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साना-साना हाथ जोड़ि...

प्रश्न-अभ्यास

1. झिलमिलाते सितारों की रोशनी में नहाया गंतोक लेखिका को किस तरह सम्मोहित कर रहा था?
उत्तर: झिलमिलाते सितारों की रोशनी में नहाया गंतोक लेखिका को जादुई अहसास करा रहा था। उसे देखकर ऐसा लग रहा था मानो आसमान उल्टा हो गया हो और सारे तारे बिखरकर नीचे टिमटिमा रहे हों। इस रहस्यमयी और सुंदर दृश्य ने लेखिका को इस कदर सम्मोहित कर दिया था कि उसकी सारी संवेदनाएं स्थगित हो गई थीं। उसके भीतर और बाहर केवल एक 'शून्य' व्याप्त था और वह अतींद्रियता (इंद्रियों से परे) के भाव में डूबी हुई थी।

2. गंतोक को 'मेहनतकश बादशाहों का शहर' क्यों कहा गया?
उत्तर: गंतोक एक पहाड़ी शहर है जहाँ जीवन बहुत कठिन है। यहाँ के लोगों को अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए पहाड़ों पर कड़ी मेहनत करनी पड़ती है। पहाड़ी औरतें पत्थर तोड़ती हैं, बच्चे दूर तक पैदल चलकर स्कूल जाते हैं और लोग भारी बोझ ढोते हैं। इतनी कठिनाइयों और परिश्रम के बावजूद यहाँ के लोग मस्त, खुशमिजाज और स्वाभिमानी हैं। उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत से इस शहर को इतना सुंदर और रहने योग्य बनाया है। इसलिए गंतोक को 'मेहनतकश बादशाहों का शहर' कहा गया है।

3. कभी श्वेत तो कभी रंगीन पताकाओं का फहराना किन अलग-अलग अवसरों की ओर संकेत करता है?
उत्तर: सिक्किम में श्वेत और रंगीन पताकाएँ (झंडे) अलग-अलग अवसरों पर फहराई जाती हैं:
1. श्वेत पताकाएँ: जब किसी बुद्धिस्ट (बौद्ध धर्म मानने वाले) की मृत्यु होती है, तो उसकी आत्मा की शांति के लिए शहर से दूर किसी पवित्र स्थान पर 108 श्वेत पताकाएँ फहराई जाती हैं। इन्हें उतारा नहीं जाता, ये अपने आप नष्ट हो जाती हैं। ये शांति और अहिंसा की प्रतीक हैं।
2. रंगीन पताकाएँ: जब किसी नए और शुभ कार्य की शुरुआत की जाती है, तो रंगीन पताकाएँ फहराई जाती हैं।


4. जितेन नार्गे ने लेखिका को सिक्किम की प्रकृति, वहाँ की भौगोलिक स्थिति एवं जनजीवन के बारे में क्या महत्त्वपूर्ण जानकारियाँ दीं, लिखिए।
उत्तर: जितेन नार्गे ने लेखिका को निम्नलिखित जानकारियाँ दीं:
1. प्रकृति: उसने बताया कि यूमथांग की घाटियाँ फूलों से लदी होंगी। उसने 'कटाओ' को भारत का स्विट्जरलैंड बताया जहाँ ताजी बर्फ मिलती है।
2. भौगोलिक स्थिति: उसने रास्तों के खतरनाक घुमावों, हेयर पिन बेंट और तीखी चढ़ाई के बारे में बताया। उसने यह भी बताया कि गंतोक का असली नाम 'गंतोक' है जिसका अर्थ है—पहाड़।
3. जनजीवन: उसने वहाँ के कठोर जीवन से परिचित कराया। उसने बताया कि यहाँ की स्त्रियाँ पत्थर तोड़कर रास्ते बनाती हैं, बच्चे तीन-चार किलोमीटर पहाड़ चढ़कर स्कूल जाते हैं और लौटते समय लकड़ियाँ ढोते हैं। उसने वहां की धार्मिक मान्यताओं (जैसे धर्म चक्र घुमाने से पाप धुलना) के बारे में भी बताया।


5. लोंग स्टॉक में घूमते हुए चक्र को देखकर लेखिका को पूरे भारत की आत्मा एक-सी क्यों दिखाई दी?
उत्तर: लोंग स्टॉक में लेखिका ने एक कुटिया के भीतर घूमता हुआ 'धर्म चक्र' (प्रेयर व्हील) देखा। जितेन ने बताया कि इसे घुमाने से सारे पाप धुल जाते हैं। यह सुनकर लेखिका को लगा कि चाहे मैदान हो या पहाड़, पूरे भारत की आत्मा एक जैसी है। विज्ञान ने चाहे कितनी भी तरक्की कर ली हो, लेकिन आम भारतीय जनमानस की आस्थाएं, विश्वास, अंधविश्वास और पाप-पुण्य की अवधारणाएं हर जगह एक समान हैं। यह धार्मिक आस्था ही पूरे भारत को एकता के सूत्र में पिरोती है।

6. जितेन नार्गे की गाइड की भूमिका के बारे में विचार करते हुए लिखिए कि एक कुशल गाइड में क्या गुण होते हैं?
उत्तर: जितेन नार्गे एक ड्राइवर होने के साथ-साथ एक बहुत अच्छा गाइड भी था। एक कुशल गाइड में निम्नलिखित गुण होने चाहिए जो जितेन में मौजूद थे:
1. स्थान का पूर्ण ज्ञान: गाइड को उस पर्यटन स्थल के चप्पे-चप्पे की भौगोलिक और ऐतिहासिक जानकारी होनी चाहिए।
2. वाकपटुता: उसे अपनी बातों से पर्यटकों का मनोरंजन करना आना चाहिए और संवाद बनाए रखना चाहिए।
3. संवेदनशीलता: उसे पर्यटकों की रुचियों और स्थानीय लोगों के सुख-दुख के प्रति संवेदनशील होना चाहिए।
4. साहसी और चतुर: पहाड़ी रास्तों या कठिन परिस्थितियों में उसे धैर्यवान और साहसी होना चाहिए ताकि वह पर्यटकों को सुरक्षित महसूस करा सके।
5. स्थानीय संस्कृति की समझ: उसे वहाँ की संस्कृति, धर्म और खान-पान से पर्यटकों को परिचित कराना चाहिए।


7. इस यात्रा-वृत्तांत में लेखिका ने हिमालय के जिन-जिन रूपों का चित्र खींचा है, उन्हें अपने शब्दों में लिखिए।
उत्तर: लेखिका ने हिमालय के पल-पल बदलते विराट और मोहक रूपों का वर्णन किया है:
1. कहीं हिमालय हरे-भरे कालीनों (हरियाली) से ढका हुआ प्रतीत होता है, तो कहीं पथरीला और वीरान।
2. ऊँचाई पर जाने पर हिमालय विशालकाय हो जाता है और बादल पाताल नापते हुए प्रतीत होते हैं।
3. कहीं झर-झर गिरते जलप्रपात (जैसे सेवन सिस्टर्स वॉटर फॉल) और नीचे बहती तीस्ता नदी हिमालय के सौंदर्य को बढ़ाते हैं।
4. 'कटाओ' में हिमालय चाँदी की तरह चमकती ताजी बर्फ से ढका हुआ, शांत और उज्ज्वल दिखाई देता है, जिसे देखकर लगता है जैसे किसी ने पहाड़ों पर पाउडर छिड़क दिया हो।


8. प्रकृति के उस अनंत और विराट स्वरूप को देखकर लेखिका को कैसी अनुभूति होती है?
उत्तर: प्रकृति के विराट और अनंत स्वरूप को देखकर लेखिका को असीम शांति और संपूर्णता का अनुभव होता है। उसे लगता है कि वह स्वयं देश और काल की सीमाओं से परे बहती धारा बन गई है। इस सौंदर्य के सामने उसका अहंकार (मैं) समाप्त हो जाता है और उसे लगता है कि उसके भीतर की सारी बुराइयां (तामसिकता) और वासनाएं निर्मल धारा में बह गई हैं। वह उस दृश्य को अपने भीतर भर लेना चाहती है और उसे ईश्वर के निकट होने का आभास होता है। उसे लगता है कि जीवन का असली आनंद इसी 'चलायमान सौंदर्य' में है।

9. प्राकृतिक सौंदर्य के अलौकिक आनंद में डूबी लेखिका को कौन-कौन से दृश्य झकझोर गए?
उत्तर: प्राकृतिक सौंदर्य में डूबी लेखिका को तब गहरा धक्का लगा जब उसने देखा कि:
1. अद्वितीय सौंदर्य के बीच कुछ पहाड़ी औरतें पत्थर तोड़ रही थीं। उनके हाथों में कुदाल और हथौड़े थे, और कुछ की पीठ पर बंधे 'डोको' (टोकरी) में उनके बच्चे भी थे।
2. यह दृश्य उसे झकझोर गया कि जिन रास्तों पर सैलानी घूमने आते हैं, उन रास्तों को बनाने के लिए ये महिलाएं अपनी जान जोखिम में डालती हैं।
3. यह "स्वर्गीय सौंदर्य के बीच भूख, मौत, दैन्य और जिंदा रहने की जंग" का दृश्य था। मातृत्व और श्रम साधना का यह साथ-साथ रूप देखकर उसका मन द्रवित हो उठा।


10. सैलानियों को प्रकृति की अलौकिक छटा का अनुभव करवाने में किन-किन लोगों का योगदान होता है, उल्लेख करें।
उत्तर: सैलानियों की यात्रा को सफल बनाने में कई लोगों का योगदान होता है:
1. स्थानीय श्रमिक (मज़दूर): वे अपनी जान पर खेलकर पहाड़ी रास्ते बनाते और सुधारते हैं, जिससे वाहन वहाँ पहुँच सकें।
2. सरकारी संस्थाएँ (जैसे BRO): जो इन कठिन मार्गों का निर्माण और रखरखाव करती हैं।
3. गाइड और ड्राइवर: जैसे जितेन नार्गे, जो पर्यटकों को सही जगहों पर ले जाते हैं और जानकारी देते हैं।
4. सेना के जवान: जो कड़कड़ाती ठंड में सीमाओं पर पहरा देते हैं ताकि देशवासी और पर्यटक सुरक्षित घूम सकें।
5. स्थानीय व्यवसायी: जो होटल, खाने-पीने और रहने की व्यवस्था करते हैं।


11. "कितना कम लेकर ये समाज को कितना अधिक वापस लौटा देती हैं।" इस कथन के आधार पर स्पष्ट करें कि आम जनता की देश की आर्थिक प्रगति में क्या भूमिका है?
उत्तर: यह कथन उन श्रमिक महिलाओं के लिए है जो बहुत कम मजदूरी पर पहाड़ों में कठिन कार्य करती हैं। इसी प्रकार, देश की आम जनता (किसान, मजदूर, कारीगर) भी देश की आर्थिक प्रगति की रीढ़ है।
वे बहुत कम सुविधाओं और आय में जीवन यापन करते हैं, लेकिन अपने श्रम से देश के बुनियादी ढाँचे (सड़कें, भवन, खेती, उद्योग) का निर्माण करते हैं। यदि ये लोग काम करना बंद कर दें, तो देश की प्रगति थम जाएगी। वे समाज से बहुत कम लेते हैं लेकिन अपने श्रम से समाज और राष्ट्र को बहुत अधिक लौटाते हैं। उनका त्याग और मेहनत ही देश को आगे बढ़ाता है।


12. आज की पीढ़ी द्वारा प्रकृति के साथ किस तरह का खिलवाड़ किया जा रहा है। इसे रोकने में आपकी क्या भूमिका होनी चाहिए।
उत्तर: आज की पीढ़ी विकास और पर्यटन के नाम पर प्रकृति का दोहन कर रही है। पेड़ों की अंधाधुंध कटाई, नदियों में कचरा फेंकना, वाहनों और फैक्ट्रियों से फैलता प्रदूषण, और पहाड़ों पर प्लास्टिक का कचरा फैलाना आम बात हो गई है। इससे ग्लोबल वार्मिंग बढ़ रही है और मौसम का चक्र बिगड़ रहा है (जैसे स्नोफॉल कम होना)।
हमारी भूमिका:
1. हम अधिक से अधिक पेड़ लगा सकते हैं और उनका संरक्षण कर सकते हैं।
2. प्लास्टिक का प्रयोग बंद करके पर्यावरण के अनुकूल वस्तुओं का उपयोग करें।
3. पर्यटन स्थलों पर गंदगी न फैलाएं और दूसरों को भी ऐसा करने से रोकें।
4. नदियों और जल स्रोतों को स्वच्छ रखें।


13. प्रदूषण के कारण स्नोफॉल में कमी का जिक्र किया गया है? प्रदूषण के और कौन-कौन से दुष्परिणाम सामने आए हैं, लिखें।
उत्तर: प्रदूषण के कारण केवल स्नोफॉल (बर्फबारी) में ही कमी नहीं आई है, बल्कि अन्य गंभीर दुष्परिणाम भी सामने आए हैं:
1. ग्लोबल वार्मिंग: पृथ्वी का तापमान बढ़ रहा है, जिससे ग्लेशियर पिघल रहे हैं और समुद्र का जलस्तर बढ़ रहा है।
2. मौसम में बदलाव: कहीं सूखा पड़ रहा है तो कहीं बेमौसम बाढ़ आ रही है।
3. स्वास्थ्य समस्याएं: वायु प्रदूषण से सांस की बीमारियाँ (दमा, फेफड़ों का कैंसर) बढ़ रही हैं।
4. जल संकट: नदियाँ प्रदूषित हो रही हैं और पीने योग्य पानी की कमी हो रही है।
5. प्राकृतिक सौंदर्य का ह्रास: पहाड़ों और पर्यटन स्थलों की प्राकृतिक सुंदरता कचरे और धुएं के कारण नष्ट हो रही है।


14. 'कटाओ' पर किसी भी दुकान का न होना उसके लिए वरदान है। इस कथन के पक्ष में अपनी राय व्यक्त कीजिए?
उत्तर: 'कटाओ' सिक्किम का एक ऐसा खूबसूरत स्थान है जिसे 'भारत का स्विट्जरलैंड' कहा जाता है। वहाँ दुकानों का न होना वास्तव में उसके लिए एक वरदान है।
यदि वहाँ दुकानें होतीं, तो पर्यटकों की भीड़ बढ़ती, जिससे वहाँ प्लास्टिक, कचरा और गंदगी के ढेर लग जाते। व्यवसायीकरण के कारण वहाँ का नैसर्गिक (प्राकृतिक) सौंदर्य नष्ट हो जाता और प्रदूषण बढ़ जाता। दुकानें न होने के कारण ही वहाँ की बर्फ और वातावरण अभी तक स्वच्छ और पवित्र है। मनुष्य के हस्तक्षेप से दूर रहने के कारण ही उसकी सुंदरता बची हुई है।


15. प्रकृति ने जल संचय की व्यवस्था किस प्रकार की है?
उत्तर: प्रकृति ने जल संचय (Water Harvesting) की बहुत ही अद्भुत व्यवस्था की है। सर्दियाँ में प्रकृति पहाड़ों की चोटियों पर बर्फ के रूप में पानी जमा कर लेती है। ये हिमशिखर विशाल 'जल-स्तंभ' का काम करते हैं।
गर्मियों में जब नीचे मैदानी इलाकों में पानी के लिए त्राहि-त्राहि मचती है, तब यही बर्फ पिघलकर जलधारा बन जाती है और नदियों के माध्यम से बहकर प्यासी धरती और लोगों की प्यास बुझाती है। यह प्रकृति का जल प्रबंधन का नायाब तरीका है।


16. देश की सीमा पर बैठे फ़ौजी किस तरह की कठिनाइयों से जूझते हैं? उनके प्रति हमारा क्या उत्तरदायित्व होना चाहिए?
उत्तर: देश की सीमा पर तैनात फ़ौजी अत्यंत विषम परिस्थितियों का सामना करते हैं। वे हड्डियों को जमा देने वाली कड़कड़ाती ठंड (माइनस 15-20 डिग्री तापमान) में भी सीमा की रक्षा के लिए तत्पर रहते हैं, जहाँ सामान्य व्यक्ति कुछ मिनट भी खड़ा नहीं रह सकता। वे अपने परिवारों से महीनों दूर रहते हैं और हर पल दुश्मन की गोली या प्राकृतिक आपदा का खतरा बना रहता है।
हमारा उत्तरदायित्व: हमें उनका और उनके परिवारों का सम्मान करना चाहिए। हमें यह याद रखना चाहिए कि उनकी कुर्बानी और सतर्कता के कारण ही हम अपने घरों में चैन की नींद सो पाते हैं। हमें देश के नियमों का पालन करके और एक जिम्मेदार नागरिक बनकर उनके बलिदान का मान रखना चाहिए।


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Quick Review Flashcards - Click to flip and test your knowledge!
Question
'साुना-साुना हाथ जोडि' पाठ की लेखिका कौन हैं?
Answer
मधु कांकरिया।
Question
लेखिका ने गंगटोक को किन लोगों का शहर कहा है?
Answer
मेहनतकश बादशाहों का।
Question
गंगटोक शहर के सौंदर्य के बारे में लेखिका की क्या राय थी?
Answer
इसका सब कुछ सुंदर था—सुबह, शाम और रात।
Question
'साुना-साुना हाथ जोडि' प्रार्थना लेखिका ने किस भाषा में सीखी थी?
Answer
नेपाली भाषा में।
Question
नेपाली प्रार्थना 'साुना-साुना हाथ जोडि' का क्या अर्थ है?
Answer
छोटे-छोटे हाथ जोड़कर प्रार्थना करना कि मेरा सारा जीवन अच्छाइयों को समर्पित हो।
Question
गंगटोक में मौसम साफ़ होने पर बालकनी से हिमालय की कौन सी चोटी दिखाई देती है?
Answer
कंचनजंघा।
Question
कंचनजंघा हिमालय की कौन सी सबसे बड़ी चोटी मानी जाती है?
Answer
तीसरी सबसे बड़ी चोटी।
Question
गंगटोक से युमथांग की दूरी कितनी है?
Answer
१४९ किलोमीटर।
Question
लेखिका के ड्राइवर और गाइड का क्या नाम था?
Answer
जितेंद्र नार्गे।
Question
बौद्ध धर्म में किसी बुद्धिस्ट की मृत्यु होने पर कितनी सफ़ेद पताकाएँ फहराई जाती हैं?
Answer
१०८ पताकाएँ।
Question
शांति और अहिंसा के प्रतीक के रूप में किस रंग की पताकाएँ फहराई जाती हैं?
Answer
सफ़ेद रंग की।
Question
सफ़ेद बौद्ध पताकाओं को फहराने का क्या उद्देश्य होता है?
Answer
मृतक की आत्मा की शांति के लिए।
Question
सफ़ेद बौद्ध पताकाओं को कहाँ फहराया जाता है?
Answer
शहर से दूर किसी पवित्र स्थान पर।
Question
किसी नए कार्य की शुरुआत में किस रंग की बौद्ध पताकाएँ लगाई जाती हैं?
Answer
रंगीन पताकाएँ।
Question
सिक्किम में लगी बौद्ध पताकाओं को क्या उतारा जाता है?
Answer
नहीं, वे धीरे-धीरे अपने आप ही नष्ट हो जाती हैं।
Question
'कवि-लॉन्ग स्टॉक' नामक स्थान किस प्रसिद्ध फ़िल्म की शूटिंग के लिए जाना जाता है?
Answer
'गाइड' फ़िल्म।
Question
लेपचा और भुटिया जनजातियों के बीच शांति वार्ता का शुरुआती स्थल कौन सा है?
Answer
कवि-लॉन्ग स्टॉक।
Question
जितेंद्र नार्गे के अनुसार 'धर्म चक्र' (प्रेयर व्हील) को घुमाने से क्या होता है?
Answer
सारे पाप धुल जाते हैं।
Question
लेखिका के अनुसार पूरे भारत की आत्मा एक जैसी क्यों है?
Answer
क्योंकि लोगों की आस्थाएँ, विश्वास, अंधविश्वास और पाप-पुण्य की अवधारणाएँ एक जैसी हैं।
Question
युमथांग का शाब्दिक अर्थ क्या बताया गया है?
Answer
घाटियाँ।
Question
सिक्किम के रास्तों में दिखने वाले खूबसूरत नुकीले पेड़ों के नाम क्या हैं?
Answer
पाइन और धूपी।
Question
ऊंचाई की ओर बढ़ते हुए लेखिका को नेपालीन युवतियाँ क्या करती दिखाई दीं?
Answer
स्वेटर बुनती हुई।
Question
सफ़र के दौरान लेखिका को कौन सी नदी चांदी की तरह कौंध मारती हुई दिखाई दी?
Answer
तिस्ता नदी।
Question
तिस्ता नदी लेखिका के साथ किस स्थान से चल रही थी?
Answer
सिलीगुड़ी से।
Question
शिखरों के भी शिखर से गिरने वाले फेन उगलते झरने का क्या नाम था?
Answer
सेवन सिस्टर्स वॉटर फॉल।
Question
लेखिका ने हिमालय को क्या कहकर सलामी देनी चाही?
Answer
"मेरे नगपति, मेरे विशाल"।
Question
प्रकृति के दृश्य लेखिका को किस तरह की अनुभूति करा रहे थे?
Answer
जीवन की अनंतता और ईश्वर के निकट होने की अनुभूति।
Question
पहाड़ों पर पत्थर तोड़ती महिलाओं के हाथों में क्या औजार थे?
Answer
कुदाल और हथौड़े।
Question
पहाड़ी महिलाएँ अपनी पीठ पर बंधी टोकरी (डोको) में किसे रखती थीं?
Answer
अपने बच्चों को।
Question
पहाड़ी महिलाओं द्वारा पत्थर तोड़कर रास्ता बनाने को लेखिका ने क्या कहा?
Answer
मातृत्व और श्रम साधना का एक साथ होना।
Question
सड़क बनाने वाले संगठन BRO का पूरा नाम क्या है?
Answer
बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन।
Question
पहाड़ों पर रास्ता बनाने की प्रक्रिया में सबसे पहले चट्टानों को किससे उड़ाया जाता है?
Answer
डायनामाइट से।
Question
सिक्किम सरकार के बोर्ड पर सड़कों के निर्माण के बारे में क्या संदेश लिखा था?
Answer
"Ever wondered who defied death to build these roads?"
Question
लेखिका ने पहाड़ी महिलाओं की मेहनत की तुलना किनसे की?
Answer
पलामू और गुमला के जंगलों की आदिवासी युवतियों से।
Question
पत्थर तोड़ती महिलाओं के संदर्भ में 'वेस्ट एट रिपेइंग' का क्या अर्थ है?
Answer
समाज को बहुत कम लेकर बहुत अधिक वापस लौटाना।
Question
पहाड़ी बच्चे स्कूल जाने के लिए हर दिन कितनी चढ़ाई चढ़ते हैं?
Answer
तीन से साढ़े तीन किलोमीटर।
Question
पहाड़ी बच्चे स्कूल से लौटकर शाम को क्या काम करते हैं?
Answer
मवेशी चराना, पानी भरना और लकड़ियों के भारी गट्ठर ढोना।
Question
ऊंचाई पर प्राकृतिक रूप से ठंड से रक्षा करने वाले किन जानवरों को देखा गया?
Answer
घने बालों वाले याक।
Question
सिक्किमी महिलाओं द्वारा पहने जाने वाले पारंपरिक परिधान को क्या कहते हैं?
Answer
बाकु (Bakhu)।
Question
लाईयुंग (Lachen) समुद्र तल से कितनी ऊंचाई पर स्थित था?
Answer
१४,००० फीट की ऊंचाई पर।
Question
लेखिका ने लाईयुंग में बर्फ न होने का क्या कारण सुना?
Answer
प्रदूषण के चलते स्नोफॉल का लगातार कम होना।
Question
भारत का 'स्विट्जरलैंड' किस स्थान को कहा गया है?
Answer
कटाओ को।
Question
कटाओ अभी तक टूरिस्ट स्पॉट क्यों नहीं बना था?
Answer
क्योंकि यह अभी तक सुर्खियों में नहीं आया था और अपने प्राकृतिक स्वरूप में था।
Question
कटाओ लाईयुंग से कितनी ऊंचाई पर स्थित था?
Answer
५०० फीट की अतिरिक्त ऊंचाई पर।
Question
कटाओ पहुँचने में लाईयुंग से कितना समय लगता था?
Answer
करीब दो घंटे का सफ़र।
Question
नेपाली भाषा में 'रामरो छो' का क्या अर्थ है?
Answer
अच्छा है।
Question
लाईयुंग की सुबह को लेखिका ने कैसा पाया?
Answer
बेहद शांत और सुरम्य।
Question
लेखिका की सहेली मणि ने स्विट्जरलैंड के बारे में क्या दावा किया?
Answer
कि स्विट्जरलैंड भी कटाओ जितनी ऊंचाई पर और इतना सुंदर नहीं है।
Question
कटाओ के पहाड़ों पर बर्फ देख लेखिका को कैसा महसूस हुआ?
Answer
जैसे किसी ने पहाड़ों पर पाउडर छिड़क दिया हो।
Question
कटाओ में लेखिका ने बर्फ की तुलना किससे की?
Answer
साबुन के झाग की तरह चारों ओर गिरी बर्फ से।
Question
लेखिका के अनुसार ऋषि-मुनियों ने वेदों की रचना कहाँ की होगी?
Answer
हिमालय जैसी विभोर कर देने वाली दिव्यता के बीच।
Question
लेखिका ने हिमालय को 'जल स्तंभ' क्यों कहा है?
Answer
क्योंकि यह सर्दियों में बर्फ के रूप में जल संग्रह करता है और गर्मियों में प्यास बुझाता है।
Question
बॉर्डर एरिया पर चीन की सीमा के पास तापमान कितना था?
Answer
माइनस १५ डिग्री सेल्सियस ($-15^{\circ}C$)।
Question
फौजी छावनी पर लिखे संदेश 'We give our today for your tomorrow' का क्या अर्थ है?
Answer
हम अपना आज तुम्हारे कल के लिए दे रहे हैं।
Question
लेखिका को वैशाख के महीने में भी पाँच मिनट में ठिठुरन कहाँ महसूस हुई?
Answer
बर्फीले पहाड़ी इलाकों में।
Question
युमथांग की घाटियों में कौन से प्रमुख फूल पाए जाते हैं?
Answer
प्रिमुता और रूडोडेंड्रॉ।
Question
मंजिल तक के सफ़र के बारे में लेखिका का क्या अनुभव था?
Answer
मंजिल से कहीं ज्यादा रोमांचक मंजिल तक का सफ़र होता है।
Question
युमथांग में चिप्स बेचने वाली युवती ने खुद को सिक्किमी कहने के बजाय क्या कहा?
Answer
"मैं इंडियन हूँ।"
Question
पहाड़ी कुत्तों की क्या विशेषता लेखिका को पता चली?
Answer
वे भौंकते नहीं हैं, सिर्फ चांदनी रात में ही भौंकते हैं।
Question
युमथांग के पास किस गुरु के पद-चिह्नों वाला पत्थर स्थित है?
Answer
गुरु नानक देव जी के।