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हरिहर काका

बोध-प्रश्न

1. कथावाचक और हरिहर काका के बीच क्या संबंध है और इसके क्या कारण हैं?
कथावाचक (लेखक) और हरिहर काका के बीच बहुत गहरा और आत्मीय संबंध है। लेखक काका का बहुत सम्मान करते हैं और काका लेखक को अपने बेटे जैसा प्यार करते हैं।
इसके मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
1. पड़ोसी होना: हरिहर काका कथावाचक के पड़ोसी हैं, जिससे उनका आपस में रोज का मिलना-जुलना था।
2. बचपन का दुलार: लेखक की माँ बताती हैं कि बचपन में हरिहर काका लेखक को बहुत दुलार करते थे। वे उसे अपने कंधे पर बैठाकर घुमाया करते थे। चूँकि काका की अपनी कोई संतान नहीं थी, इसलिए उन्होंने अपना सारा पितृत्व-प्रेम लेखक पर लुटा दिया।
3. मित्रता: जब लेखक बड़े हुए, तो उनकी पहली दोस्ती हरिहर काका के साथ ही हुई। काका उनसे अपनी मन की सारी बातें खुलकर करते थे और कुछ भी नहीं छिपाते थे।

2. हरिहर काका को महंत और अपने भाई एक ही श्रेणी के क्यों लगने लगे?
हरिहर काका को महंत और अपने भाई एक ही श्रेणी के लगने लगे क्योंकि दोनों का उद्देश्य एक ही था—काका की पंद्रह बीघे उपजाऊ ज़मीन को हथियाना।
दोनों का व्यवहार एक जैसा था:
1. लालच: दोनों पक्षों (महंत और भाइयों) का प्रेम और आदर केवल दिखावा था। उनकी असल नज़र काका की जायदाद पर थी।
2. धोखा और हिंसा: जब प्यार से बात नहीं बनी, तो दोनों ने ही हिंसा का सहारा लिया। महंत ने काका का अपहरण करवाकर जबरदस्ती अंगूठे के निशान लिए और उन्हें मारा-पीटा। बाद में, उनके सगे भाइयों ने भी वही किया—मारपीट की और जान से मारने की धमकी देकर ज़मीन लिखवाने की कोशिश की।
इस प्रकार, स्वार्थ, लोभ और निर्दयता के कारण काका के लिए दोनों एक ही श्रेणी के बन गए।

3. ठाकुरबारी के प्रति गाँव वालों के मन में अपार श्रद्धा के जो भाव हैं उससे उनकी किस मनोवृत्ति का पता चलता है?
ठाकुरबारी के प्रति गाँव वालों की अपार श्रद्धा से उनकी अंधविश्वासी और धर्मभीरु (धर्म से डरने वाली) मनोवृत्ति का पता चलता है।
वे अपनी हर सफलता का श्रेय अपनी मेहनत को न देकर ठाकुरबारी को देते हैं। उन्हें लगता है कि मुकदमे में जीत, अच्छी फसल, या बेटे की नौकरी ठाकुरजी की कृपा से मिली है। वे तार्किक सोच के बजाय धार्मिक भय और लालच में जीते हैं। इसी अंधभक्ति का फायदा उठाकर ठाकुरबारी के महंत और साधु-संत फलते-फूलते हैं और लोगों का शोषण करते हैं।

4. अनपढ़ होते हुए भी हरिहर काका दुनिया की बेहतर समझ रखते हैं? कहानी के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
हाँ, हरिहर काका भले ही अनपढ़ थे, लेकिन उन्हें दुनियादारी और मानवीय स्वभाव की गहरी समझ थी।
1. जायदाद का महत्त्व: वे समझ गए थे कि जब तक उनके पास ज़मीन है, तभी तक उनकी पूछ है। उन्होंने अपने गाँव में 'रमेसर की विधवा' का उदाहरण देखा था, जिसने जीते-जी अपनी ज़मीन दूसरों के नाम कर दी थी और बाद में उसे दाने-दाने के लिए मोहताज होना पड़ा।
2. स्वार्थी रिश्तों की पहचान: उन्होंने पहचान लिया कि महंत का आदर और भाइयों की सेवा, दोनों के पीछे केवल ज़मीन का लालच है।
3. निर्णय क्षमता: इसी समझ के कारण उन्होंने दृढ़ निश्चय कर लिया कि वे जीते-जी अपनी जायदाद किसी के नाम (न महंत के, न भाइयों के) नहीं लिखेंगे, चाहे इसके लिए उन्हें अपनी जान ही क्यों न देनी पड़े। यह उनकी व्यावहारिक बुद्धि का प्रमाण है।

5. हरिहर काका को जबरन उठा ले जाने वाले कौन थे? उन्होंने उनके साथ कैसा बर्ताव किया?
हरिहर काका को जबरन उठा ले जाने वाले ठाकुरबारी के महंत के भेजे हुए साधु-संत और उनके पक्षधर लोग थे। वे भाला, गंडासा और बंदूक से लैस होकर आए थे।
उन्होंने काका के साथ बहुत अमानवीय और क्रूर बर्ताव किया:
1. उन्होंने काका को हाथ-पैर बांधकर मुँह में कपड़ा ठूँस दिया।
2. उन्हें एक कमरे में बंद कर दिया और मारा-पीटा।
3. जबरदस्ती सादे और लिखे हुए कागजों पर उनके अँगूठे के निशान लिए।
जिस महंत को काका श्रद्धेय समझते थे, उनका यह हिंसक रूप देखकर काका हैरान रह गए।

6. हरिहर काका के मामले में गाँव वालों की क्या राय थी और उसके क्या कारण थे?
हरिहर काका के मामले में गाँव वाले दो वर्गों में बँट गए थे और उनकी राय अलग-अलग थी:
1. धार्मिक वर्ग (महंत के समर्थक): एक वर्ग चाहता था कि काका अपनी ज़मीन ठाकुरबारी के नाम लिख दें। उनका मानना था कि इससे काका को पुण्य मिलेगा और बैकुंठ (स्वर्ग) की प्राप्ति होगी। ये लोग धर्म और ठाकुरबारी से जुड़े हुए थे।
2. प्रगतिशील किसान वर्ग (भाइयों के समर्थक): दूसरा वर्ग मानता था कि ज़मीन पर परिवार का हक होता है, इसलिए काका को ज़मीन अपने भाइयों के नाम लिख देनी चाहिए। उनका कहना था कि खून के रिश्ते को नजरअंदाज करना अन्याय होगा।
कारण: लोग अपनी-अपनी मान्यताओं, संस्कारों और स्वार्थ के अनुसार राय बना रहे थे। यह मसला गाँव में बहस और मनोरंजन का केंद्र बन गया था।

7. कहानी के आधार पर स्पष्ट कीजिए कि लेखक ने यह क्यों कहा, "अज्ञान की स्थिति में ही मनुष्य मृत्यु से डरते हैं। ज्ञान होने के बाद तो आदमी आवश्यकता पड़ने पर मृत्यु को वरण करने के लिए तैयार हो जाता है।"
लेखक ने यह बात हरिहर काका की मानसिक स्थिति को देखकर कही।
पहले हरिहर काका अपने भाइयों और महंत के दबाव से डर रहे थे। लेकिन जब उन्हें यह 'ज्ञान' हो गया कि अगर उन्होंने जीते-जी ज़मीन लिख दी, तो उनका हाल 'रमेसर की विधवा' जैसा होगा—यानी तिल-तिल कर मरना, अपमानित होकर जीना और भूखे रहना—तो उनका डर खत्म हो गया।
उन्हें समझ आ गया कि घुट-घुट कर जीने से बेहतर है एक बार में मर जाना। इस सत्य (ज्ञान) को जान लेने के बाद, जब उनके भाई उन्हें मारने के लिए खड़े थे, तो वे डरे नहीं बल्कि सीना तानकर गरजते हुए बोले कि वे ज़मीन नहीं लिखेंगे, चाहे उन्हें मार दिया जाए। ज्ञान ने उन्हें मृत्यु के भय से मुक्त कर दिया।

8. समाज में रिश्तों की क्या अहमियत है? इस विषय पर अपने विचार प्रकट कीजिए।
समाज में रिश्तों की अहमियत बहुत अधिक होती है क्योंकि मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है। रिश्ते-नाते हमें सुरक्षा, प्रेम और भावनात्मक सहारा देते हैं। सुख-दुख में परिवार और सगे-संबंधी ही काम आते हैं।
परंतु, 'हरिहर काका' कहानी आज के समाज का एक कड़वा सच दिखाती है जहाँ रिश्तों पर 'स्वार्थ' हावी हो गया है। जब रिश्तों का आधार केवल धन-दौलत और जायदाद बन जाता है, तो वहां आत्मीयता खत्म हो जाती है। आदर्श स्थिति यह होनी चाहिए कि रिश्तों में निस्वार्थ प्रेम और त्याग हो, न कि व्यापार। एक स्वस्थ समाज के लिए रिश्तों की पवित्रता बनी रहनी चाहिए।

9. यदि आपके आसपास हरिहर काका जैसी हालत में कोई हो तो आप उसकी किस प्रकार मदद करेंगे?
यदि मेरे आसपास हरिहर काका जैसा कोई असहाय वृद्ध व्यक्ति होगा, तो मैं निम्नलिखित प्रकार से उनकी मदद करूँगा/करूँगी:
1. नैतिक समर्थन: मैं उनके पास समय बिताऊँगा और उनसे बात करूँगा ताकि वे अकेलापन महसूस न करें।
2. जागरूकता: मैं पड़ोसियों और समाज के अन्य लोगों को उनकी स्थिति के बारे में बताऊँगा ताकि सब मिलकर उनकी निगरानी रख सकें।
3. कानूनी मदद: यदि कोई उन पर दबाव डाल रहा है या हिंसा कर रहा है, तो मैं पुलिस या वरिष्ठ नागरिकों की सहायता करने वाली संस्थाओं (NGOs) और हेल्पलाइन को सूचित करूँगा।
4. मीडिया: ज़रूरत पड़ने पर मीडिया के माध्यम से उनकी आवाज़ उठाऊँगा ताकि अपराधी डरें।

10. हरिहर काका के गाँव में यदि मीडिया की पहुँच होती तो उनकी क्या स्थिति होती? अपने शब्दों में लिखिए।
यदि हरिहर काका के गाँव में मीडिया की पहुँच होती, तो उनकी स्थिति इतनी दयनीय नहीं होती और न ही वे इतने अकेले पड़ते।
1. अपराध का खुलासा: मीडिया महंत और भाइयों द्वारा किए गए अत्याचारों को "ब्रेकिंग न्यूज़" बनाकर पूरे देश को दिखा देता। इससे उनका असली चेहरा समाज के सामने आ जाता।
2. पुलिस पर दबाव: खबर फैलते ही पुलिस और प्रशासन पर कार्रवाई करने का भारी दबाव बनता, जिससे काका को बेहतर और तत्काल सुरक्षा मिलती।
3. जनसमर्थन: समाज के लोग और मानवाधिकार संगठन काका के पक्ष में खड़े हो जाते। महंत और भाइयों को डर के मारे अपने कदम पीछे खींचने पड़ते।
इस प्रकार, मीडिया उनके लिए एक रक्षक की भूमिका निभा सकता था और वे भयमुक्त जीवन जी सकते थे।

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Question
गाँव से कस्बाई शहर आरा की दूरी कितनी है?
Answer
चालीस किलोमीटर।
Question
लेखक के गाँव की कुल आबादी लगभग कितनी है?
Answer
ढाई-तीन हजार।
Question
गाँव में स्थित तीन प्रमुख स्थान कौन-कौन से हैं?
Answer
बड़ा तालाब, पुराना बरगद का वृक्ष और ठाकुरबारी।
Question
गाँव के लोग ठाकुरजी के विशाल मंदिर को क्या कहकर पुकारते हैं?
Answer
ठाकुरबारी।
Question
ठाकुरबारी की स्थापना के बारे में क्या जनश्रुति प्रचलित है?
Answer
वर्षों पहले एक संत ने यहाँ झोपड़ी बनाकर रहना शुरू किया था।
Question
गाँव के लोग ठाकुरजी से क्या-क्या मनौतियां मांगते हैं?
Answer
पुत्र प्राप्ति, मुकदमे में विजय, लड़की की शादी और नौकरी।
Question
ठाकुरबारी के नाम पर कुल कितनी ज़मीन है?
Answer
बीस बीघे।
Question
ठाकुरबारी का प्रबंधन कौन करता है?
Answer
धार्मिक लोगों की एक समिति।
Question
ठाकुरबारी में महंत और पुजारी की नियुक्ति कितने वर्षों के अंतराल पर होती है?
Answer
प्रत्येक तीन साल पर।
Question
होली के अवसर पर सबसे पहले गुलाल किसे चढ़ाया जाता है?
Answer
ठाकुरजी को।
Question
दिवाली का पहला दीया कहाँ जलाया जाता है?
Answer
ठाकुरबारी में।
Question
अनाज की ढेरी तैयार होने पर ठाकुरजी के नाम निकाले जाने वाले अंश को क्या कहते हैं?
Answer
अगऊम।
Question
हरिहर काका के कुल कितने भाई हैं?
Answer
चार भाई।
Question
हरिहर काका के पास कुल कितनी कृषि योग्य ज़मीन है?
Answer
साठ बीघे।
Question
भाइयों के बीच बँटवारा होने पर हरिहर काका के हिस्से में कितनी ज़मीन आती है?
Answer
पंद्रह बीघे।
Question
हरिहर काका ने औलाद के लिए कुल कितनी शादियाँ की थीं?
Answer
दो शादियाँ।
Question
हरिहर काका ने तीसरी शादी से इनकार क्यों कर दिया?
Answer
ढलती उम्र और धार्मिक संस्कारों के कारण।
Question
परिवार के पुरुष जब खेतों पर चले जाते थे, तो काका की देखभाल कौन करता था?
Answer
भाइयों की पत्नियाँ।
Question
हरिहर काका के प्रति भाइयों के परिवार का मोहभंग कब शुरू हुआ?
Answer
जब बीमारी की स्थिति में उन्हें पानी देने वाला भी कोई नहीं था।
Question
उस दिन घर में विशेष व्यंजन क्यों बने थे, जिस दिन काका ने थाली फेंकी थी?
Answer
शहर में क्लर्क भतीजे का दोस्त आया था।
Question
काका के गुस्से का मुख्य कारण क्या था?
Answer
विशेष व्यंजन बनने के बावजूद उन्हें केवल भात, मट्ठा और अचार दिया गया।
Question
हरिहर काका के गुस्से का फायदा उठाने के लिए ठाकुरबारी से कौन पहुँचा?
Answer
महंत जी।
Question
महंत ने हरिहर काका को अपनी ज़मीन किसके नाम लिखने के लिए प्रेरित किया?
Answer
ठाकुरजी के नाम।
Question
महंत के अनुसार हरिहर काका को ज़मीन ठाकुरजी को देने से क्या लाभ होगा?
Answer
उन्हें स्वर्ग की प्राप्ति होगी और कीर्ति अचल रहेगी।
Question
ठाकुरबारी में काका के स्वागत के लिए महंत ने क्या विशेष निर्देश दिए?
Answer
साफ-सुथरे कमरे, बिस्तर और विशेष भोजन की व्यवस्था का।
Question
काका के भाइयों को इस 'दुर्घटना' की खबर कब मिली?
Answer
जब वे शाम को खलिहान से लौटे।
Question
महंत ने काका के भाइयों को काका से मिलने देने से क्यों मना कर दिया?
Answer
यह कहकर कि काका का मन अशांत है और वे ईश्वर के दरबार में हैं।
Question
ठाकुरबारी में काका को पहले दिन खाने में क्या-क्या मिला?
Answer
मालपुए, रसबुनिया, लड्डू, छेने की तरकारी, दही और खीर।
Question
गाँव के लोग काका की ज़मीन के विषय में किन दो पक्षों में बँट गए थे?
Answer
एक पक्ष ज़मीन ठाकुरबारी को देने के समर्थन में था और दूसरा भाइयों को।
Question
लेखक और काका ने अंत में ज़मीन के विषय में क्या निष्कर्ष निकाला?
Answer
कि जीते-जी अपनी जायदाद का स्वामी किसी और को बनाना ठीक नहीं।
Question
काका ने ज़मीन न लिखने के लिए किसका उदाहरण सामने रखा?
Answer
रमेशर की विधवा का।
Question
रमेशर की विधवा की ज़मीन लिखने के बाद क्या दुर्गति हुई?
Answer
भाइयों ने उसे दो वक्त का खाना देना भी बंद कर दिया।
Question
महंत ने काका को अपनी ज़मीन ठाकुरजी के नाम करने के लिए क्या अंतिम रास्ता अपनाया?
Answer
अपहरण करके ज़बरदस्ती अँगूठे के निशान लेने का।
Question
महंत के आदमी काका के दालान पर किन हथियारों के साथ पहुँचे थे?
Answer
भाला, गँड़ासा और बंदूक।
Question
काका को अपहरण के बाद कहाँ छिपाकर रखा गया था?
Answer
ठाकुरबारी के एक गुप्त कमरे में।
Question
पुलिस के पहुँचने पर ठाकुरबारी के भीतर से क्या जवाब मिला?
Answer
कोई जवाब नहीं मिला, केवल सन्नाटा रहा।
Question
पुलिस को ठाकुरबारी के भीतर कौन मिला?
Answer
केवल एक वृद्ध साधु।
Question
पुलिस को उस बंद कमरे के बारे में क्या बताया गया जिसमें काका थे?
Answer
कि उस कमरे में अनाज भरा है।
Question
काका पुलिस को किस स्थिति में मिले?
Answer
हाथ-पाँव बँधे हुए और मुँह में कपड़ा ठूँसा हुआ।
Question
महंत और उसके साथियों ने काका के साथ क्या ज़्यादती की थी?
Answer
सादे कागजों पर ज़बरदस्ती अँगूठे के निशान लिए थे।
Question
ठाकुरबारी से लौटने के बाद काका की सुरक्षा के लिए भाइयों ने क्या किया?
Answer
हथियारबंद लोगों का चौबीस घंटे का पहरा लगा दिया।
Question
भाइयों ने काका पर दबाव बनाने के लिए कौन सा रूप धारण कर लिया?
Answer
महंत और उसके सहयोगियों जैसा हिंसक रूप।
Question
भाइयों ने काका को क्या धमकी दी?
Answer
ज़मीन न लिखने पर मारकर घर के अंदर गाड़ देने की।
Question
काका के अनुसार अज्ञान की स्थिति में मनुष्य किससे डरता है?
Answer
मृत्यु से।
Question
ज्ञान होने के बाद मनुष्य क्या करने के लिए तैयार हो जाता है?
Answer
आवश्यकता पड़ने पर मृत्यु का वरण करने के लिए।
Question
भाइयों के हमले के बाद पुलिस ने काका को किस हाल में बरामद किया?
Answer
ठाकुरबारी से भी बदतर और ज़ख्मी हालत में।
Question
काका के शरीर पर कहाँ-कहाँ ज़ख्म के निशान उभर आए थे?
Answer
पीठ, माथे और पाँवों पर।
Question
अंतिम घटना के बाद काका ने किसके साथ रहने का निर्णय लिया?
Answer
वे परिवार से अलग होकर अकेले रहने लगे।
Question
काका की सुरक्षा के लिए सरकार की ओर से कौन नियुक्त हुए?
Answer
राइफलधारी पुलिस के चार जवान।
Question
पुलिस के जवानों के खर्च का वहन कौन कर रहा था?
Answer
हरिहर काका (उनकी ज़मीन की आय से)।
Question
गाँव के नेता जी ने काका के पास क्या प्रस्ताव रखा था?
Answer
उनकी ज़मीन पर 'हरिहर उच्च विद्यालय' खोलने का।
Question
महंत और भाई दोनों को एक ही श्रेणी का क्यों कहा गया है?
Answer
क्योंकि दोनों का एकमात्र उद्देश्य काका की ज़मीन हड़पना था।
Question
कहानी के अंत में हरिहर काका की मानसिक स्थिति कैसी हो गई थी?
Answer
वे बिल्कुल मौन हो गए थे और आकाश की ओर ताकते रहते थे।
Question
महंत ने काका को किस 'धर्म-संकट' में पड़ा हुआ माना?
Answer
भाइयों के प्रति मोह और ठाकुरजी के प्रति भक्ति के बीच।
Question
गाँव में फैलने वाली अफवाहों का स्रोत क्या था?
Answer
महंत और भाइयों के गुप्तचरों द्वारा फैलाई गई बातें।
Question
भविष्य की आशंकाओं को लेकर गाँव के लोग क्या चर्चा करते थे?
Answer
कि काका की मृत्यु के बाद खून की नदियाँ बहेंगी।
Question
काका की ज़मीन पर कब्ज़ा करने के लिए भाइयों ने किस डाकू से बात की थी?
Answer
बुटन सिंह से।
Question
महंत ने काका की मृत्यु के बाद किन लोगों को बुलाने का निर्णय लिया था?
Answer
देश के कोने-कोने से साधुओं और नागाओं को।
Question
पुलिस के जवान काका की स्थिति में कैसे रह रहे थे?
Answer
काका के खर्च पर मौज-मस्ती और ऐश कर रहे थे।
Question
लेखक ने काका की स्थिति की तुलना किससे की है?
Answer
मझधार में फंसी उस नाव से जिसके सवार चिल्लाकर भी रक्षा नहीं कर सकते।