Study Materials Available

Access summaries, videos, slides, infographics, mind maps and more

View Materials

बच्चे काम पर जा रहे हैं

प्रश्न-अभ्यास

1. कविता की पहली दो पंक्तियों को पढ़ने तथा विचार करने से आपके मन-मस्तिष्क में जो चित्र उभरता है उसे लिखकर व्यक्त कीजिए।

उत्तर: कविता की पहली दो पंक्तियाँ हैं- "कोहरे से ढँकी सड़क पर बच्चे काम पर जा रहे हैं।"
इन पंक्तियों को पढ़कर हमारे मन में एक अत्यधिक करुणाजनक और उदासी भरा चित्र उभरता है। कड़ाके की ठंड पड़ रही है और चारों तरफ घना कोहरा छाया हुआ है। ऐसी ठिठुरती सुबह में, जब बच्चों को रजाई में सोए रहना चाहिए या स्कूल जाने की तैयारी करनी चाहिए, तब छोटे-छोटे बच्चे मजबूरी में काम करने के लिए निकले हैं। यह दृश्य उनकी विवशता और समाज की संवेदनहीनता को दर्शाता है।


2. कवि का मानना है कि बच्चों के काम पर जाने की भयानक बात को विवरण की तरह न लिखकर सवाल के रूप में पूछा जाना चाहिए कि 'काम पर क्यों जा रहे हैं बच्चे?' कवि की दृष्टि में उसे प्रश्न के रूप में क्यों पूछा जाना चाहिए?

उत्तर: कवि की दृष्टि में इसे प्रश्न के रूप में इसलिए पूछा जाना चाहिए क्योंकि:
1. समस्या की गंभीरता: किसी बात को विवरण की तरह लिखने से वह एक सामान्य घटना लगती है, जिसे लोग पढ़कर भूल जाते हैं।
2. समाज को झकझोरना: जब इसे सवाल की तरह पूछा जाता है, तो यह समाज और सरकार की अंतरात्मा को झकझोरता है। यह बाध्य करता है कि हम सोचें कि आखिर ऐसी क्या मजबूरी है कि इन बच्चों का बचपन छिन गया है।
3. समाधान की खोज: प्रश्न पूछने से समस्या के कारण और निवारण की ओर ध्यान जाता है। यह समाज के लिए एक चुनौती है कि वह इस अन्याय को क्यों स्वीकार कर रहा है।


3. सुविधा और मनोरंजन के उपकरणों से बच्चे वंचित क्यों हैं?

उत्तर: बच्चे सुविधा और मनोरंजन के उपकरणों से इसलिए वंचित हैं क्योंकि:
1. गरीबी: उनके माता-पिता अत्यंत निर्धन हैं और वे अपने बच्चों की बुनियादी ज़रूरतें (रोटी, कपड़ा, मकान) भी मुश्किल से पूरी कर पाते हैं, खिलौने या किताबें खरीदना तो दूर की बात है।
2. बाल श्रम: पेट भरने की मजबूरी के कारण उन्हें खेलने-कूदने की उम्र में काम करना पड़ता है।
3. सामाजिक असमानता: समाज में संसाधनों का असमान वितरण है, जिससे गरीब बच्चों को शिक्षा और खेलकूद के अवसर नहीं मिल पाते।


4. दिन-प्रतिदिन के जीवन में हर कोई बच्चों को काम पर जाते देख रहा/रही है, फिर भी किसी को कुछ अटपटा नहीं लगता। इस उदासीनता के क्या कारण हो सकते हैं?

उत्तर: समाज की इस उदासीनता के निम्नलिखित कारण हो सकते हैं:
1. अभ्यस्त हो जाना: लोग रोज़ाना बाल मज़दूरी होते देखते हैं, इसलिए अब यह दृश्य उनके लिए सामान्य हो गया है।
2. व्यस्तता और स्वार्थ: लोग अपने काम और जीवन में इतने व्यस्त हैं कि वे दूसरों (विशेषकर गरीबों) की समस्याओं के बारे में सोचने का समय ही नहीं निकालते।
3. जिम्मेदारी से बचना: लोग सोचते हैं कि यह सरकार या प्रशासन का काम है, हमारा नहीं।
4. संवेदनशीलता की कमी: मानवीय मूल्यों में गिरावट आई है और लोग दूसरों के दुख-दर्द के प्रति कठोर हो गए हैं।


5. आपने अपने शहर में बच्चों को कब-कब और कहाँ-कहाँ काम करते हुए देखा है?

उत्तर: मैंने अपने शहर में बच्चों को अनेक जगहों पर काम करते हुए देखा है, जैसे:
* चाय की दुकानों और ढाबों पर बर्तन धोते या चाय परोसते हुए।
* होटलों और रेस्टोरेंट में मेज़ साफ़ करते हुए।
* निर्माण स्थलों (construction sites) पर ईंट-गारा ढोते हुए।
* घरों में झाड़ू-पोछा या घरेलू नौकर के रूप में काम करते हुए।
* चौराहों और ट्रैफ़िक सिग्नलों पर अखबार, खिलौने या फूल बेचते हुए।
* कचरा बीनते हुए।


6. बच्चों का काम पर जाना धरती के एक बड़े हादसे के समान क्यों है?

उत्तर: बच्चों का काम पर जाना एक बड़े हादसे (त्रासदी) के समान इसलिए है क्योंकि:
1. भविष्य का विनाश: बच्चे देश और समाज का भविष्य होते हैं। यदि वे अनपढ़ और अस्वस्थ रह जाएंगे, तो देश का विकास रुक जाएगा।
2. बचपन की हत्या: बचपन जीवन का सबसे सुंदर पड़ाव है। काम के बोझ तले दबकर उनका खेल, शिक्षा और खुशियाँ सब नष्ट हो जाती हैं।
3. मानवता पर कलंक: यदि हम अपने बच्चों को सुरक्षित और खुशहाल बचपन नहीं दे सकते, तो यह पूरी मानव जाति के लिए शर्मनाक है। यह उस संभावना का अंत है जो उन बच्चों के जरिए दुनिया को मिल सकती थी।


रचना और अभिव्यक्ति

7. काम पर जाते किसी बच्चे के स्थान पर अपने-आप को रखकर देखिए। आपको जो महसूस होता है उसे लिखिए।

उत्तर: अगर मैं काम पर जाने वाले बच्चे की जगह होता, तो मुझे बहुत दुख और पीड़ा होती।
"सुबह उठकर जब मैं दूसरे बच्चों को स्कूल जाते देखता, तो मेरा मन रो पड़ता। मुझे लगता कि मेरी क्या गलती है जो मुझे यह भारी काम करना पड़ रहा है? मेरा भी मन करता कि मैं रंग-बिरंगे कपड़े पहनूँ, स्कूल जाऊँ और दोस्तों के साथ खेलूँ। मालिक की डांट-फटकार और दिन भर की कड़ी मेहनत मुझे शारीरिक और मानसिक रूप से तोड़ देती। मुझे अपना जीवन अंधकारमय और निराशाजनक लगता। मुझे समाज और ईश्वर से शिकायत होती कि उन्होंने मुझे ऐसा बचपन क्यों दिया।"


8. आपके विचार से बच्चों को काम पर क्यों नहीं भेजा जाना चाहिए? उन्हें क्या करने के मौके मिलने चाहिए?

उत्तर: मेरे विचार से बच्चों को काम पर बिल्कुल नहीं भेजा जाना चाहिए क्योंकि:
* उनका शरीर और मन कोमल होता है, वे मेहनत का काम करने के लिए नहीं बने हैं।
* काम करने से उनका शारीरिक और मानसिक विकास रुक जाता है।
* वे शिक्षा से वंचित रह जाते हैं, जिससे उनका पूरा जीवन गरीबी में बीतने की संभावना बढ़ जाती है।

उन्हें निम्नलिखित मौके मिलने चाहिए:
1. शिक्षा: पढ़ने-लिखने और ज्ञान प्राप्त करने का पूरा अवसर।
2. खेलकूद: खेलने, कूदने और मनोरंजन का अवसर।
3. सुरक्षा: एक सुरक्षित और प्रेमपूर्ण वातावरण में रहने का हक।
4. विकास: अपनी प्रतिभा और कौशल को निखारने का मौका।

Quick Navigation:
Quick Review Flashcards - Click to flip and test your knowledge!
Question
राजेश जोशी का जन्म किस वर्ष हुआ था?
Answer
सन् 1946 में।
Question
राजेश जोशी का जन्म मध्य प्रदेश के किस जिले में हुआ था?
Answer
नरसिंहगढ़ जिले में।
Question
राजेश जोशी ने अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद किस पेशे से शुरुआत की?
Answer
पत्रकारिता से।
Question
राजेश जोशी ने अध्यापन (Teaching) का कार्य कितने समय तक किया?
Answer
कुछ वर्षों तक।
Question
राजेश जोशी द्वारा रचित किन्हीं दो काव्य-संग्रहों के नाम बताइए।
Answer
'मिट्टी का चेहरा' और 'दो पंक्तियों के बीच'।
Question
राजेश जोशी को मध्य प्रदेश शासन द्वारा किस सम्मान से अलंकृत किया गया है?
Answer
शिखर सम्मान।
Question
राजेश जोशी को प्रदान किए गए किन्हीं दो प्रमुख पुरस्कारों के नाम बताइए।
Answer
माखनलाल चतुर्वेदी पुरस्कार और साहित्य अकादमी पुरस्कार।
Question
राजेश जोशी ने भर्तृहरि की कविताओं की अनुचरना किस नाम से की है?
Answer
'भूमि का कल्पतरु यह भी'।
Question
मायकोवस्की की कविता का राजेश जोशी ने किस शीर्षक से अनुवाद किया है?
Answer
'पतलून पहना बादल'।
Question
राजेश जोशी की कविताओं के अनुवाद किन प्रमुख विदेशी भाषाओं में प्रकाशित हुए हैं?
Answer
अंग्रेजी, रूसी और जर्मन।
Question
राजेश जोशी की कविताओं में किस प्रकार का 'अभिप्राय' प्रमुखता से मिलता है?
Answer
गहरा सामाजिक अभिप्राय।
Question
राजेश जोशी के काव्यलोक की दो प्रमुख विशेषताएं क्या हैं?
Answer
आत्मीयता और लयात्मकता।
Question
कविता 'बच्चे काम पर जा रहे हैं' में बच्चे किस समय काम पर निकल रहे हैं?
Answer
सुबह-सुबह।
Question
कविता के प्रारंभ में सड़क किस चीज़ से ढकी हुई बताई गई है?
Answer
कोहरे से।
Question
कवि के अनुसार 'बच्चे काम पर जा रहे हैं' हमारे समय की कैसी पंक्ति है?
Answer
सबसे भयानक पंक्ति।
Question
कवि के अनुसार बाल श्रम की समस्या को 'विवरण' की जगह किस रूप में पूछा जाना चाहिए?
Answer
सवाल (प्रश्न) के रूप में।
Question
कवि के अनुसार रंग-बिरंगी किताबों को किसने खा लिया है?
Answer
दीमकों ने।
Question
बच्चों के सारे खिलौने कहाँ दब गए हैं?
Answer
काले पहाड़ के नीचे।
Question
मदरसों की इमारतें किस प्राकृतिक आपदा के कारण ढह गई हैं?
Answer
भूकंप के कारण।
Question
कवि के अनुसार अचानक क्या-क्या खत्म हो गए हैं?
Answer
सारे मैदान, बगीचे और घरों के आँगन।
Question
दुनिया के नष्ट होने के खतरे के बीच कवि क्या खोजने के लिए बेचैन रहता है?
Answer
जीवन की संभावनाओं को।
Question
प्रस्तुत कविता में बच्चों से क्या छीन लिए जाने की पीड़ा व्यक्त हुई है?
Answer
उनका बचपन।
Question
कवि किस विडंबना की ओर इशारा करता है जिसमें बच्चे खेल और शिक्षा से वंचित हैं?
Answer
सामाजिक-आर्थिक विडंबना।
Question
शब्दार्थ: 'कोहरा' का अर्थ क्या है?
Answer
धुंध।
Question
शब्दार्थ: 'मदरसा' का अर्थ क्या है?
Answer
विद्यालय।
Question
शब्दार्थ: 'हसबमामूल' का क्या अर्थ है?
Answer
यथावत (जैसा था वैसा ही)।
Question
भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद में बाल श्रम के प्रतिषेध का उल्लेख है?
Answer
अनुच्छेद 24।
Question
अनुच्छेद 24 के अनुसार कितने वर्ष से कम आयु के बच्चे को कारखाने में काम पर नहीं लगाया जा सकता?
Answer
चौदह वर्ष।
Question
राजेश जोशी की कविताओं में संकट के समय भी क्या उभरती है?
Answer
गहरी आस्था।
Question
राजेश जोशी ने साहित्य की किन विधाओं में लेखन कार्य किया है?
Answer
कविता, कहानी, नाटक, लेख और टिप्पणियाँ।
Question
कवि के अनुसार यदि दुनिया की सारी चीजें (गेंदें, खिलौने आदि) खत्म हो गई होतीं, तो यह कैसा होता?
Answer
अत्यंत भयानक।
Question
कवि को सबसे ज्यादा भयानक क्या लगता है?
Answer
कि सारी चीजें 'हसबमामूल' (यथावत) हैं फिर भी बच्चे काम पर जा रहे हैं।
Question
बच्चे कहाँ से गुजरते हुए काम पर जा रहे हैं?
Answer
दुनिया की हजारों सड़कों से।
Question
राजेश जोशी के अनुसार मनुष्यता को बचाए रखने के लिए क्या जरूरी है?
Answer
निरंतर संघर्ष।
Question
कवि के अनुसार क्या सारी गेंदें अंतरिक्ष में गिर गई हैं?
Answer
नहीं (यह एक प्रतीकात्मक प्रश्न है)।
Question
राजेश जोशी की कविताओं में किन तत्वों की व्याप्ति मिलती है?
Answer
स्थानीय बोली-बानी, मिज़ाज और मौसम।
Question
Cloze: कोहरे से ढकी _____ पर बच्चे काम पर जा रहे हैं।
Answer
सड़क
Question
Cloze: बच्चों का काम पर जाना धरती के एक बड़े _____ के समान है।
Answer
हादसे
Question
Cloze: _____ की इमारतें भूकंप में ढह गई हैं।
Answer
मदरसों
Question
Cloze: राजेश जोशी का जन्म सन् _____ में हुआ।
Answer
1946
Question
Cloze: 'नेपथ्य में हँसी' _____ का काव्य-संग्रह है।
Answer
राजेश जोशी
Question
राजेश जोशी ने कुछ लघु फिल्मों के लिए किस प्रकार का लेखन कार्य किया?
Answer
पटकथा लेखन।
Question
कविता में 'काले पहाड़' किसके प्रतीक हो सकते हैं?
Answer
शोषणकारी व्यवस्था या बाधाओं के।
Question
कविता के अंत में कवि किस बात पर जोर देता है?
Answer
कि बच्चे बहुत छोटे-छोटे हैं और उन्हें काम पर नहीं जाना चाहिए।
Question
राजेश जोशी की कविताओं में 'जीवन की संभावनाओं' की खोज के पीछे क्या कारण है?
Answer
दुनिया के नष्ट होने का प्रबल खतरा।
Question
अनुच्छेद 24 के अनुसार बच्चों को किस प्रकार के नियोजन में नहीं लगाया जाएगा?
Answer
किसी भी परिसंकटमय (Hazardous) नियोजन में।
Question
राजेश जोशी के काव्य में 'आत्मीयता' का क्या तात्पर्य है?
Answer
मनुष्यता और परिवेश के प्रति गहरा जुड़ाव।
Question
कविता 'बच्चे काम पर जा रहे हैं' पाठकों से क्या करने की अपेक्षा करती है?
Answer
बाल श्रम के कारणों पर विचार करने और सवाल पूछने की।
Question
कवि ने बच्चों के स्कूल के लिए किस शब्द का प्रयोग किया है?
Answer
मदरसा।
Question
राजेश जोशी की कविताओं के अनुवाद किन भारतीय भाषाओं में हुए हैं?
Answer
कई भारतीय भाषाओं में (सटीक नाम स्रोत में नहीं हैं)।
Question
'एक दिन बोलेंगे पेड़' कृति की विधा क्या है?
Answer
काव्य-संग्रह।
Question
राजेश जोशी की कविताओं में 'मौसम' और 'मिज़ाज' का क्या अर्थ है?
Answer
स्थानीय परिवेश और वहाँ के लोगों की मानसिकता का चित्रण।