हिरन का बलिदान - Questions & Answers
पाठ-बोध1. इन प्रश्नों के उत्तर दें (Answer these questions)
मौखिक
क. गंगातट की ओर कौन जा रहा था ?
उत्तर: गंगातट की ओर लेखक कंधे पर अँगोछा डाले जा रहा था।
ख. मृग-शावक का नाम क्या रखा गया ?उत्तर: मृग-शावक का नाम 'चंचल' रखा गया।
ग. लेखक को सात दिन बाद किसका पत्र मिला ?उत्तर: लेखक को सात दिन बाद अपने मित्र आनंद का पत्र मिला।
घ. सारी शक्ति बटोरकर लेखक क्वाऊ-क्वाऊ क्यों बोलने लगा ?उत्तर: लेखक हिरन-मंडली और विशेष रूप से चंचल को बाघ के आने के प्रति सचेत करने के लिए सारी शक्ति बटोरकर 'क्वाऊ-क्वाऊ' बोलने लगा।
• लिखितक. लेखक ने स्वयं को 'निष्करुण नहीं हूँ' क्यों कहा ? स्पष्ट करें।
उत्तर: लेखक ने स्वयं को 'निष्करुण नहीं हूँ' इसलिए कहा क्योंकि उसका उद्देश्य मृग-शावक का वध करना या उसे नुकसान पहुँचाना नहीं था, बल्कि उसे केवल हिरन के बच्चे को पकड़ने का शौक सवार था।
ख. कोठी पर मृग-शावक क्या-क्या खाता था और क्या-क्या करता था? विस्तार से लिखें।उत्तर: कोठी पर मृग-शावक उद्यान के फल, हरे-भरे शाक और दूध-रोटी खाता था। वह बहुत उपद्रवी हो गया था; कभी वह काम के ज़रूरी कागज़ और पुस्तकें चबा जाता, तो कभी धूप में सूखते हुए कीमती कपड़ों को चीर-फाड़ डालता था।
ग. लेखक हिरन-मंडली की गतिविधियों का निरीक्षण कैसे करते थे ?उत्तर: लेखक एक ऊँचे शिरीष के वृक्ष पर मचान बाँधकर बैठते थे। वे अपने साथ दूरबीन, टॉर्च, मशाल, कुल्हाड़ी और जल लेकर जाते थे और रात भर जागकर हिरन-मंडली की गतिविधियों का निरीक्षण करते थे।
घ. रात्रि में हिरन किस प्रकार अपनी रक्षा करते हैं? अपने शब्दों में लिखें।उत्तर: रात्रि में हिरन समूह बनाकर गंगा के रेतीले मैदान में एकत्र होते हैं। वे एक घेरा बनाते हैं जिसमें सबसे बीच में बच्चे और माताएँ होती हैं, उनके चारों तरफ वृद्ध हिरन और सबसे बाहरी घेरे में युवा हिरन अर्धनिद्रा में पहरा देते हैं। कुछ साहसी मृग दूर झाड़ियों में खड़े होकर खतरे की आशंका होते ही 'क्वाऊ-क्वाऊ' की आवाज़ निकालकर सबको सावधान कर देते हैं।
ङ. चंचल ने अपने पुत्र-कर्तव्य का पालन कैसे किया ? स्पष्ट करें।उत्तर: चंचल ने जब देखा कि बाघ उसकी माँ को अपना लक्ष्य बना चुका है और उसकी माँ के पास बचने का कोई रास्ता नहीं है, तो वह जान-बूझकर बाघ के सामने आ गया। उसने अपने प्राणों की बलि देकर अपनी माँ की जान बचाई और इस प्रकार अपने पुत्र-कर्तव्य का पालन किया।
2. सही उत्तर चुनकर लगाएँक. वसंत ऋतु के बाद किस ऋतु का प्रारंभ होता है ?
उत्तर: ग्रीष्म ऋतु का
ख. लेखक ने चंचल को वापस क्यों छोड़ा ?उत्तर: परिवारवालों के दबाव के कारण
ग. नदी के किनारे रेत पर कितने हिरन रात्रि विश्राम करते थे ?उत्तर: चार-पाँच सौ हिरन
3. आशय स्पष्ट करेंक. उसका नाम मैंने चंचल रखा जो सार्थक ही था।
उत्तर: लेखक का आशय यह है कि हिरन के बच्चे का स्वभाव बहुत ही नटखट और चुलबुला था। वह एक जगह टिक कर नहीं बैठता था और हर समय कुछ न कुछ शरारत करता रहता था, इसलिए 'चंचल' नाम उस पर पूरी तरह से सही बैठता था।
ख. सैकड़ों हिरन एक साथ हवा से बातें करने लगे।उत्तर: 'हवा से बातें करना' एक मुहावरा है जिसका अर्थ है बहुत तेज़ दौड़ना। यहाँ लेखक का आशय है कि जैसे ही लेखक ने खतरे का संकेत दिया, सारे हिरन अपनी जान बचाने के लिए अत्यधिक तीव्र गति से वहाँ से भाग निकले।
4. दिए गए वाक्यों को पढ़कर सही (✓) और गलत (X) लगाएँक. गंगा की धाराओं में बहुत जल भर आया था। ( X ) (पाठ के अनुसार 'कुछ जल' भर आया था)
ख. लेखक मृग-शावक का वध करने की चेष्टा कर रहा था। ( X )
ग. ऊँचे शिरीष के वृक्ष पर मचान बाँधकर लेखक बैठने लगा। ( ✓ )
घ. चंचल जान-बूझकर अपनी माँ को बचाने के लिए बाघ के सामने आ गया था। ( ✓ )
सोचें और लिखें
1. लेखक की जगह आप होते तो चंचल की रक्षा के लिए, क्या रणनीति बनाते ? स्पष्ट करें।
उत्तर: यदि मैं लेखक की जगह होता, तो मैं चंचल को वन में छोड़ने से पहले यह सुनिश्चित करता कि वह अपने समूह द्वारा स्वीकार कर लिया गया है। बाघ को देखकर मैं अपनी टॉर्च की तेज़ रोशनी उसकी आँखों पर डालता या तेज़ आवाज़ करता ताकि वह डरकर भाग जाए और चंचल की जान बच सके।
2. क्या पशुओं में भी प्रेम, ममता, करुणा जैसे भाव होते हैं? अपने शब्दों में लिखें।
उत्तर: हाँ, पशुओं में भी मनुष्यों की तरह प्रेम, ममता और करुणा जैसे गहरे भाव होते हैं। पाठ में चंचल का अपनी माँ को बचाने के लिए खुद के प्राणों की आहुति देना इसकी सबसे बड़ी मिसाल है। पशु भी अपने परिवार और समूह के प्रति वफादार होते हैं और एक-दूसरे की रक्षा के लिए तत्पर रहते हैं।
भाषा-ज्ञान
1. वर्ण-संयोजन कर शब्द लिखें
श् + आ + व् + अ + क् + अ = शावक
ग् + अ + ं + ग् + आ + त् + अ + ट् + अ = गंगातट
म् + ऐ + द् + आ + न् + अ = मैदान
व् + अ + न् + अ + स् + प् + अ + त् + इ = वनस्पति
अ + व् + आ + क् + अ = अवाक
म् + आ + त् + आ = माता
2. वाक्यांशों को एक सही शब्द से जोड़ें
दूर तक देखनेवाला यंत्र: दूरबीन
जिसे किसी की सहायता न मिले: असहाय
शिकार करने में निपुण: शिकारपटु
शरीर पोंछने का कपड़ा: अँगोछा
बिना दया-भाव के: निष्करुण
जो कीमती हो: मूल्यवान
3. पाठ में से चार-चार तत्सम, तद्भव और विदेशी शब्द ढूँढ़कर लिखें
तत्सम:
1. ग्रीष्म 2. मृग 3. पुत्र 4. शक्ति
तद्भव:1. रात 2. बाघ 3. हाथ 4. माँ
विदेशी:1. टॉर्च 2. मचान 3. पत्र 4. कागज़
6. सही विराम-चिह्न लगाएँक. मैं निष्करुण नहीं हूँ ।
ख. फल , हरे-भरे शाक और दूध-रोटी खाकर वह एक महीने में ही हृष्ट-पुष्ट हो उठा ।
ग. वाह ! यह तो कमाल हो गया ।
घ. मृग-शावक को क्या खाना पसंद था ?
ङ. लेखक ने कहा , " मैं वन में जाकर हिरनों के बारे में पता करूँगा । "
7. उदाहरण देखकर समझें और लिखें
मृग-शावक: मृग का शावक (बच्चा)
शिकारपटु: शिकार में पटु (निपुण)
नदी-तालाब: नदी और तालाब
गंगातट: गंगा का तट
हिरनमंडली: हिरनों की मंडली