सूखी डाली (उपेंद्रनाथ 'अश्क') - प्रश्नोत्तर
सही/गलत
- प्रश्न: दादा मूलराज अपने परिवार को एक महान वट वृक्ष की तरह मानते थे।
उत्तर: सही - प्रश्न: छोटी बहू (बेला) को ससुराल का पुराना फर्नीचर बहुत पसंद था।
उत्तर: गलत - प्रश्न: दादा जी ने परेश को तुरंत अलग मकान में रहने की अनुमति दे दी।
उत्तर: गलत - प्रश्न: अंत में बेला को अपनी गलती का अहसास हुआ और वह परिवार के अन्य सदस्यों में घुल-मिल गई।
उत्तर: सही - प्रश्न: रज़वा घर की एक नई और आधुनिक नौकरानी थी।
उत्तर: गलत
रिक्त स्थान भरें
- उपेंद्रनाथ 'अश्क' द्वारा रचित इस एकांकी का नाम सूखी डाली है।
- दादा जी के अनुसार उनका परिवार एक महान वट वृक्ष की भाँति है।
- छोटी बहू के आने से कुटुंब के तालाब में ऐसी लहर उठी जैसे स्थिर पानी में ईंट गिरने से पैदा होती है।
- अंत में बेला दादा जी से कहती है कि पेड़ से लगी डाली सूखकर मुरझा जाए, यह आपको पसंद नहीं होगा।
- छोटी बहू (बेला) के पति का नाम परेश था।
लघु उत्तरीय प्रश्न
- प्रश्न: एकांकी 'सूखी डाली' के रचयिता कौन हैं?
उत्तर: एकांकी 'सूखी डाली' के रचयिता प्रसिद्ध साहित्यकार उपेंद्रनाथ 'अश्क' हैं। - प्रश्न: रज़वा कौन थी और वह क्यों रो रही थी?
उत्तर: रज़वा घर की पुरानी नौकरानी (मिश्रानी) थी। वह इसलिए रो रही थी क्योंकि नई आई छोटी बहू (बेला) ने उसे काम करने का सलीका न होने का ताना देकर काम से हटा दिया था। - प्रश्न: दादा जी ने अपने परिवार की तुलना किससे की है?
उत्तर: दादा जी ने अपने परिवार की तुलना एक महान बरगद (वट) के पेड़ से की है, जिसकी डालियाँ उनके आँगन में एक बड़े छाते की भाँति छाई हुई हैं। - प्रश्न: परेश दादा जी से क्या माँग करने आया था?
उत्तर: परेश दादा जी से यह माँग करने आया था कि बेला का मन इस घर में नहीं लगता और वह आज़ादी चाहती है, इसलिए उन दोनों के लिए अलग से बाग वाले मकान का प्रबंध कर दिया जाए। - प्रश्न: बेला को अपने मायके पर क्यों अत्यधिक गर्व था?
उत्तर: बेला एक सुशिक्षित और अत्यंत संपन्न परिवार की इकलौती बेटी थी, इसलिए उसे अपने मायके के उच्च रहन-सहन, नए फैशन, बहुमूल्य फर्नीचर और अमीरी पर बहुत गर्व था।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
- प्रश्न: छोटी बहू (बेला) और घर के अन्य सदस्यों के बीच मतभेद का मुख्य कारण क्या था?
उत्तर: छोटी बहू (बेला) एक उच्च और आधुनिक परिवार से आई थी और अत्यधिक शिक्षित थी। उसे ससुराल का पुराना फर्नीचर, नौकरों के काम करने का ढंग और घर के लोगों का रहन-सहन गँवारू लगता था। वह बात-बात पर अपने मायके की बड़ाई करती थी और ससुराल वालों को असभ्य मानकर नीचा दिखाती थी। दूसरी ओर, घर की अन्य महिलाएँ सीधी-सादी थीं और उन्हें बेला का यह रवैया तथा घमंड बिल्कुल पसंद नहीं आता था। इसी वैचारिक और सांस्कृतिक अंतर तथा बेला के बड़प्पन के अहंकार के कारण उनके बीच मतभेद उत्पन्न हुए। - प्रश्न: दादा जी ने बेला की शिकायत दूर करने के लिए परिवार के सदस्यों को क्या कड़ा आदेश दिया?
उत्तर: जब दादा जी को परेश से पता चला कि बेला घर में घुटन महसूस कर रही है और अलग मकान में रहना चाहती है, तो उन्होंने परिवार को टूटने से बचाने के लिए एक कड़ा कदम उठाया। उन्होंने घर के सभी सदस्यों (विशेषकर महिलाओं) को बुलाकर स्पष्ट आदेश दिया कि बेला एक बड़े घर की सुशिक्षित बेटी है, इसलिए घर में उसे पूरा आदर-सत्कार दिया जाए। कोई भी उसकी हँसी नहीं उड़ाएगा, उससे कोई बहस नहीं करेगा और उसकी मर्जी के बिना उसे कोई घरेलू काम नहीं करने दिया जाएगा। दादा जी का मानना था कि घर में अत्यधिक सम्मान मिलने से बेला का असंतोष स्वयं ही दूर हो जाएगा। - प्रश्न: दादा जी के आदेश का बेला पर क्या प्रभाव पड़ा और उसका हृदय परिवर्तन कैसे हुआ?
उत्तर: दादा जी के आदेश के बाद घर के सभी सदस्य बेला से दूर-दूर रहने लगे और उससे अत्यधिक कृत्रिम सम्मान के साथ (जैसे बार-बार 'जी-जी' कहकर) बात करने लगे। किसी ने भी उसे घर के किसी काम में हाथ नहीं लगाने दिया और परायों जैसा व्यवहार करने लगे। इस अलगाव, उपेक्षा और कृत्रिम आदर के कारण बेला को बहुत घुटन और अकेलापन महसूस होने लगा। उसे यह एहसास हो गया कि यह सम्मान नहीं, बल्कि एक प्रकार का बहिष्कार है। इस पूरी घटना ने बेला के मन का सारा अहंकार तोड़ दिया और वह सबके साथ मिलकर काम करने के लिए व्याकुल हो उठी। - प्रश्न: "पेड़ से किसी डाली का टूटकर अलग होना पसंद नहीं करते, पर क्या आप यह चाहेंगे कि पेड़ से लगी-लगी वह डाल सूखकर मुरझा जाए..." एकांकी के अंत में बेला के इस कथन का क्या आशय है?
उत्तर: बेला के इस भावुक कथन का आशय यह है कि वह परिवार का एक अभिन्न हिस्सा बनकर, सबके साथ प्रेम से घुल-मिलकर रहना चाहती है। दादा जी द्वारा दिए गए कृत्रिम सम्मान के आदेश के कारण परिवार के सभी लोगों ने उससे एक दूरी बना ली थी, जिससे वह भरे-पूरे घर में रहते हुए भी स्वयं को पराई और एकदम अकेली महसूस कर रही थी। वह दादा जी को समझाना चाहती थी कि केवल भौतिक रूप से साथ रहना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि सच्चे स्नेह, घरेलू काम में हिस्सेदारी और अपनेपन के बिना वह परिवार के वृक्ष से जुड़ी रहकर भी अंदर ही अंदर सूखकर मुरझा जाएगी।
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Question
'सूखी डाली' एकांकी के रचनाकार कौन हैं?
Answer
उपेंद्रनाथ 'अश्क'।
Question
उपेंद्रनाथ 'अश्क' का जन्म कब और कहाँ हुआ था?
Answer
14 दिसंबर, 1910 को जालंधर (पंजाब) में।
Question
'अश्क' जी की किन्हीं दो प्रमुख रचनाओं के नाम बताइये।
Answer
'गिरती दीवारें' और 'बड़ी-बड़ी आँखें'।
Question
उपेंद्रनाथ 'अश्क' का निधन किस तिथि को हुआ था?
Answer
19 जनवरी, सन् 1996 को।
Question
'सूखी डाली' एकांकी में संयुक्त परिवार का मुखिया कौन है?
Answer
दादा मूलराज।
Question
एकांकी के प्रारंभ में दादा मूलराज की आयु कितनी बताई गई है?
Answer
72 वर्ष।
Question
दादा मूलराज ने अपने कुटुंब को किस रूप में संगठित किया है?
Answer
एक 'यूनिट' के रूप में।
Question
लेखक ने दादा के परिवार की तुलना किस वृक्ष से की है?
Answer
वट वृक्ष (बरगद) से।
Question
दादा मूलराज के बड़े लड़के की मृत्यु कब हुई थी?
Answer
1914 के महायुद्ध में सरकार की ओर से लड़ते हुए।
Question
सरकार ने दादा के पुत्र के बलिदान के बदले उन्हें क्या दिया था?
Answer
एक 'मुरब्बा' जमीन।
Question
जमीन के संदर्भ में 'मुरब्बा' का क्या माप होता है?
Answer
25 एकड़ के बराबर जमीन का एक मानदंड।
Question
दादा का सबसे छोटा पोता कौन है और उसका पद क्या है?
Answer
परेश, जो नायब तहसीलदार है।
Question
परेश की पत्नी (छोटी बहू) का नाम क्या है और वह कहाँ से है?
Answer
उसका नाम बेला है और वह लाहौर के एक संपन्न कुल से है।
Question
बेला के आने से परिवार में तनाव का मुख्य कारण क्या है?
Answer
उसका शिक्षित (ग्रेजुएट) होना और आधुनिक विचार।
Question
दादा की पोती इंदु की शिक्षा का स्तर क्या है?
Answer
उसने प्राइमरी स्कूल में शिक्षा पाई है।
Question
घर में 'रॉन्डिब' (rendezvous) या सम्मेलन-स्थल किसे कहा गया है?
Answer
इमारत के बरामदे को।
Question
बेला ने घर की पुरानी नौकरानी रजवा को काम से क्यों हटा दिया?
Answer
क्योंकि बेला के अनुसार उसे काम करने का सलीका नहीं था।
Question
रजवा (मिशरानी) उस घर में कितने समय से काम कर रही थी?
Answer
दस साल से।
Question
बेला के अनुसार नौकर से काम लेने के लिए क्या होना आवश्यक है?
Answer
काम लेने की तमीज़ और ढंग।
Question
बेला ने परेश के कमरे से पुराना फर्नीचर बाहर क्यों निकलवा दिया?
Answer
उसे वह फर्नीचर 'टूटा-फूटा' और 'गला-सड़ा' लगा।
Question
दादा जी पुराने फर्नीचर को घर में रखने के पक्ष में क्यों थे?
Answer
क्योंकि वह उनके बुजुर्गों (दादा, पिता, चाचा) की स्मृति से जुड़ा था।
Question
परेश ने दादा से बेला की किस इच्छा के बारे में बताया?
Answer
बेला अलग गृहस्थी बसाना चाहती थी (बाग वाले मकान में)।
Question
दादा जी के अनुसार 'बड़प्पन' कहाँ होना चाहिए?
Answer
बड़प्पन मन में होना चाहिए, यह बाहर की वस्तु नहीं है।
Question
दादा जी ने घृणा को मिटाने का क्या उपाय बताया?
Answer
घृणा को घृणा से नहीं बल्कि स्नेह से मिटाया जा सकता है।
Question
दादा जी ने परिवार के सदस्यों को बेला के प्रति कैसा व्यवहार करने का आदेश दिया?
Answer
अत्यधिक आदर-सत्कार करने और उसकी हर बात मानने का।
Question
दादा के आदेश के बाद बेला को घर में कैसा अनुभव होने लगा?
Answer
उसे लगा कि वह परायों के बीच आ गई है और सब उससे डरते हैं।
Question
'सूखी डाली' शीर्षक का प्रतीकात्मक अर्थ क्या है?
Answer
परिवार से अलग होकर अस्तित्व खो देने वाला सदस्य।
Question
मंजझली बहू ने परेश की स्थिति का वर्णन करते हुए क्या मुहावरा उपयोग किया?
Answer
अपना-सा मुँह लेकर रह जाना (लज्जित होना)।
Question
दादा जी ने कर्मचंद को छोटी बहू के लिए क्या निर्देश दिया?
Answer
उसे बाज़ार ले जाकर उसकी पसंद की चीज़ें दिलाने का।
Question
बेला ने इंदु से उसे क्या कहकर न बुलाने की प्रार्थना की?
Answer
परमात्मा के लिए उसे 'जी-जी' करके न बुलाया जाए।
Question
अंत में बेला ने किसके साथ मिलकर काम करने का निर्णय लिया?
Answer
इंदु के साथ मिलकर कपड़े धोने का।
Question
मल्लु मेले से कौन सा खिलौना लाने की ज़िद कर रहा था?
Answer
उड़नखटोला।
Question
दादा जी बच्चों को बरगद के पेड़ की कहानी के माध्यम से क्या सिखाना चाहते थे?
Answer
परिवार की एकता और सुदृढ़ता का महत्त्व।
Question
Footnote के अनुसार 'नासूर' शब्द का क्या अर्थ है?
Answer
ऐसा घाव जिसमें से बराबर मवाद निकलता रहे और जो कभी न भरे।
Question
शब्दार्थ: 'विटप' का क्या अर्थ है?
Answer
वृक्ष।
Question
शब्दार्थ: 'भृकुटी' का क्या अर्थ है?
Answer
भौंह।
Question
मुहावरा: 'ईंट मारना' का क्या अर्थ है?
Answer
कड़वी या कठोर बात कहना।
Question
दादा मूलराज अपनी पोती इंदु से बहुत प्यार क्यों करते थे?
Answer
क्योंकि वह परिवार में सबसे अधिक पढ़ी-लिखी और समझदार समझी जाती थी।
Question
परेश ने दादा से अपनी 'तब्दीली' (transfer) के बारे में क्या कहा?
Answer
कि कुछ ही दिनों में उसकी तब्दीली हो जाएगी।
Question
बेला के अनुसार उसके ससुराल के नौकर कैसे थे?
Answer
फूहड़ और गँवार।
Question
दादा जी ने मंजझली बहू को अपनी हँसी किस सीमा तक रखने को कहा?
Answer
हँसी को केवल बाहर के लोगों तक ही सीमित रखने को।
Question
एकांकी के अंत में बेला के रोने का क्या कारण था?
Answer
भावुकता और परिवार के सदस्यों के कृत्रिम व्यवहार से उपजी ग्लानि।
Question
दादा जी के अनुसार परिवार की महानता किसमें निहित है?
Answer
सबका साथ रहना और किसी भी 'डाली' का टूटकर अलग न होना।
Question
परेश के तहसीलदार बनने पर दादा को किस बात का डर था?
Answer
कि कहीं पद के अहंकार में लड़का परिवार की परंपराओं को न भूल जाए।
Question
बेला ने रजवा को सफाई के बारे में क्या उलाहना दिया?
Answer
कि सुबह-शाम झाड़ू देने मात्र से कमरा साफ़ नहीं हो जाता, सजावट भी कोई चीज़ है।
Question
दादा जी ने कुटुंब की तुलना किस प्रकार के वृक्ष से की है?
Answer
एक महान वट वृक्ष से जिसकी लंबी शाखाएँ सबको छाया देती हैं।
Question
इंदौर को दादा जी ने क्या काम सौंपा था, जिसे उसने बेला की वजह से नहीं किया?
Answer
दादा जी के चार कपड़े धोने का काम।
Question
शब्दार्थ: 'स्वेच्छाचारिता' (dictatorship) का पाठ में क्या पर्यायवाची दिया गया है?
Answer
तानाशाही।
Question
मंजझली बहू के अनुसार बेला और परेश के बीच कौन सी भाषा में बात होती थी?
Answer
अंग्रेज़ी में ('गिटपिट' करना)।
Question
एकांकी के अनुसार दादा जी के कितने बेटे और पोते खेत और डेयरी का काम देखते हैं?
Answer
दो बेटे और पोते।