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हरिहर काका
1. लेखक और हरिहर काका का संबंध
- ➤ कहानी की शुरुआत लेखक द्वारा हरिहर काका की चिंताजनक स्थिति के वर्णन से होती है। हरिहर काका ने पूरी तरह मौन धारण कर लिया है और वे अपनी सूनी आँखों से आकाश को निहारते रहते हैं।
- ➤ लेखक का हरिहर काका से गहरा लगाव है क्योंकि काका उनके पड़ोसी थे और बचपन में लेखक को पिता से भी बढ़कर प्यार करते थे। बड़े होने पर वे लेखक के पहले दोस्त बने।
2. ठाकुरबारी का महत्त्व
- ➤ गाँव में 'ठाकुरबारी' (मंदिर) का बहुत महत्त्व है। गाँव के लोग अपनी सफलता (मुकदमे में जीत, शादी, संतान आदि) का श्रेय ठाकुरबारी को देते हैं और वहाँ चढ़ावा चढ़ाते हैं।
- ➤ ठाकुरबारी के पास काफी जमीन और धन है, और इसका संचालन एक धार्मिक समिति करती है। यहाँ साधु-संत रहते हैं जो धर्म-कर्म के नाम पर आराम का जीवन जीते हैं।
3. हरिहर काका का परिवार और उपेक्षा
- ➤ हरिहर काका चार भाई हैं और संयुक्त परिवार में रहते हैं। हरिहर काका निस्संतान हैं; उनकी दो पत्नियों का देहांत हो चुका है।
- ➤ उनके परिवार के पास कुल 60 बीघे खेत हैं, जिनमें से 15 बीघे हरिहर काका के हिस्से में आते हैं। इसी जमीन के लालच में उनके भाई उन्हें साथ रखते हैं।
- ➤ शुरुआत में उनकी अच्छी सेवा हुई, लेकिन धीरे-धीरे घर की महिलाओं (बहुओं और भाभियों) ने उनकी उपेक्षा शुरू कर दी। उन्हें रूखा-सूखा खाना दिया जाने लगा और बीमारी में कोई पानी देने वाला भी नहीं था।
4. पारिवारिक कलह और महंत का प्रवेश
- ➤ विस्फोट तब हुआ जब एक दिन घर में मेहमान के आने पर स्वादिष्ट भोजन बना, लेकिन हरिहर काका को भात और अचार ही परोसा गया। काका ने गुस्से में थाली फेंक दी और घर से बाहर निकल आए।
- ➤ ठाकुरबारी के महंत ने मौके का फायदा उठाया। वह काका को ठाकुरबारी ले गए, उन्हें स्वादिष्ट भोजन कराया और 'माया-मोह' त्यागकर अपनी जमीन ठाकुरबारी के नाम करने के लिए उकसाया ताकि उन्हें स्वर्ग मिले।
5. अपहरण और जबरन अंगूठा लगवाना
- ➤ भाइयों ने माफी मांगकर हरिहर काका को घर वापस बुला लिया और उनकी खूब खातिरदारी की। लेकिन जब काका ने जमीन लिखने से मना कर दिया, तो महंत के आदमियों ने उनका अपहरण कर लिया।
- ➤ ठाकुरबारी में काका के साथ मारपीट की गई और जबरन सादे और लिखे हुए कागजों पर उनके अंगूठे के निशान लिए गए। पुलिस के आने पर उन्हें एक कमरे में बंद कर दिया गया।
- ➤ पुलिस ने उन्हें बंधनमुक्त कराया। काका ने महंत और साधुओं का असली, क्रूर चेहरा दुनिया के सामने उजागर किया।
6. भाइयों द्वारा धोखा और हिंसा
- ➤ ठाकुरबारी की घटना के बाद, भाइयों ने काका को घर में पहरे में रखा। लेकिन उनका उद्देश्य सेवा नहीं, बल्कि जमीन हड़पना था।
- ➤ जब हरिहर काका ने भाइयों के नाम भी जमीन करने से मना कर दिया (यह सोचकर कि जीते-जी जमीन देने पर उनकी हालत 'रमेशर की विधवा' जैसी हो जाएगी), तो भाइयों ने भी अपना असली रूप दिखाया।
- ➤ भाइयों ने उनके साथ मारपीट की और जबरदस्ती अंगूठा लगवाने की कोशिश की। काका के चिल्लाने पर गाँव वाले और पुलिस फिर आ गई।
7. निष्कर्ष: हरिहर काका की वर्तमान स्थिति
- ➤ हरिहर काका को समझ आ गया कि महंत और उनके भाई—दोनों एक ही श्रेणी के लालची लोग हैं। अब वे अपने परिवार से अलग रहते हैं।
- ➤ उनकी सुरक्षा के लिए चार पुलिसवाले तैनात हैं, जो उन्हीं के पैसों पर मौज करते हैं। हरिहर काका ने एक नौकर रख लिया है जो उन्हें खाना बनाकर देता है।
- ➤ गाँव में काका की जमीन और मौत को लेकर अफवाहों का बाजार गर्म है, लेकिन काका अब गूंगेपन का शिकार हो गए हैं। वे किसी से कुछ नहीं कहते, बस खाली नजरों से आसमान को देखते रहते हैं और अपनी मौत का इंतजार कर रहे हैं।
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