तताँरा-वामीरो कथा - प्रश्न-अभ्यास
मौखिकनिम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए—
1. तताँरा-वामीरो कहाँ की कथा है?
उत्तर: तताँरा-वामीरो अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के एक छोटे से द्वीप की प्रसिद्ध लोककथा है।
2. वामीरो अपना गाना क्यों भूल गई?
उत्तर: समुद्र की एक ऊँची लहर द्वारा अचानक भिगो दिए जाने के कारण वामीरो हड़बड़ा गई और गाना भूल गई।
3. तताँरा ने वामीरो से क्या याचना की?
उत्तर: तताँरा ने वामीरो से अपना अधूरा गाना पूरा करने और अगले दिन उसी चट्टान पर फिर से आने की याचना की।
4. तताँरा और वामीरो के गाँव की क्या रीति थी?
उत्तर: उनके गाँव की रीति थी कि विवाह संबंध केवल अपने ही गाँव के युवक-युवती के बीच हो सकता था, दूसरे गाँव में नहीं।
5. क्रोध में तताँरा ने क्या किया?
उत्तर: क्रोध में तताँरा ने अपनी कमर में बँधी लकड़ी की तलवार निकालकर पूरी शक्ति से धरती में घोंप दी और उसे खींचते हुए द्वीप को दो टुकड़ों में बाँट दिया।
लिखित
(क) निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए—
1. तताँरा की तलवार के बारे में लोगों का क्या मत था?
उत्तर: लोगों का मत था कि तताँरा की लकड़ी की तलवार में अद्भुत दैवीय शक्ति थी। वह उसे कभी अपने से अलग नहीं करता था और न ही दूसरों के सामने उसका उपयोग करता था, लेकिन उसके साहसिक कारनामों के कारण लोग तलवार को विलक्षण रहस्य मानते थे।
2. वामीरो ने तताँरा को बेरुखी से क्या जवाब दिया?
उत्तर: वामीरो ने बेरुखी से जवाब दिया कि वह एक अनजान युवक के असंगत प्रश्नों का उत्तर देने के लिए बाध्य नहीं है। उसने यह भी कहा कि अपने गाँव के अलावा किसी और गाँव के युवक के प्रश्नों का उत्तर न देना ही वहाँ की परंपरा है।
3. तताँरा-वामीरो की त्यागमयी मृत्यु से निकोबार में क्या परिवर्तन आया?
उत्तर: उनकी त्यागमयी मृत्यु के बाद निकोबारियों की रूढ़िवादी सोच में परिवर्तन आ गया। अब निकोबार में दूसरे गाँवों में भी आपसी वैवाहिक संबंध स्थापित करने की अनुमति मिल गई और वह पुरानी निषेध परंपरा समाप्त हो गई।
4. निकोबार के लोग तताँरा को क्यों पसंद करते थे?
उत्तर: तताँरा एक नेक, मददगार और शक्तिशाली युवक था। वह सदैव दूसरों की सहायता के लिए तत्पर रहता था और केवल अपने गाँव ही नहीं, बल्कि समूचे द्वीपवासियों की सेवा करना अपना कर्तव्य समझता था। उसके इसी आत्मीय स्वभाव के कारण लोग उसे पसंद करते थे।
(ख) निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए—
1. निकोबार द्वीपसमूह के विभक्त होने के बारे में निकोबारियों का क्या विश्वास है?
उत्तर: निकोबारियों का विश्वास है कि प्राचीन काल में लिटिल अंडमान और कार-निकोबार दोनों एक ही द्वीप थे। इनके विभक्त होने के पीछे तताँरा और वामीरो की प्रेम कथा है। तताँरा के क्रोध द्वारा अपनी तलवार से धरती को काटने के कारण यह द्वीप दो टुकड़ों में बँट गया। एक टुकड़ा लिटिल अंडमान बना और दूसरा कार-निकोबार। यह घटना तताँरा के बलिदान और गुस्से का परिणाम मानी जाती है।
2. तताँरा खूब परिश्रम करने के बाद कहाँ गया? वहाँ के प्राकृतिक सौंदर्य का वर्णन अपने शब्दों में कीजिए।
उत्तर: दिनभर के अथक परिश्रम के बाद तताँरा समुद्र किनारे टहलने गया। वहाँ का वातावरण बहुत शांत और मोहक था। सूरज डूबने को था और समुद्र से ठंडी हवाएँ आ रही थीं। पक्षियों की चहचहाहट धीरे-धीरे कम हो रही थी। डूबते सूरज की रंग-बिरंगी किरणें समुद्र के पानी पर एक अद्भुत सौंदर्य बिखेर रही थीं। तताँरा वहाँ बालू पर बैठकर इस शांत प्राकृतिक सौंदर्य को निहारने लगा।
3. वामीरो से मिलने के बाद तताँरा के जीवन में क्या परिवर्तन आया?
उत्तर: वामीरो से मिलने के बाद तताँरा का जीवन पूरी तरह बदल गया। वह अपनी सुध-बुध खो बैठा और हर समय वामीरो के ख्यालों में खोया रहने लगा। उसे दिन-रात केवल वामीरो की प्रतीक्षा रहती थी। वह बहुत व्याकुल और बेचैन रहने लगा। उसके गंभीर और शांत जीवन में पहली बार ऐसी उथल-पुथल मची थी। वह शाम होने से पहले ही उस समुद्री चट्टान पर पहुँचकर वामीरो की बाट जोहने लगता था।
4. प्राचीन काल में मनोरंजन और शक्ति-प्रदर्शन के लिए किस प्रकार के आयोजन किए जाते थे?
उत्तर: प्राचीन काल में मनोरंजन और शक्ति-प्रदर्शन के लिए 'पशु-पर्व' जैसे मेलों का आयोजन किया जाता था। इसमें हष्ट-पुष्ट पशुओं का प्रदर्शन होता था और युवकों की शक्ति परीक्षा के लिए उन्हें पशुओं से भिड़ाया जाता था। इसके साथ ही नृत्य, संगीत और भोजन का भी प्रबंध होता था, जिसमें सभी गाँव के लोग उत्साहपूर्वक भाग लेते थे।
5. रूढ़ियाँ जब बंधन बन बोझ बनने लगें तब उनका टूट जाना ही अच्छा है। क्यों? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: रूढ़ियाँ और परंपराएँ समाज को अनुशासित करने और जोड़ने के लिए बनाई जाती हैं, लेकिन जब वे समय के साथ नहीं बदलतीं और मनुष्य की स्वतंत्रता या खुशियों में बाधा बनने लगती हैं, तो वे बोझ बन जाती हैं। ऐसी रूढ़ियाँ जो प्रेम और मानवता के खिलाफ हों, उन्हें तोड़ देना ही समाज के हित में होता है। तताँरा-वामीरो की कहानी भी यही संदेश देती है कि जो परंपराएँ कष्टदायी हों, उनका अंत होना आवश्यक है ताकि समाज प्रगति कर सके।
(ग) निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए—
1. जब कोई राह न सूझी तो क्रोध का शमन करने के लिए उसमें शक्ति भर उसे धरती में घोंप दिया और ताकत से उसे खींचने लगा।
उत्तर: इस पंक्ति का आशय है कि तताँरा सामाजिक बंधनों और वामीरो की माँ द्वारा किए गए अपमान से अत्यधिक क्रोधित और असहाय महसूस कर रहा था। वह वामीरो के दुख को देख नहीं पा रहा था और न ही परंपरा तोड़ पा रहा था। अपनी इसी लाचारी और गुस्से को निकालने के लिए उसने अपनी तलवार धरती में गाड़ दी और पूरी ताकत से उसे खींचने लगा, जिससे उसका आंतरिक गुबार बाहर निकल सके।
2. बस आस की एक किरण थी जो समुद्र की देह पर डूबती किरणों की तरह कभी भी डूब सकती थी।
उत्तर: इसका आशय तताँरा की मानसिक स्थिति से है जब वह वामीरो का इंतजार कर रहा था। उसे उम्मीद थी कि वामीरो आएगी, लेकिन यह उम्मीद बहुत कमजोर थी। जैसे शाम को सूरज की किरणें समुद्र में डूबकर अंधकार में बदल जाती हैं, वैसे ही तताँरा को डर था कि अगर वामीरो नहीं आई तो उसकी आशा भी निराशा में बदल जाएगी। यह पंक्ति उसकी व्याकुलता और अनिश्चितता को दर्शाती है।
भाषा अध्ययन
1. निम्नलिखित वाक्यों के सामने दिए कोष्ठक में (✓) का चिह्न लगाकर बताएँ कि वह वाक्य किस प्रकार का है—
(क) निकोबारी उसे बेहद प्रेम करते थे। (प्रश्नवाचक, विधानवाचक, निषेधात्मक, विस्मयादिबोधक)
उत्तर: विधानवाचक
(ख) तुमने एकाएक इतना मधुर गाना अधूरा क्यों छोड़ दिया? (प्रश्नवाचक, विधानवाचक, निषेधात्मक, विस्मयादिबोधक)
उत्तर: प्रश्नवाचक
(ग) वामीरो की माँ क्रोध में उफन उठी। (प्रश्नवाचक, विधानवाचक, निषेधात्मक, विस्मयादिबोधक)
उत्तर: विधानवाचक
(घ) क्या तुम्हें गाँव का नियम नहीं मालूम? (प्रश्नवाचक, विधानवाचक, निषेधात्मक, विस्मयादिबोधक)
उत्तर: प्रश्नवाचक
(ङ) वाह! कितना सुंदर नाम है। (प्रश्नवाचक, विधानवाचक, निषेधात्मक, विस्मयादिबोधक)
उत्तर: विस्मयादिबोधक
(च) मैं तुम्हारा रास्ता छोड़ दूँगा। (प्रश्नवाचक, विधानवाचक, निषेधात्मक, विस्मयादिबोधक)
उत्तर: विधानवाचक
2. निम्नलिखित मुहावरों का अपने वाक्यों में प्रयोग कीजिए—
(क) सुध-बुध खोना
उत्तर: मधुर संगीत सुनकर श्रोता अपनी सुध-बुध खो बैठे।
(ख) बाट जोहना
उत्तर: माँ दरवाजे पर खड़े होकर अपने बेटे की बाट जोह रही थी।
(क) खुशी का ठिकाना न रहना
उत्तर: परीक्षा में प्रथम आने पर मेरी खुशी का ठिकाना न रहा।
(घ) आग बबूला होना
उत्तर: झूठ पकड़े जाने पर वह आग बबूला हो गया।
(ङ) आवाज उठाना
उत्तर: अन्याय के खिलाफ हमें हमेशा आवाज उठानी चाहिए।
3. नीचे दिए गए शब्दों में से मूल शब्द और प्रत्यय अलग करके लिखिए—
| शब्द | मूल शब्द | प्रत्यय |
|---|---|---|
| चर्चित | चर्चा | इत |
| साहसिक | साहस | इक |
| छटपटाहट | छटपटा | आहट |
| शब्दहीन | शब्द | हीन |
4. नीचे दिए गए शब्दों में उचित उपसर्ग लगाकर शब्द बनाइए—
अति / अन् + आकर्षक = अत्याकर्षक / अनाकर्षक
अ + ज्ञात = अज्ञात
सु + कोमल = सुकोमल
बे + होश = बेहोश
दुर + घटना = दुर्घटना
5. निम्नलिखित वाक्यों को निर्देशानुसार परिवर्तित कीजिए—
(क) जीवन में पहली बार मैं इस तरह विचलित हुआ हूँ। (मिश्र वाक्य)
उत्तर: यह जीवन में पहली बार है कि मैं इस तरह विचलित हुआ हूँ।
(ख) फिर तेज कदमों से चलती हुई तताँरा के सामने आकर ठिठक गई। (संयुक्त वाक्य)
उत्तर: वह तेज कदमों से चली और तताँरा के सामने आकर ठिठक गई।
(ग) वामीरो कुछ सचेत हुई और घर की तरफ दौड़ी। (सरल वाक्य)
उत्तर: वामीरो कुछ सचेत होकर घर की तरफ दौड़ी।
(घ) तताँरा को देखकर वह फूटकर रोने लगी। (संयुक्त वाक्य)
उत्तर: उसने तताँरा को देखा और फूटकर रोने लगी।
(ङ) रीति के अनुसार दोनों को एक ही गाँव का होना आवश्यक था। (मिश्र वाक्य)
उत्तर: रीति के अनुसार यह आवश्यक था कि दोनों एक ही गाँव के हों।
6. नीचे दिए गए वाक्य पढ़िए, तथा 'और' शब्द के विभिन्न प्रयोगों पर ध्यान दीजिए—
(नोट: यहाँ 'और' के प्रयोगों को स्पष्ट किया गया है)
(क) पास में सुंदर और शक्तिशाली युवक रहा करता था। (दो शब्दों को जोड़ने वाला समुच्चयबोधक)
(ख) वह कुछ और सोचने लगी। ('दूसरा' या 'भिन्न' के अर्थ में)
(ग) एक आकृति कुछ साफ हुई... कुछ और... कुछ और... ('क्रमशः' या 'अधिकता' के अर्थ में)
(घ) अचानक वामीरो कुछ सचेत हुई और घर की तरफ दौड़ गई। (दो उपवाक्यों को जोड़ने वाला)
(ङ) वामीरो का दुख उसे और गहरा कर रहा था। ('अधिक' या 'ज्यादा' के अर्थ में)
(च) उसने थोड़ा और करीब जाकर पहचानने की चेष्टा की। ('अधिक' के अर्थ में)
7. नीचे दिए गए शब्दों के विलोम शब्द लिखिए—
भय — निर्भय / साहस
मधुर — कटु / कर्कश
सभ्य — असभ्य
मूक — वाचाल
तरल — ठोस
उपस्थिति — अनुपस्थिति
सुखद — दुखद
8. नीचे दिए गए शब्दों के दो-दो पर्यायवाची शब्द लिखिए—
समुद्र — सागर, जलधि, सिन्धु
आँख — नेत्र, नयन, लोचन
दिन — दिवस, वासर, वार
अँधेरा — अंधकार, तम, तिमिर
मुक्त — स्वतंत्र, आजाद, स्वाधीन
9. नीचे दिए गए शब्दों का वाक्यों में प्रयोग कीजिए—
किंकर्तव्यविमूढ़
उत्तर: अचानक शेर को सामने देखकर शिकारी किंकर्तव्यविमूढ़ हो गया।
विह्वल
उत्तर: माँ को देखकर रोता हुआ बच्चा विह्वल हो उठा।
भयाकुल
उत्तर: भूकंप के झटके महसूस होते ही लोग भयाकुल होकर बाहर भागने लगे।
याचक
उत्तर: मंदिर के बाहर एक याचक खड़ा था।
आकंठ
उत्तर: वह संगीत के प्रेम में आकंठ डूबा हुआ है।
10. 'किसी तरह आँचरहित एक ठंडा और ऊबाऊ दिन गुजरने लगा' वाक्य में दिन के लिए किन-किन विशेषणों का प्रयोग किया गया है? आप दिन के लिए कोई तीन विशेषण और सुझाइए।
वाक्य में प्रयुक्त विशेषण: आँचरहित, ठंडा, ऊबाऊ।
अन्य तीन विशेषण सुझाव: सुहाना, बोझिल, लंबा।
11. इस पाठ में 'देखना' क्रिया के कई रूप आए हैं—'देखना' के इन विभिन्न शब्द-प्रयोगों में क्या अंतर है? वाक्य-प्रयोग द्वारा स्पष्ट कीजिए।
आँखें केंद्रित करना (ध्यान से एक जगह देखना)
वाक्य: निशानेबाज ने लक्ष्य पर अपनी आँखें केंद्रित कर लीं।
अनिमेष ताकना (बिना पलक झपकाए देखना)
वाक्य: वह भगवान की मूर्ति को अनिमेष ताकता रहा।
देखना (सामान्य रूप से दिखाई देना)
वाक्य: मैंने कल बाजार में एक सुंदर खिलौना देखा।
निहारना (प्रेम या प्रशंसा भाव से देखना)
वाक्य: माँ अपने सोए हुए बच्चे को प्यार से निहार रही थी।
घूरना (क्रोध या कठोरता से देखना)
वाक्य: अजनबी को बेवजह घूरना अच्छी बात नहीं है।
नज़र पड़ना (अचानक दिख जाना)
वाक्य: चलते-चलते मेरी नज़र एक पुराने सिक्के पर पड़ी।
इसी प्रकार 'बोलना' क्रिया के विभिन्न शब्द-प्रयोग बताइए—
उत्तर:
- कहना - अपनी बात रखना। (राम ने मुझसे सच कहा।)
- बताना - जानकारी देना। (उसने मुझे रास्ता बताया।)
- सुनाना - कोई बात बोलकर दूसरों तक पहुँचाना। (दादी ने कहानी सुनाई।)
- पुकारना - ज़ोर से नाम लेना। (माँ ने बच्चे को पुकारा।)
- चिल्लाना - बहुत ऊँची आवाज में बोलना। (वह गुस्से में चिल्लाने लगा।)
12. वाक्यों के रेखांकित पदबंधों का प्रकार बताइए—
(क) उसकी कल्पना में वह एक अद्भुत साहसी युवक था।
उत्तर: संज्ञा पदबंध (यदि पूरा 'अद्भुत साहसी युवक' रेखांकित है) / विशेषण पदबंध (यदि केवल 'अद्भुत साहसी' रेखांकित है)।
(ख) तताँरा को मानो कुछ होश आया।
उत्तर: संज्ञा पदबंध
(ग) वह भागा-भागा वहाँ पहुँच जाता।
उत्तर: क्रिया-विशेषण पदबंध
(घ) तताँरा की तलवार एक विलक्षण रहस्य थी।
उत्तर: संज्ञा पदबंध
(ङ) उसकी व्याकुल आँखें वामीरो को ढूँढ़ने में व्यस्त थीं।
उत्तर: विशेषण पदबंध