी और मन को स्थिर (निश्चल) और शुद्ध रखता है।
Question
सच्चे भक्त की दृष्टि दूसरों के प्रति कैसी होती है?
Answer
समदृष्टि (सबको समान रूप से देखने वाला)।
Question
नरसी मेहता ने पराई स्त्री को किसके समान माना है?
Answer
माता के समान।
Question
सच्चे भक्त के शरीर में 'सकल तीर्थ' (सारे तीर्थ) होने का क्या अर्थ है?
Answer
जिसके मन में राम नाम की लगन है और जो लोभ-कपट से रहित है, उसका शरीर ही तीर्थ समान है।
Question
कबीर का जन्म कब और कहाँ माना जाता है?
Answer
सन् 1398 में काशी में।
Question
कबीर की मृत्यु कहाँ हुई थी?
Answer
सन् 1518 के आसपास मगहर में।
Question
कबीर ने ज्ञान प्राप्ति के लिए किन माध्यमों का उपयोग किया?
Answer
सत्संग, पर्यटन (घूमना-फिरना) और अनुभव।
Question
कबीर पंथ में कबीर की रचनाओं का कौन-सा संग्रह प्रामाणिक माना जाता है?
Answer
बीजक।
Question
कबीर किस भक्ति परम्परा के प्रमुख कवि थे?
Answer
भक्तिकालीन निर्गुण संत परम्परा।
Question
कबीर के अनुसार ईश्वर की व्याप्ति कहाँ है?
Answer
प्रत्येक जीव के भीतर (सब स्वाँसों की स्वाँस में)।
Question
कबीर ने अपने काव्य में किस प्रकार के पाखंडों का खंडन किया है?
Answer
ईश्वर के नाम पर होने वाले भेदभाव, कर्मकांड और बाह्याडंबरों का।
Question
साखी: 'मानसरोवर' किसका प्रतीक है?
Answer
पवित्र मन या हृदय का।
Question
साखी 1: 'हंसा केलि कराहिं' में 'हंसा' (हंस) किसका प्रतीक है?
Answer
जीवात्मा या साधक का।
Question
जब प्रेमी को प्रेमी (ईश्वर भक्त) मिलता है, तो 'विष' किसमें बदल जाता है?
Answer
अमृत में।
Question
कबीर के अनुसार 'हस्ती' (हाथी) पर चढ़ने के लिए किस प्रकार के 'दुलीचे' (आसन) की आवश्यकता है?
Answer
सहज साधना रूपी गलीचे की।
Question
कबीर ने संसार की तुलना किससे की है जो व्यर्थ में भौंकता रहता है?
Answer
स्वान (कुत्ते) से।
Question
कबीर के अनुसार 'सच्चा संत' कौन कहलाता है?
Answer
जो पक्ष-विपक्ष (भेदभाव) को छोड़कर निष्पक्ष होकर ईश्वर का भजन करता है।
Question
कबीर ने 'मुवा' (मरा हुआ) किसे कहा है जो सांप्रदायिक नामों में उलझा रहता है?
Answer
जो 'राम' और 'खुदा' के नाम पर आपस में लड़कर भेदभाव पैदा करते हैं।
Question
धार्मिक भेदभाव मिटने पर कबीर के लिए 'काबा' क्या बन गया?
Answer
काशी।
Question
अभेद दृष्टि होने पर कबीर के लिए 'मोटा चून' (मोटा आटा) क्या बन गया?
Answer
मैदा (बारीक और खाने योग्य)।
Question
ऊँचे कुल में जन्म लेने के बावजूद व्यक्ति निंदा का पात्र कब बनता है?
Answer
जब उसके कर्म ऊँचे या अच्छे नहीं होते।
Question
कबीर ने 'सोने के कलश' और 'मदिरा' का उदाहरण क्यों दिया है?
Answer
यह बताने के लिए कि अच्छे कुल (सोना) में जन्म लेने पर भी बुरे कर्म (शराब) व्यक्ति को निंदनीय बनाते हैं।
Question
कबीर के 'सपद' (पद) 1 के अनुसार, ईश्वर कहाँ नहीं मिलता?
Answer
मंदिर, मस्जिद, काबा, कैलाश और कर्मकांडों में।
Question
ईश्वर को पाने के लिए कबीर ने किसे अनिवार्य माना है?
Answer
सच्ची खोज (तलाश) और मन की पवित्रता को।
Question
कबीर ने ज्ञान के आगमन की तुलना किससे की है?
Answer
आँधी से।
Question
ज्ञान की आँधी आने पर 'भ्रम की टाटी' का क्या होता है?
Answer
वह पूरी तरह से उड़ जाती है।
Question
ज्ञान की आँधी में मोह रूपी 'बलिंडा' (छप्पर की मुख्य लकड़ी) का क्या परिणाम होता है?
Answer
वह टूट जाता है।
Question
कबीर के अनुसार, ज्ञान की आँधी के बाद जो प्रेम की वर्षा होती है, उसमें कौन भीगता है?
Answer
प्रभु का भक्त (हरि जन)।
Question
ज्ञान रूपी सूर्य के उदय होने पर क्या नष्ट हो जाता है?
Answer
अज्ञान रूपी अंधकार।
Question
शब्द-संपदा: 'सुभर' शब्द का अर्थ क्या है?
Answer
अच्छी तरह भरा हुआ।
Question
शब्द-संपदा: 'मुक्ताफल' का क्या अर्थ है?
Answer
मोती।
Question
शब्द-संपदा: 'पखापखी' का अर्थ स्पष्ट करें।
Answer
पक्ष-विपक्ष या भेदभाव।
Question
शब्द-संपदा: 'दुलीचा' का शाब्दिक अर्थ क्या है?
Answer
कालीन या साधना के लिए बिछाया गया छोटा आसन।
Question
शब्द-संपदा: 'झख मारना' मुहावरे का अर्थ क्या है?
Answer
वक्त बर्बाद करना या मजबूर होना।
Question
शब्द-संपदा: 'टाटी' का क्या अर्थ है?
Answer
बाँस की फट्टियों से बना पर्दा या ओट।
Question
शब्द-संपदा: 'भाँडा फूटा' का अर्थ क्या है?
Answer
भेद खुलना।
Question
शब्द-संपदा: 'निरचू' का क्या अर्थ है?
Answer
थोड़ा भी या जरा भी।
Question
शब्द-संपदा: 'चुवै' शब्द का क्या अर्थ है?
Answer
टपकता है या रिसता है।
Question
कबीर के अनुसार मनुष्य ईश्वर को कहाँ-कहाँ ढूँढ़ता फिरता है?
Answer
मंदिर, मस्जिद, काबा, कैलाश, योग साधना और वैराग्य में।
Question
कबीर ने ईश्वर प्राप्ति के लिए किन प्रचलित विश्वासों का खंडन किया है?
Answer
बाहरी दिखावा, तीर्थ यात्रा और विशेष वेशभूषा या कर्मकांडों का।
Question
कबीर ने ईश्वर को 'सब स्वाँसों की स्वाँस में' क्यों कहा है?
Answer
क्योंकि ईश्वर कण-कण में और हर मनुष्य के हृदय में प्राण बनकर समाया हुआ है।
Question
ज्ञान की आँधी का भक्त के जीवन पर क्या प्रभाव पड़ता है?
Answer
उसके मन का कूड़ा-कर्कट, कपट, मोह और भ्रम दूर हो जाता है।
Question
कबीर के अनुसार 'साधु' किसकी निंदा करते हैं?
Answer
उस व्यक्ति की जो ऊँचे कुल में जन्म लेकर भी नीच कर्म करता है।
Question
शब्द: 'थूनी' | अर्थ: _____
Answer
स्तंभ या खंभा।
Question
शब्द: 'बूठा' | अर्थ: _____
Answer
वर्षा हुई (बरसा)।
Question
शब्द: 'खीना' | अर्थ: _____
Answer
क्षीण हुआ या नष्ट हुआ।
Question
कबीर की भाषा को क्या कहा जाता है?
Answer
सधुक्कड़ी या जनभाषा (जो दर्शन को सरल ढंग से व्यक्त करती है)।
Question
साखी 4 के अनुसार, संसार किसको भूल गया है?
Answer
पक्ष-विपक्ष और तर्क-वितर्क के कारण ईश्वर को।
Question
कबीर की साखियों में 'अनत' (अंनत) शब्द का क्या अर्थ है?
Answer
अन्यत्र (कहीं और)।
Question
कबीर के अनुसार सच्चा ज्ञानी कौन है?
Answer
जो निष्पक्ष होकर हरि का भजन करता है।
Question
गाँधी जी के आश्रम में गाया जाने वाला प्रसिद्ध भजन 'वैष्णव जन तो' के रचयिता कौन हैं?
Answer
नरसी मेहता।
Question
कबीर ने अपनी साखियों में किस भाषा का प्रयोग किया है जो आम जनता के निकट है?
Answer
सधुक्कड़ी या लोकभाषा।
Question
कबीर के 'सपद' में 'कुबुद्धि का भाँडा फूटा' से क्या तात्पर्य है?
Answer
ज्ञान प्राप्त होने पर बुरी बुद्धि या अज्ञान का नष्ट होना।